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मुल्क से कोरोना के खात्मे की दुआ:बकरीद पर ईदगाह में नहीं हुई नमाज, शहर इमाम ने मस्जिद में 40 लोगों को पढ़ाई नमाज, बाकी लोगों ने घरों पर अता की, हर्षोल्लास से मनाया जा रहा ईदुलजुहा का त्योहार

मुरादाबाद2 महीने पहले
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ईद -उल - अजहा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कोरोना महामारी की वजह से ईदगाह में नमाज नहीं हुई है। शहर इमाम ने मस्जिद में 40 लोगों को नमाज पढ़ाई, बाकी लोगों ने घरों पर नमाज अता की। - Dainik Bhaskar
ईद -उल - अजहा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कोरोना महामारी की वजह से ईदगाह में नमाज नहीं हुई है। शहर इमाम ने मस्जिद में 40 लोगों को नमाज पढ़ाई, बाकी लोगों ने घरों पर नमाज अता की।

ईद उल अजहा का त्योहार पूरे मंडल में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कोविड महामारी की वजह से मुरादबाद में ई्दगाह में बकरीद की नमाज नहीं हुई। मुरादाबाद में नायब शहर इमाम मुफ्ती सैय्यद फहद अली ने इमली वाली मस्जिद मुफ्ती टोला में 40 लोगों को नमाज पढ़ाई।

नमाज के दौरान कोरोना गाइड लाइन का ध्यान रखा गया। शहर की बाकी मस्जिदों में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बकरीद की नमाज हुई। बाकी लोगों ने घरों पर ही नमाज अता की है।

मुल्क और दुनिया से काेरोना के खात्मे की दुआ

ईदगाह में नहीं हुई नमाज
ईदगाह में नहीं हुई नमाज

शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद के घर के सामने स्थित इमली वाली मस्जिद में सुबह 7:30 बजे बकरीद की नमाज हुई। नमाज नायब इमाम सैय्यद फहद अली ने पढ़ाई। इसके बाद शहर इमाम सैय्यद मासूम अली आजाद ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ कराई। मुल्क व दुनिया से काेरोना के खात्मे के लिए भी दुआ कराई गई।

ईदगाह पर मुस्तैद रहे अफसर

ईदगाह पर अफसर मुस्तैद रहे, पैदल भ्रमण किया।
ईदगाह पर अफसर मुस्तैद रहे, पैदल भ्रमण किया।

शहर इमाम ने मंगलवार को ही ऐलान कर दिया था कि कोविड की वजह से ईदगाह पर नमाज नहीं होगी। उन्होंने लोगों से घरों पर ही नमाज पढ़ने के लिए कहा था। इसका असर बुधवार को दिखा। ज्यादातर लोगों ने घरों पर ही नमाज पढ़ी। हालांकि ईदगाह पर DM शैलेंद्र कुमार सिंह और SSP पवन कुमार के साथ ही पूरा पुलिस प्रशासनिक अमला सुबह 6 बजे से ही डटा था।

क्या कहा नायब शहर इमाम ने

नायब शहर इमाम मुफ्ती फहद अली
नायब शहर इमाम मुफ्ती फहद अली

नायब शहर इमाम सैय्यद मुफ्ती फहद अली ने दैनिक भास्कर से कहा कि कोविड की वजह से ईदगाह में नमाज नहीं कराने का ऐलान उन्होंने पहले ही कर दिया था। जामा मस्जिद की क्षमता अधिक है। वहां करीब 10000 लोग एक साथ आ सकते हैं। इसलिए नमाज जामा मस्जिद में अता नहीं कराई गई। क्योकि वहां भीड़ हो सकती थी। नायब इमाम ने कहा कि भीड़भाड़ से बचने के लिए इमली वाली मस्जिद में बकरीद की नमाज अता कराई गई है। यह छोटी मस्जिद है और यहां ज्यादा लोग नहीं आ सकते थे।

नमाज के बाद गले मिलकर दीं मुबारकबाद

नमाज अता करने के बाद लोगों ने कुर्बानी दी और एक दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। निगम की टीमों ने सुबह से ही नालियों की सफाई शुरू कर दी थी ताकि कुर्बानी का खून और औज कहीं नालियों में न फंसे।

रामपुर में जामा मस्जिद में पढ़ाई गई नमाज

रामपुर में जामा मस्जिद में बकरीद की नमाज हुई।
रामपुर में जामा मस्जिद में बकरीद की नमाज हुई।

रामपुर में जामा मस्जिद में मौलवी रेहान खान ने ईदुलजुहा की नमाज अता कराई। यहां करीब 50 लोगों ने सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए नमाज अता की। नमाज के बाद मुल्क व कौम की तरक्की और कोरोना महामारी से निजात दिलाने की दुआ कराई गई।

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