• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Moradabad
  • Moradabad's Commissioner Told The DM Only The Poor's House Will Not Be Broken, The Engineers Of The Irrigation Department Who Occupied It Will Also Bear The Brunt

कमिश्नर ने मुरादाबाद के DM से तलब की रिव्यू रिपोर्ट:ध्वस्तीकरण पर कमिश्नर ने DM से कहा- सिर्फ गरीब का घर नहीं टूटेगा, कब्जा कराने वाले सिंचाई विभाग के इंजीनियर भी भुगतेंगे खामियाजा

मुरादाबाद3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने रामगंगा नदी में बने 4000 अवैध मकानों के ध्वस्तीकरण अभियान को फिलहाल रोक दिया है। कमिश्नर ने डीएम से सिंचाई विभाग के उन इंजीनियरों की सूची मांगी है जिनकी शह पर ये अवैध कब्जे और निर्माण हुए। - Dainik Bhaskar
कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने रामगंगा नदी में बने 4000 अवैध मकानों के ध्वस्तीकरण अभियान को फिलहाल रोक दिया है। कमिश्नर ने डीएम से सिंचाई विभाग के उन इंजीनियरों की सूची मांगी है जिनकी शह पर ये अवैध कब्जे और निर्माण हुए।

मुरादाबाद में जिगर कालोनी से लेकर जामा मस्जिद तक रामगंगा में हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर फिलहाल नहीं चलेगा। कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर फिलहाल ध्वस्तीकरण अभियान को रोक दिया गया है। कमिश्नर ने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोककर अभी तक की कार्रवाई की समीक्षा करें। कमिश्नर ने DM से समीक्षा रिपोर्ट तलब की है।

कमिश्नर ने पूछा- कब्जे हो रहे थे तो इंजीनियर क्या कर रहे थे

कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह DM शैलेंद्र कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह अवैध कब्जे कराने में शामिल इंजीनियरों और अधिकारियों को चिन्हित कर उनके नामों की सूची दें। रामगंगा किनारे की 74 मीटर तक की भूमि सिंचाई विभाग की है। यहां नदी से 74 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। लेकिन सिंचाई विभाग, पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट और एमडीए के अभियंताओं की मिलीभगत से नागफनी थाना क्षेत्र में जिगर कालोनी से लेकर बंगला गांव, नवाबपुरा, दसवां घाट, मुगलपुरा थाना क्षेत्र में काली मंदिर, बरबलान, जामा मस्जिद और आगे कटघर रेलवे पुल तक रामगंगा में 74 मीटर के भीतर 4000 से अधिक अवैध निर्माण कर लिए गए।

रामगंगा नदी में जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक बने 400 अवैध मकानों को तोड़ने के लिए 25 अगस्त को जिगर कालोनी से शुरू हुआ था अभियान।
रामगंगा नदी में जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक बने 400 अवैध मकानों को तोड़ने के लिए 25 अगस्त को जिगर कालोनी से शुरू हुआ था अभियान।

सिंचाई विभाग पर लगते रहे हैं उगाही के आरोप

कमिश्नर ने डीएम को निर्देश दिया है कि सिंचाई विभाग के जिन - जिन अभियंताओं की इसमें मिलीभगत रही है, उन सभी को चिन्हित किया जाए। उल्लेखनीय है कि जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक रामगंगा नदी के भीतर हुए इन 4000 अवैध निर्माणों में सिंचाई विभाग, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और एमडीए के इंजीनियरों पर करोड़ों रुपये की उगाही करने के आरोप लगते रहे हैं।

अवैध निर्माण तो जरूर टूटेंगे, बचेंगे इंजीनियर भी नहीं

कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि रामगंगा में जिगर कालोनी से जामा मस्जिद तक जो 4000 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए है वो तो हर हाल में टूटेंगे। इसके साथ ही जिन अधिकारियों और इंजीनियरों की शह पर यह खेल हुआ खामियाजा उन्हें भी भुगतना पड़ेगा। कमिश्नर ने कहा कि पब्लिक की यह मांग जायज है कि जिन अधिकारियों की शह पर अवैध कब्जे हुए उनके खिलाफ भी एक्शन हो।

चक्कर की मिलक के बाद टीम ने बरबलान में ध्वस्त किए थे अवैध निर्माण।
चक्कर की मिलक के बाद टीम ने बरबलान में ध्वस्त किए थे अवैध निर्माण।

कमिश्नर के आदेश की आड़ में हो रहा था खेल

मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि ध्वस्तीकरण अभियान को लीड कर रही टीम उनके आदेश की आड़ में पिक एंड चूज कर रही है। कहीं तोड़ो कहीं छोड़ो के फार्मुले पर अभियान चलने की सूचना मिली तो कमिश्नर ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। सूत्रों का कहना है कि कमिश्नर ने इसके बाद सीधा DM को फोन किया और अभियान को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। बता दें कि ध्वस्तीकरण अभियान को पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए कमिश्नर ने सिंचाई विभाग, एमडीए, नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए थे।

चक्कर की मिलक, बरबलान और नवाबपुरा में चला था अभियान

25 अगस्त को चक्कर की मिलक से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हुआ था। इसके अगले दिन 26 अगस्त को टीम ने बरबलान में तोड़फोड़ की थी। दो दिन के बाद अभियान रोक दिया गया था। इसके बाद 7 सितंबर को टीम ने नवाबपुरा में अभियान चलाया था। अभियान के दौरान पब्लिक की ओर से लगातार यह बात उठ रही थी कि उनके घर तो प्रशासन तोड़ रहा है। लेकिन सिंचाई विभाग के जिन अधिकारियों ने मिलीभगत करके कब्जे कराए उन पर एक्शन नहीं हो रहा है।

7 सितंबर को टीम ने नवाबपुरा में तोड़े थे अवैध निर्माण।
7 सितंबर को टीम ने नवाबपुरा में तोड़े थे अवैध निर्माण।

पारदर्शिता से चलेगा अभियान: कमिश्नर

कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि ध्वस्तीकरण अभियान पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ चलाया जाएगा। अकेले किसी गरीब का घर नही उजाड़ने दिया जाएगा। बल्कि सिंचाई विभाग के उन इंजीनियरों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी, जिनकी शह पर ये कब्जे हुए। डीएम से चिन्हित कर इनके नाम देने को कहा गया है। मंडलायुक्त ने कहा कि जिन अवैध निर्माणों को तोड़ा गया है, उनमें से कई के पास रजिस्ट्री थीं। रजिस्ट्री कराने वाले कौन थे, इस पर भी रिपोर्ट मांगी गई है।

कमिश्नर ने आदेश दिए हैं कि सिंचाई विभाग के जिन इंजीनियरों की शह पर यह अवैध कब्जे हुए उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।
कमिश्नर ने आदेश दिए हैं कि सिंचाई विभाग के जिन इंजीनियरों की शह पर यह अवैध कब्जे हुए उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाए।
खबरें और भी हैं...