मुरादाबाद में भाई ही निकला बूंदी व्यापारी का हत्यारा:​​​​​​​संपत्ति के विवाद में भाई और बहनोई ने मिलकर अमरोहा के शूटरों से कराया था मर्डर

मुरादाबाद6 महीने पहले
मुरादाबाद पुलिस ने बूंदी व्यापारी की हत्या का खुलासा किया है।

मुरादाबाद पुलिस ने 10 दिन पुराने बूंदी व्यापारी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। बूंदी व्यापारी मोनू प्रजापति की हत्या उसी के छोटे भाई सोनू और बहनोई प्रदीप ने कराई थी। पुलिस ने सोनू और भांड़े के 2 शूटरों काे गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है।

SP सिटी अखिलेश भदौरिया ने प्रेस कॉंफ्रेंस करके इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वारदात में शामिल मृतक का बहनोई और 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। एसपी सिटी ने बताया कि हत्या के पीछे संपत्ति का बंटवारा था। जिसे लेकर छोटा भाई और बहनोई उससे रंजिश मानने लगे थे।

पुलिस गिरफ्त में बूंदी व्यापारी का भाई सोनू और दोंनो शूटर। तीनों को को जेल भेज दिया गया।
पुलिस गिरफ्त में बूंदी व्यापारी का भाई सोनू और दोंनो शूटर। तीनों को को जेल भेज दिया गया।

11 जून को आधी रात हुई थी हत्या

हत्या की यह वारदात 11 जून को मुरादाबा के मझोला थाना क्षेत्र में कृष्णा कालोनी ढक्का में हुई थी। रात में करीब पौने 12 बजे बूंदी कारखाना चलाने वाले मोनू प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोनू की पत्नी राजवती ने इस मामले में अपने देवर सोनू पुत्र स्व. पूरन सिंह निवासी कृष्णा कालोनी और ननदोई प्रदीप पुत्र भजनलाल निवासी एकता कालोनी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।

क्या था विवाद

SP सिटी ने बताया कि मोनू और उसका छोटा भाई सोनू पहले साझे में बूंदी का कारखाना चलाते थे। बाद में मोनू ने छोटे भाई को काम से बाहर कर दिया। तब उसकी मां ने उसे दूसरा कारखाना लगवा दिया। इसके बाद से सोनू अपने बड़े भाई मोनू से रंजिश मानने लगा। सोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मोनू ने अपनी कमाई से पटपुरा में एक प्लाट मां के नाम से खरीदा था।

सोनू ने मां से वह प्लाट बिकवाकर उसकी रकम अपने पास रख ली थी।मृतक का कारखाने के बगल में ही एक और प्लाट था। वह भी उसने अपनी मां के नाम से ही खरीदा था। छोटा भाई सोनू इसी भी बिकवा कर पैसे हड़पना चाहता था।

बहनोई के 2 बच्चे लिए थे गोद

शादी के काफी समय तक भी मोनू प्रजापति की पत्नी राजवती को कोई बच्चा नहीं हुआ। इस पर मोनू ने अपने बहनोई प्रदीप निवासी एकता कालोनी के 2 बच्चे गोद ले लिए थे। लेकिन बाद में राजवती को अपने तीन बच्चे हो गए। इसके बाद बहनोई प्रदीप को लगने लगा कि मोनू अब उसके बच्चों (गोद लिए) का ख्याल नहीं रखेगा।

प्रदीप ने अपनी सास पर भी दबाव बनाया कि वह गोद लिए हुए बच्चों के नाम कुछ संपत्ति कर दे। गिरफ्तार सोनू ने पुलिस को बताया कि मां चाहती थी कि सोनू का जो प्लाट उसके नाम पर है वह उसके गोद लिए बच्चे केशव (प्रदीप का बेटा) के नाम कर दे। जबिक सोनू इसके पक्ष में नहीं था।

सोनू तो बड़े भाई के खिलाफ था ही, जब प्रदीप को पता चला कि मोनू अपने बच्चे होने के बाद गोद लिए बच्चों से मुंह फेर रहा है तो वह भी उससे नफरत करने लगा। यहीं से सोनू और प्रदीप ने मिलकर मोनू की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिया।

प्रदीप ने अपने बहनोई से कराई हत्या

प्रदीप पुराना अपराधी है। वह हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है। एसपी सिटी ने बताया कि प्रदीप ने मोनू की हत्या कराने के लिए अपने बहनोई अनिल कुमार पुत्र ईश्वर सिंह निवासी गजरथल नौगावां सादात (अमरोहा) से संपर्क किया। अनिल ने उसे अपने ही गांव के शूटर नवाबुद्दीन उर्फ गोरा पुत्र जफर अली और देवेंद्र सैनी उर्फ भोलू पुत्र चंद्रवंश सैनी से मिलवाया। गजरौला में तिगरिया भूड़ निवासी रोहित सैनी पुत्र सतपाल सैनी को भी वारदात में शामिल किया गया।

भाई समेत 3 गिरफ्तारSP सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में शामिल मृतक के छोटे भाई सोनू प्रजापति,देवेंद्र सैनी उर्फ भोलू और नबाबुद्दीन उर्फ गोरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि मृतक का बहनोई प्रदीप और अनिल कुमार व रोहित सैनी अभी फरार हैं। पुलिस फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी है। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा भी बरामद किया है।

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