पहली बार कैराना पहुंचे गृहमंत्री शाह:हिंदुओं के पलायन वाले इलाकों में अमित शाह ने घर-घर जाकर प्रचार किया

कैराना4 महीने पहले

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को कैराना पहुंचे। उन्होंने यहां पलायन वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की। उनसे पूछा कि अब उन्हें कोई तकलीफ तो नहीं है? गृह मंत्री बनने के बाद शाह का यह पहला कैराना दौरा है।

शाह ने संकरी गलियों में घर-घर पहुंचकर लोगों को पर्चा दिया। उनके साथ अनेक मुस्लिम कार्यकर्ता भी नजर आए। कई कार्यकर्ताओं ने शाह के साथ सेल्फी भी ली।

शाह बोले- पहले लोग पलायन करते थे, अब आत्मविश्वास से भरे हुए हैं
अमित शाह ने कैराना में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की नई लहर दिखाई दे रही है। गरीब के घर में गैस, बिजली, आयुष्मान भारत योजना का कार्ड, हर व्यक्ति को कोरोना का टीका ये सारी योजनाएं अच्छे से लागू की गई हैं। यही कैराना है जहां पहले लोग पलायन करते थे। आज लोग कह रहे हैं कि पलायन करने वाले पलायन कर गए। यानी अब उन्हें कोई भय नहीं है। वे आत्मविश्वास से भरे हैं। शाह ने कहा कि एक जाति के लिए काम करने वाली सरकारों की प्रथा बंद करना है।

शाह ने यहां खुद अपने हाथों से लोगों को पर्चे भी बांटे।
शाह ने यहां खुद अपने हाथों से लोगों को पर्चे भी बांटे।

पलायन का मुद्दा उठाने वाले सांसद की बेटी लड़ रहीं चुनाव
शाह के साथ कैराना में भाजपा उम्मीदवार मृगांका सिंह भी नजर आईं। वे यहां से कैंडिडेट हैं। मृगांका हुकूम सिंह की बेटी हैं। हुकुम सिंह वही सांसद हैं, जिन्होंने सबसे पहले कैराना से हिन्दुओं के पलायन का मुद्दा उठाया था। बाद में यह देश भर की मीडिया की सुर्खियों में रहा। कैराना भाजपा के लिए कितना अहम है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महीने भर पहले योगी आदित्यनाथ भी वहां गए थे।

योगी ने भी वहां पलायन के बाद लौटकर आए परिवारों से मुलाकात की थी। अक्टूबर 2021 में जब शाह लखनऊ आए थे तो उन्होंने भी कहा था कि पलायन करने वाले पलायन कर गए। शाह ने उसी दौरान ये इशारा कर दिया था कि कैराना चुनाव में भी याद किया जाएगा।

ये है कैराना पलायन

मई 2016 में कैराना से तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने वहां से कुछ हिंदुओं के पलायन का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि मुस्लिम दबंगों के चलते हिन्दू परिवार कैराना से पलायन कर रहे हैं। इसको लेकर भी खूब राजनीति हुई थी।

शाह का लोग यहां दरवाजों पर खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं।
शाह का लोग यहां दरवाजों पर खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं।

शाह के प्रचार पर भूपेश बघेल का निशाना

बीते दिनों लखनऊ में भूपेश बघेल को लखनऊ हवाई अड्डे पर रोका गया था। वे प्रचार के लिए पहुंचे थे। यहां उन पर एफआईआर हुई थी। शनिवार को अमित शाह जब कैराना पहुंचे तो बघेल ने उन पर निशाना साधा है।

भूपेश बघेल ने सवाल उठाया है कि एफआईआर सिर्फ कांग्रेस के मुख्यमंत्री पर ही क्यों हो रही है।
भूपेश बघेल ने सवाल उठाया है कि एफआईआर सिर्फ कांग्रेस के मुख्यमंत्री पर ही क्यों हो रही है।

अमरोहा और बिजनौर में नड्डा की बैठक
जेपी नड्डा शनिवार को अमरोहा पहुंच रहे हैं। नड्डा का हेलिकॉप्टर यहां दिल्ली- लखनऊ हाईवे पर रजबपुर स्थित पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के फार्म हाउस पर उतरेगा। यहां मुरादाबाद मंडल की 27 में से 21 विधानसभा सीटों के संगठन से जुड़े अहम लोगों को बुलाया गया है। खास बात यह है कि प्रत्याशियों को इस मीटिंग में नहीं बुलाया गया है।

हर विधानसभा से संगठन से जुड़े 5-5 लोगों की ही इस कार्यक्रम में एंट्री होगी। इसके बाद नड्डा बिजनौर जाएंगे और सरसावा में सिरोही पैलेस में 10 विधानसभा सीटों के संगठन से जुड़े लोगों से मिलेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जेपी नड्डा का सहारनपुर का दौरा रद्द हो गया है।

पलायन के जख्मों से जाट लैंड को साधेंगे शाह
BJP संगठन से जुड़े प्रदेश स्तर के एक नेता का कहना है कि अमित शाह कैराना में पलायन करने वाले परिवारों से मिलेंगे। पहले उनका मेरठ पहुंचने और वहीं रात्रि विश्राम करके पूरे जाटलैंड के चुनाव को साधने का प्रोग्राम था, लेकिन बाद में कार्यक्रम बदला गया। कैराना में अमित शाह के पहुंचने से जाट बेल्ट में हार्ड हिंदुत्व का मैसेज जाएगा। इससे जाट लैंड में कैराना के पलायन के जख्म फिर से उभरेंगे और इसका फायदा BJP को मिल सकता है। शाह कैराना के बाद शामली भी जाएंगे। इसके बाद शाम को मेरठ में पार्टी के चुनिंदा पदाधिकारियों और नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे।

यहां पढ़ें : यूपी की आज की बड़ी खबरें LIVE