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मानसरोवर पैराडाइज को आवंटियों के हवाले करने पर विचार करेगा:मार्च 2022 में खत्म हो जाएगी कम्युनिटी सेंटर की लीज, किराएदार ने लीज बढ़ाने को दी अर्जी, आवंटियों से वसूली जा चुकी है पैराडाइज की कीमत

मुरादाबाद2 महीने पहले
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मुरादाबाद में मानसरोवर योजना में स्थित कम्युनिटी सेंटर मानसरोवर पैराडाइज को एमडीए RWA को देने पर भी विचार करेगा। - Dainik Bhaskar
मुरादाबाद में मानसरोवर योजना में स्थित कम्युनिटी सेंटर मानसरोवर पैराडाइज को एमडीए RWA को देने पर भी विचार करेगा।

MDA (मुरादाबाद विकास प्राधिकरण) के कम्युनिटी सेंटर मानसरोवर पैराडाइज की लीज मार्च 2022 में खत्म हो जाएगी। इस बीच किराएदार मैसर्स वीएन विज एंड अदर्स ने लीज अवधि बढ़ाने के लिए प्राधिकरण में अर्जी दे दी है। इस बार प्राधिकरण कम्यूनिटी सेंटर को RWA (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) को देने पर भी विचार करेगा।

वास्तव में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण इस कम्युनिटी सेंटर की कीमत मानसरोवर योजना के आवंटियों से पहले ही वसूल कर चुका है। कम्युनिटी सेंटर की कीमत को भूखंड की कीमत में जोड़कर वसूल कर लिया गया था। नियमों की बात करें तो योजना विकसित होने के बाद कम्युनिटी सेंटर उस योजना की RWA को संचालि करने के लिए दे दिए जाते हैं। ताकि आवंटी इन सामुदायिक केंद्रों में अपने कार्यक्रमों का आयोजन सिर्फ रख रखाव के खर्च पर कर सकें।

अफसरों की मिलीभगत ने कराए कब्जे

स्पष्ट नियम होने के बाद भी एमडीए के पूर्व अफसरों ने कम्यूनिटी सेंटरों को कौड़ियों में किराए पर दे दिया। लीज की शर्तें किराएदारों के पक्ष में तैयार की गईं। अफसरों और किराएदारों की मिलीभगत का खामियाजा आवंटियों ने भुगता। अपने जिस कम्युनिटी सेंटर में आवंटी 5 से 10 हजार रुपये में फंक्शन कर सकते थे, उसके लिए अब उन्हें 3 से 4 लाख रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।

मानसरोवर पैराडाइज।
मानसरोवर पैराडाइज।

संपत्ति आवंटियों की, MDA को लीज पर देने का हक नहीं

नियमों की बात करें तो जिस संपत्ति की कीमत MDA आवंटियों से वसूल कर चुका है उसे लीज पर देने का उसे अधिकार ही नहीं है। जब कम्युनिटी सेंटरों को किराए पर दिया गया उस समय प्राधिकरण का तर्क था कि योजनाएं सही से विकसित नहीं हुई हैं। जिसकी वजह से यहां रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन नहीं हुआ है। मजबूरन MDA को खुद कर्मचारी तैनात करके कम्युनिटी सेंटर संचालित करने पड़ रहे थे। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। योजनाएं आबाद हो चुकी हैं और इनमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का भी गठन हो चुका है।

RWA को देने पर विचार करेंगे: VC

VC मधुसूदन हुल्गी का कहना है कि मानसरोवर पैराडाइज की लीज मार्च 2022 में खत्म हो रही है। उन्होंने कहा कि किराएदार ने लीज अवधि बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर विचार करते समय RWA के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। VC ने एक चीज स्पष्ट की है कि कौड़ियों में इन संपत्तियों को किराए पर वह नहीं रहने देंगे।

VC मधुसूदन हुल्गी।
VC मधुसूदन हुल्गी।

5643 वर्ग मीटर में बने पैराडाइज किराया महज 83 हजार रुपये महीना

आपको जानकर हैरानी होगी कि शहर की पॉश कालोनी मानसरोवर में 5643 वर्ग मीटर में बने कम्युनिटी सेंटर मानसरोवर पैराडाइज का किराया महज 83000 रुपये महीना है। 1513 वर्ग मीटर का एक भूखंड भी इसके साथ अटैच है। एमडीए ने लीज की शर्ते इस कदर ढीली तैयार कीं कि एमडीए इसे 20 सालों में खाली नहीं करा सका। अब इसे थ्री स्टार होटल के रूप में निजी संपत्ति की तरह संचालित किया जा रहा है। योजना के आवंटियों को यहां कोई छूट नहीं मिलती। एक साथ दो से तीन शादियां इस कम्युनिटी सेंटर में होती हैं और हरेक से औसतन 3 लाख रुपये किराया वसूल किया जाता है। लीज की शर्तें तोड़कर कवर्ड एरिया को बढ़ा दिया गया। मूल स्वरूप को पूरी तरह से बदल दिया गया है। एमडीए ने यहां आवंटियों के लिए जिमनेजियम, स्वीमिंग पूल, आर्ट गैलरी आदि तैयार कराई थी। ये सभी चीजें अब नदारद हैं।

2017 में कनक त्रिपाठी ने निरस्त कर दी थी लीज

2017 में एमडीए की तत्कालीन उपाध्यक्ष कनक लता त्रिपाठी ने मानसरोवर पैराडाइज की लीज निरस्त कर दी थी। उन्होंने 21 अक्तूबर 2017 को मैसर्स वीएन विज एंड अदर्स की लीज को निरस्त कर 15 दिन के भीतर कम्युनिटी सेंटर को एमडीए को हैंडओवर करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ किराएदार ने हाईकोर्ट में रिट की। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद प्रमुख सचिव आवास का दरवाजा खटखटाया था। 6 नवंबर 2019 को प्रमुख सचिव आवास ने लीज निरस्त करने के वीसी के आदेश निरस्त कर दिए और विधिक राय के साथ निस्तारण करने का निर्देश दिया। इसके बाद यह फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। लीज की शर्तों का खुला उल्लंघन करने के बाद भी एमडीए अपने ही कम्युनिटी सेंटर को किराएदार से खाली नहीं करा सका। इसकी लीज 2022 तक पूर्व में MDA अधिकारियों ने गुपचुप ढंग से बढ़ा दी।

रामगंगा विहार में प्राधिकरण का कम्युनिटी सेंटर मिड टाउन क्लब भी किराएदार के कब्जे में।
रामगंगा विहार में प्राधिकरण का कम्युनिटी सेंटर मिड टाउन क्लब भी किराएदार के कब्जे में।

कम्युनिटी सेंटर आवंटियों की संपत्ति, चल रहे होटल और बार

किसी भी योजना के कम्युनिटी सेंटर उस योजना के आवंटियों के लिए होते हैं। नियम कहता है कि योजना विकसित होने के बाद कम्युनिटी सेंटरों को उस योजना के आवंटियों की आवासीय सोसायटी के हैंडओवर कर देना चाहिए। ताकि वह उसे संचालित करें और अपने ब्याह शादी और दूसरे प्रोग्राम में सिर्फ रख रखाव के खर्च पर उसे इस्तेमाल कर सकें। लेकिन रामगंगा विहार में मिड टाउन क्लब और मानसरोवर कालोनी में मानसरोवर पैराडाइज को एमडीए ने कौड़ियों में किराएदारों को दे दिया। अब किराएदार यहां तीन सितारा होटल और बार चला रहे हैं। आवंटियों को अपने प्रोग्राम करने के लिए इन्हें लाखों रुपये देने होते हैं।

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