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पंचायती राज मंत्री के जिले की पंचायतों में घोटाला:मुरादाबाद में अफसरों ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर 6 करोड़ का गबन किया, CM योगी के आदेश पर लखनऊ से आई टीम ने पकड़ी गड़बड़ी

मुरादाबाद4 महीने पहले
यूपी के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के गृह जनपद मुरादाबाद की पंचायतों में अफसरों ने 6 करोड़ का घोटाला कर दिया।

प्रदेश के पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह के गृह जनपद मुरादाबाद की पंचायतों में अफसरों ने 6 करोड़ का घोटाला कर डाला। CM के आदेश पर मंगलवार को जांच करने पहुंची शासन की उच्च स्तरीय टीम को भ्रष्टाचार के कई सबूत मिले हैं। इस 5 सदस्यीय दल का नेतृत्व पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव शाहिद मंजर अब्बास रिजवी कर रहे हैं। टीम ने मंगलवार को संबंधित गांवों का दौरा किया।

विशेष सचिव ने दैनिक भास्कर से बातचीत में माना कि पंचायतों की निधि में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कुछ काम ऐसे हैं जो रिकॉर्ड पर तो दिखाए गए हैं, लेकिन मौके पर नहीं मिले।

विकास कार्यों की फर्जी रिपोर्ट बनाकर लिया भुगतान

यह घोटाला जनवरी से मई 2021 के बीच 5 महीने का है। कार्यकाल पूरा होने पर दिसंबर 2020 में ग्राम प्रधानों से अधिकार लेकर ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार प्रशासकों को दे दिए गए थे। ज्यादातर जगहों पर ADO (असिस्टेंट डेवलपमेंट ऑफिसर) पंचायत को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया था। इसी दौरान ADO पंचायत और ग्राम पंचायत सेक्रेटरी ने मिलकर विकास कार्यों की फर्जी रिपोर्ट तैयार की। जिसके आधार पर सरकारी खजाने से रकम निकाल ली गई। इस मामले की शिकायत शासन में होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सदस्यीय जांच दल को मुरादाबाद भेजा है।

घोटाले की शिकायत होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सदस्यीय जांच दल को मुरादाबाद भेजा है।
घोटाले की शिकायत होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सदस्यीय जांच दल को मुरादाबाद भेजा है।

इन 20 गांवों में हुआ 6 करोड़ का घपला
मुरादाबाद के मूंढापांडे और कुंदरकी ब्लॉक की 20 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की फर्जी रिपोर्ट तैयार करके खजाना लूटा गया। इनमें सोनकपुर, रतनपुर कला, मोहम्मदपुर बस्तोर, चांदपुर मंगोल, खड़गपुर बाजे, देवापुर मुस्तकम, दलपतपुर, चमरौआ, वीरपुर वरियार उर्फ खड़ग, सरकड़ा खास, सिरसा खेड़ा, नर खेड़ा, वीरपुर थान, स्योहारा बाजे, लालपुर हमीर, नानपुर, मैनाठेर, कादरपुर मस्त, चक फाजलपुर, इमरतपुर ऊधो शामिल हैं। सबसे अधिक रकम 50 लाख रुपए रतनपुर कला में ठिकाने लगाए गए।

चौंकाने वाली चीजें मिलीं, शासन को देंगे रिपोर्ट

स्पेशल सेक्रेटरी शाहिद मंजर अब्बास रिजवी ने बताया कि जिन गांवों की शिकायतें थीं, उनमें से 2 का उन्होंने खुद निरीक्षण किया है। जबकि बाकी 18 गांवों में विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन के लिए उन्होंने 8 टीमों का गठन किया था। 100 प्रतिशत गांवों का भौतिक सत्यापन करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में चौंकाने वाली चीजें सामने आई हैं। वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं और शासन को सौंपेंगे।

पंचायतों के भौतिक सत्यापन में भी रिकॉर्ड पर दर्शाए गए कई विकास कार्य नदारद थे।
पंचायतों के भौतिक सत्यापन में भी रिकॉर्ड पर दर्शाए गए कई विकास कार्य नदारद थे।

बिना टेंडर मनमाने दामों पर की खरीदारी

स्पेशल सेक्रेटरी ने माना कि जब ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त थे, तब अफसरों ने मनमानी की। नियमानुसार एक लाख रुपए से अधिक की खरीद के लिए टेंडर देना अनिवार्य है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मनमाने दामों पर बिना टेंडर के ही खरीद की गई। इसके अलावा भौतिक सत्यापन में भी रिकॉर्ड पर दर्शाए गए कई विकास कार्य नदारद थे।

कागजों में ही रिबोर हो गए हैंडपंप

स्पेशल सेक्रेटरी मंगलवार को रतनपुर कला में जांच करने पहुंचे। रतनपुर कला में 300 मीटर का नाला रिकॉर्ड पर था, लेकिन मौके पर नाले के अवशेष ही थे। इसी तरह कई स्थानों पर हैंडपंप रिबोर करने का पैसा लिया गया, लेकिन काम कराया ही नहीं गया था। टाइल्स, सोलर लाइट और सड़कों के मामले में भी ऐसे ही खुलासे हुए हैं।

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