सड़क पर न्यूड भागी लड़की का सच?:चश्मदीद बोला- मेरे सामने घटना हुई, FIR कराने वाले फूफा बोले- आरोपियों के दबाव में हैं पिता

मुरादाबाद9 दिन पहलेलेखक: उमेश शर्मा

मुरादाबाद में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में नया मोड़ आया गया है। पीड़िता के पिता ने घटना के 21 दिन बाद गवाह बने फूफा और चश्मदीद के खिलाफ FIR दर्ज करवा दिया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ ऐसी कोई वारदात हुई ही नहीं। मंगलवार को ही घटना का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वारदात के बाद लड़की सड़क पर न्यूड हालत में दौड़ती नजर आ रही थी।

सच जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने गैंगरेप पीड़िता के गांव जाकर पड़ताल की। घटना की रिपोर्ट लिखाने वाले उसके रिश्तेदार के गांव में भी दैनिक भास्कर पहुंचा। पीड़ित लड़की के गांव में 1 सितंबर की घटना हर किसी की जुबान पर है। बेशक पीड़िता के पिता और बड़ी बहन अब वारदात से मुकर रहे हैं। लेकिन, चश्मदीद अपने बयान पर कायम हैं।

पीड़ित लड़की खुद भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं
पीड़ित लड़की मानसिक रूप से कमजोर है। खुद कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले उसके रिश्तेदार का कहना है कि आरोपियों ने पहले उन्हें मैनेज करने की कोशिश की, नहीं कर पाए तो रिश्ते के साले को फुसलाकर मामला दबाने में जुटे हैं। SSP हेमंत कुटियाल ने मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं होने की बात कही है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को पीड़ित के बयान लेने के लिए CWC की टीम भी गांव पहुंची।

सबसे पहले फूफा की बात

"मुझे दिनभर थाने पर बैठाया, लालच भी दिया"

भतीजी के साथ गैंगरेप की रिपोर्ट लिखाने वाले पीड़ित के फूफा ने दैनिक भास्कर को घटना के बारे में बताया।
भतीजी के साथ गैंगरेप की रिपोर्ट लिखाने वाले पीड़ित के फूफा ने दैनिक भास्कर को घटना के बारे में बताया।

पीड़िता के फूफा ने बताया, "मेरे साले की बड़ी बेटी, जो अब इस घटना काे झुठला रही है, खुद उसी ने फोन करके मुझे घटना की जानकारी दी थी। उसने फोन पर कहा था कि उसकी छोटी बहन को गांव के 5 लड़के उठा ले गए और जंगल में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। इसके बाद मैं अपनी पत्नी के साथ साले के घर पहुंचा और रिपोर्ट लिखाई।''

उन्होंने बताया, ''मेरे साले को शराब की लत है। आरोपियों ने उन्हें लालच देकर अपने साथ कर लिया है। मुझे भी समझौता कराने के लिए लालच दिया गया था। जब मैं बच्ची को लेकर बयान दर्ज कराने भोजपुर थाने गया था, तो पुलिस ने मुझे पूरे दिन थाने पर बैठाए रखा। पुलिस ने भी आरोपियों से बातचीत कर लेने का दबाव बनाया। बाद में थाने से ग्राम प्रधान के साथ भेज दिया, जिसका खुद का बेटा इस घटना में शामिल था। प्रधान ने मुझे मुरादाबाद ले जाकर जबरन स्टांप पेपर पर दस्तखत कराने की कोशिश की। मुझे समझौते के लिए धमकाया भी गया।"

वीडियो में नजर आ रहा है कि पीड़िता जब सड़क से गुजर रही थी तो आसपास राहगीर और बाइक सवार भी थे।
वीडियो में नजर आ रहा है कि पीड़िता जब सड़क से गुजर रही थी तो आसपास राहगीर और बाइक सवार भी थे।

चश्मदीद ने कहा- मेरी नजरों के सामने हुई घटना
गांव के रईस अहमद का कहना है कि घटना उनकी नजरों के सामने हुई। उन्होंने कहा, "मैं उस वक्त खेत पर पानी चला रहा था। तभी मैंने लड़की के चीखने की आवाज सुनी, तो दौड़कर उधर पहुंचा। मुझे देख कर आरोपी लड़के वहां से भाग गए और लड़की भी बिना कपड़ों के ही घर की ओर दौड़ पड़ी।"

रईस ने कहा, ''अब क्यों इस मामले को झुठलाया जा रहा है, मुझे नहीं पता। जिसे सुबूत चाहिए, वह पेट्रोल पंप और उस रास्ते की दुकानों पर लगे कैमरों में रिकॉर्डिंग चेक कर ले।''

  • अब बड़ी बहन का बयान

"मेरी बहन मुझे मेले में न्यूड मिली थी"

मेरे फूफा आए और मेरी बहन को बहाने से अपने साथ ले जाकर गांव के 5 लोगों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट लिखा दी।
मेरे फूफा आए और मेरी बहन को बहाने से अपने साथ ले जाकर गांव के 5 लोगों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट लिखा दी।

गैंगरेप पीड़िता की बड़ी बहन ने बताया, "1 सितंबर को हमारे गांव में मेला लगा था। मैं अपने मां-पापा के साथ मेला देखने गई थी। मेरी बहन मानसिक रूप से कमजोर है, इसलिए हम उसे घर ही छोड़ गए थे। जब हम मेला देखने के बाद लौट कर घर आए, तो मेरी बहन घर पर नहीं थी। हम उसे ढूंढने गए, तो वो मुझे मेले में न्यूड मिली। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। मैं उसे तुरंत अपने घर ले आई।"

"दुश्मनी निकालने को मेरी बहन का इस्तेमाल किया"
बहन ने बताया, "मेरी बहन के साथ गैंगरेप नहीं हुआ है। वो अपनी खराब मानसिक हालत की वजह से अक्सर अपने कपड़े खुद ही फाड़ लेती है। उस दिन भी यही हुआ होगा। इसीलिए हमने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। लेकिन गांव के रईस अहमद ने मेरे फूफा को 55 हजार रुपए का लालच देकर अपने साथ मिला लिया।''

उसने बताया, ''इसके बाद 7 सितंबर को मेरे फूफा आए और मेरी बहन को बहाने से अपने साथ ले जाकर गांव के 5 लोगों के खिलाफ गैंगरेप की रिपोर्ट लिखा दी। हमें इसकी जानकारी कई दिन बाद हुई। जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है, उनकी रईस से दुश्मनी चल रही है।"

  • अब पढ़िए बुआ क्या कहती हैं

उसने खुद अपने कपड़े कभी नहीं फाड़े

मेरे भाई इस घटना पर पर्दा डालकर बहुत गलत कर रहे हैं। मेरी भतीजी है, इसलिए मुझे लगता है, उसको इंसाफ मिलना चाहिए।
मेरे भाई इस घटना पर पर्दा डालकर बहुत गलत कर रहे हैं। मेरी भतीजी है, इसलिए मुझे लगता है, उसको इंसाफ मिलना चाहिए।

गैंगरेप पीड़ित लड़की की बुआ ने दैनिक भास्कर को बताया, ''मेरी भतीजी ने खुद से अपने कपड़े कभी नहीं फाड़े हैं। वह मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर घर में ही रहती है।'' अपने भाई और बड़ी भतीजी के बयान पर उन्होंने कहा, ''आज इस घटना पर पर्दा डालकर मेरे भाई बहुत गलत कर रहे हैं।''

प्रधान के बेटे को बचाना चाहती है पुलिस
जिन पांच लोगों के खिलाफ भोजपुर थाने में नाबालिग लड़की से गैंगरेप की FIR दर्ज है, उनमें पीड़ित के गांव के प्रधान का बेटा भी शामिल है। पीड़ित के फूफा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उसके गांव के प्रधान बबलू के बेटे नितिन के अलावा कपिल, अजय, नौशे अली और इमरान को नामजद किया गया है।

इनमें से नौशे अली को पुलिस जेल भेज चुकी है, जबकि बाकी 4 आरोपी अभी आजाद हैं। गांव के लोगों ने बताया कि सप्ताह भर पहले भोजपुर पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया था। लेकिन, नौशे के अलावा बाकी सभी को प्रधान के साथ गांव वापस भेज दिया।

रास्ते से अगवा करके किया था गैंगरेप
मुरादाबाद में भोजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 1 सितंबर की शाम मेला देखने गई नाबालिग लड़की को 5 लड़कों ने अगवा कर लिया था। लड़कों ने पास के गांव सैदपुर खद्दर के जंगल में ले जाकर पीड़ित के साथ गैंगरेप किया और उसे निर्वस्त्र हालत में सड़क पर छोड़ दिया था। पीड़ित के फूफा ने 7 सितंबर को SSP से शिकायत की थी।

इसके बाद भोजपुर थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की FIR दर्ज हुई थी। 15 सितंबर को पुलिस ने नामजद आरोपियों में से एक नौशे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को इस घटना का एक वीडियो सामने आया, इसमें गैंगरेप पीड़ित सड़क पर न्यूड अवस्था में दौड़ती नजर आ रही है।

क्या कहती है FIR

1 सितंबर को हुई इस घटना की रिपोर्ट ठाकुरद्वारा के एक गांव में रहने वाले पीड़ित के फूफा ने दर्ज कराई थी। FIR में उन्होंने कहा, "मेरे साले की बेटी, जिसकी उम्र 15 साल है, वह 1 सितंबर की शाम को करीब 7 बजे गांव में ही छड़ी का मेला देखने गई थी। मेले से लौटते समय गांव के ही नितिन, कपिल, अजय, नौशे और इमरान ने दो बाइकों पर उसे जबरदस्ती उठाकर ले गए। सैदपुर खद्दर के जंगल में ले जाकर उन्होंने मेरे साले की बेटी के साथ जबरदस्ती गैंगरेप किया।''

उन्होंने कहा, ''उसकी चीखें सुनकर पास में खेत में पानी चला रहे रईस ने आरोपियों को डांटा फटकारा, तो वे लोग मेरी भतीजी को निर्वस्त्र हालत में छोड़कर वहां से भाग गए। मेरी भतीजी बिना कपड़ों के ही रात को करीब 8 बजे भागकर किसी तरह घर पहुंची। मेरा साला और उसकी पत्नी मंदबुद्धि हैं, इसलिए मेरे साले की बड़ी बेटी ने फोन करके इस घटना की सूचना मुझे दी।"

SSP बोले- लड़का और लड़की का भेद नहीं समझती पीड़िता
मामला तूल पकड़ने के बाद SSP हेमंत कुटियाल ने गुरुवार को फिर से प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा, "पीड़िता लड़की और लड़के का भेद नहीं समझ पाती है। वह न तो अपनी बात कह पा रही थी और न ही मजिस्ट्रेट जो पूछ रहे थे। उसे समझ पा रही थी। इसके बाद हमने लड़की का मेडिकल कराया। इसमें रेप की पुष्टि नहीं हुई है। लड़की के परिवार और गांव के लोगों ने शपथ पत्र दिया है। इसमें किसी घटना से इनकार किया है। जांच में पता चला है कि गांव की राजनीति के कारण घटना का स्वरूप बदलकर उसे इस प्रकार दिखाया गया। मामले की जांच अभी चल रही है।

पिता बोला- बहनोई ने झूठी रिपोर्ट लिखवाई
उधर, गैंगरेप की रिपोर्ट लिखाने वाले फूफा और चश्मदीद के खिलाफ लड़की के पिता ने FIR दर्ज करवाई है। उसने बताया कि 1 सितंबर की शाम को करीब 7 बजे बेटी मेला देखने के लिए घर से अचानक निकलकर चली गई थी। उसको खोजने लिए मैं मेले में गया तो हमें रास्ते में बाइपास पर वह नग्न अवस्था में मिली। उसको लेकर मैं घर आ गए थे। बाद में मेरे बहनोई मेरे घर आए। मेरी गैर-हाजिरी में मेरे गांव के रईस के साथ मिलकर हमें पागल बताकर झूठी रिपोर्ट लिखवा दी।"

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