SP सांसद एसटी हसन के बेतुके बोल:मोदी - योगी कुछ दिन और रहे तो जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, कहा- नाइंसाफी बढ़ती है तो आती हैं आपदाएं

मुरादाबाद6 महीने पहले
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मुरादाबाद के SP सांसद डॉ. एसटी हसन ने बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मोदी - योगी कुछ और दिन रहे तो जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि नाइंसाफी होने पर आपदाएं आती हैं। - Dainik Bhaskar
मुरादाबाद के SP सांसद डॉ. एसटी हसन ने बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मोदी - योगी कुछ और दिन रहे तो जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि नाइंसाफी होने पर आपदाएं आती हैं।

डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के बाद अब मुरादाबाद के SP सांसद डॉ. एसटी हसन ने भी बेतुका बयान दिया है। डॉ. हसन ने कहा है कि, 'मोदी और योगी कुछ दिन और रह जाएं, फिर देश को जनसंख्या नियंत्रण कानून की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। अपने आप जनसंख्या कंट्रोल में आ जाएगी। क्योंक जब नाइंसाफियां बढ़ती हैं तो आपदाएं आती हैं।'

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए सपा सांसद ने कहा- सबने देखा है कि लाखों लोग मरे। कब्रिस्तान और श्मशान में जगह नसीब नहीं हुईं। उन्होंने कहा, 'टू चाइल्ड पॉलिसी भी लोगों के साथ बड़ी नाइंसाफी है।'

जनसंख्या के बड़े फायदे हैं, सरकार को टैक्स मिलता है

डॉ. हसन ने कहा, ज्यादा आबादी होने के अपने फायदे हैं। सारी दुनिया में मंदी आती है। लेकिन भारत में नहीं आती। क्योंकि यहां आबादी ज्यादा है तो करोड़ों वाहन हैं। सरकार बाहर से सस्ता तेल खरीदती है और जनता को महंगा बेचती है। सरकार को टैक्स मिलता है।

70 साल पहले कानून बनता तो मोदी पीएम नहीं हाेते

सपा सांसद ने कहा, 'यदि यह कानून 70 साल पहले बनता तो आज मोदी देश के पीएम नहीं होते।' उन्होंने तंज कसा कि खुद पीएम देखें कि वह कितने भाई - बहन हैं। उन्होंने देश के नेताओं की तरफ भी इशारा किया। कहा- पहले अपने बच्चे गिन लें। उसके बाद जनता को नसीहतें दें।

तो क्या आप बूढ़ा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं

डॉ. हसन ने कहा- सरकार दो बच्चों का कानून बनाकर भारत को बूढ़ा कर देना चाहती है। चीन ने भी यह पॉलिसी लागू की थी और चीन बूढ़ा हो गया था। बोले- हमें जवान हिंदुस्तान चाहिए। ताकि देश की तकदीर हमेशा जवान हाथों में रहे। सपा सांसद ने कहा यदि कानून बनाने की इतनी ही मजबूरी है तो सरकार दाे के बजाए तीन बच्चों का कानून बनाए। इससे देश बूढ़ा होने से बचा रहेगा।

ये पॉलिटिकल स्टंट, मुसलमानों पर फर्क नहीं

डॉ. हसन ने कहा, टू चाइल्ड पॉलिसी भाजपा का चुनावी स्टंट है। तभी इसे ऐसे समय में लाया गया है, जब चुनाव सिर पर हैं। सपा सांसद ने कहा, इस कानून का मुसलमानों पर नहीं बल्कि हिंदुओं पर ही असर पड़ेगा। क्योंकि देश में मुसलमानों की आबादी महज 22 फीसदी है। सरकारी नौकरी में 2 से 4 फीसदी ही मुसलमान हैं। उन्होंने कहा भाजपा इसे मुसलमानों पर डालेगी। क्योंकि वह वोट बैंक की खातिर चुनावों में ध्रुवीकरण चाहती है।

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