MDA के कंप्यूटर ऑपरेटर ने जहर खाया:मुरादाबाद में MDA कर्मी के जहर खाने से अफसरों में खलबली, रिश्तेदार ने कहा- SSP मेरठ रख रहे हैं ख्याल

मुरादाबाद2 महीने पहले
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नौकरी से हटाए जाने पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के आउट सोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर नवल किशोर ने जहर खा लिया। - Dainik Bhaskar
नौकरी से हटाए जाने पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के आउट सोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर नवल किशोर ने जहर खा लिया।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) में 6 साल से आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने मंगलवार रात जहर खा लिया। बताया जा रहा है कि उसे 5 दिन पहले नौकरी से हटा दिया गया था। ऑपरेटर के जहर खाने से MDA में खलबली है। अधिकारी बैकफुट पर हैं और मामले को ठंडा करने की कोशिशें की जा रही हैं।

मुरादाबाद में नवीन नगर निवासी नवल किशोर (40 साल) MDA में आउट सोर्सिंग पर कंप्यूटर ऑपरेटर था। बताया जा रहा है कि 5 दिन पहले उसे प्राधिकरण सचिव सर्वेश कुमार गुप्ता ने काम में लापरवाही करने पर डांटा था। जिसके बाद नवलकिशोर को VC मधुसूदन हुल्गी ने नौकरी से हटा दिया था। तभी से वह प्राधिकरण नहीं जा रहा था। मंगलवार रात उसकी पत्नी पड़ोस में माता के जगराते में गई थी। तभी नवलकिशोर ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।

MDA अफसरों में मच गया हड़कंप

नवलकिशोर को परिजनों ने पहले मुरादाबाद के एक अस्पताल में दिखाया। जहां से उसे रात में ही मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। MDA अफसरों को जब उसके जहर खाने की जानकारी हुई तो खलबली मच गई। मामले को मैनेज करने की कोशिशें शुरू हुईं। रात में ही मुरादाबाद से लेकर मेरठ तक के पुलिस अफसरों को फोन घुमाए गए। अस्पताल जहर खाने जैसी घटनाओं में पुलिस इंफार्मेशन (PI) संबंधित थाने को भेजते हैं। लेकिन अधिकारियों के फोन घनघनाने के बाद इसे रोक दिया गया।

नौकरी वापस, इलाज खर्च भी उठा रहे अफसर

आउटसोर्सिंग कर्मी के जहर खाने का पता चलने पर MDA अफसर किसी भी तरह मामले को ठंडा करने में जुटे हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर नवलकिशोर के साले धर्मपाल ने दैनिक भास्कर को बताया कि नवलकिशोर मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। वह खतरे से बाहर है। धर्मपाल ने बताया कि MDA के VC मधुसूदन हुल्गी और सचिव सर्वेश कुमार गुप्ता समेत तमाम अधिकारी लगातार फोन पर उनका हालचाल ले रहे हैं।

नौकरी से नहीं हटाया, बस डांटा था

अधिकारियों ने इलाज में पूरी मदद करने के साथ ही किसी भी चीज की जरूरत होने पर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। धर्मेंद्र ने कहा कि उनका समझौता हो गया है। बोले- MDA अधिकारियों ने उनसे कहा है कि नवलकिशोर को गलतफहमी हो गई थी। उन्हें काम ठीक से नहीं करने पर डाटा गया था, नौकरी से हटाया नहीं गया था। ठीक होने पर वह वापस काम पर लौट सकते हैं।

SSP साहब रख रहे हैं हमारा ख्याल
मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती नवलकिशोर पर अफसर करीब से नजर बनाए हुए हैं। नवलकिशोर के साले धर्मेंद्र ने बताया कि मेरठ के SSP कई बार फोन करके उनका हालचाल ले चुके हैं। वह उनका पूरा ख्याल रखे हुए हैं। धर्मेंद्र ने कहा कि अधिकारियों की ओर से उनकी पूरी मदद हो रही है। गुरुवार को MDA के कुछ अधिकारी भी मेरठ मेडिकल कॉलेज में हालचाल पूछने जाएंगे।

मामले की जड़ में MDA की इंटरनल राजनीति

जहर प्रकरण की जड़ में एमडीए की इंटनरल राजनीति सामने आ रही है। जिसका टारगेट VC मधुसूदन हुल्गी बताए जा रहे हैं। बता दें कि युवा IAS मधुसूदन हुल्गी की MDA में तैनाती के बाद से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है। जिसे लेकर VC के खिलाफ पेट्रोलपंप एसोसिएशन हड़ताल भी कर चुकी है। ये अवैध निर्माण MDA के इंजीनियरों की मिलीभगत और कुछ अफसरों के संरक्षण में चल रहे थे। इसलिए यह लॉबी भी अंदरखाने VC की मुखालफत कर रही है।

अंदरखाने हो रहा है VC का विरोध

VC ने कई इंजीनियरों के खिलाफ एक्शन लिया तो कुछ इंजीनियरों को ऑफिस निरीक्षण के समय सार्वजनिक रूप से फटकारा। जिससे अंदरखाने उनका विरोध बढ़ता गया। पूर्व उपाध्यक्षों के समय में जरूरत से ज्यादा भर्ती किए गए आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी भी VC ने की है। इसके लिए वह MDA बोर्ड में भी प्रस्ताव लाए थे। प्राधिकरण के गुट VC को अपने - अपने तरीके से चलाने की कोशिशों में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी रस्साकशी में नवलकिशोर काे मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया। ताकि VC पर प्रेशर बनाया जा सके।

VC बोले-कोई इशू नहीं
इस मामले में MDA अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। प्राधिकरण के सचिव सर्वेश कुमार गुप्ता ने इस पर कोई रिएक्शन नहीं दिया। वहीं VC ने ऐसा कोई भी इशू होने से साफ इंकार किया है।

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