भ्रष्टाचार में फंसे मुरादाबाद वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसर सस्पेंड:सस्पेंड होने वालों में 2 एडिशनल कमिश्नर, 4 ज्वाइंट कमिश्नर, 4 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 वाणिज्यकर अधिकारी शामिल

मुरादाबाद7 महीने पहले
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भ्रष्टाचार में फंसे वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। - Dainik Bhaskar
भ्रष्टाचार में फंसे वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसरों को निलंबित कर दिया गया है।
  • मुरादाबाद की पूरी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (SIB) को शासन ने सस्पेंड किया

मुरादाबाद वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसरों को शासन ने शुक्रवार देर रात सस्पेंड कर दिया है। निलंबित होने वाले अफसरों में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2, चार ज्वाइंट कमिश्नर, 4 असिस्टेंट कमिश्नर और 4 वाणिज्यकर अधिकारी शामिल हैं। यह सभी विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) में तैनात थे। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने जुलाई 2021 में 2 ट्रकों को जांच के लिए रोका था। बाद में कर चोरी का मामला पकड़े जाने के बावजूद SIB के अफसरों ने ट्रकों को कम अर्थदंड लगाकर छोड़ दिया गया था। शासन द्वारा कराई गई जांच में पूरी SIB टीम का भ्रष्टाचार उजागर हुआ।

इन अफसरों को किया गया सस्पेंड
जिन अफसरों को सस्पेंड किया गया है उनमें एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन अरविंद कुमार, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 अवधेश कुमार सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर SIB संभाग ए अनिल कुमार राम त्रिपाठी, ज्वाइंट कमिश्नर SIB संभाग B चंद्र प्रकाश मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, ज्वाइंट कमिश्नर अनूप कुमार प्रधान, असिस्टेंट कमिश्नर सचल दल कुलीप सिंह प्रथम, असिस्टेंट कमिश्नर सत्येंद्र प्रताप, असिस्टेंट कमिश्नर राकेश उपाध्याय, असिस्टेंट कमिश्नर देवेंद्र कुमार प्रथम, वाणिजयकर अधिकारी नवीन कुमार, वाणिज्यकर अधिकारी विजय कुमार सक्सेना, वाणिज्यकर अधिकारी आशीष माहेश्चरी, वाणिज्यकर अधिकारी हरित कुमार शामिल हैं।

26 लाख की कर चोरी में सस्पेंड हुए अफसर
मामला जुलाई 2021 का है। मुरादाबाद वाणिज्यकर विभाग के सचल दलों ने 26 और 27 जुलाई को माल से लदे 2 ट्रकों को पकड़ा था। जांच में यह बात साबित हो गई कि दोनों ट्रकों में लदे माल में कर चोरी की गई है। लेकिन अफसरों ने इसके बावजूद दोनों ट्रकों को मामूली अर्थदंड लगाकर छोड़ दिया था। शासन स्तर से कराई गई जांच में पता चला कि अफसरों ने एक ट्रक से 10 लाख 97 हजार 705 रुपये और दूसरे ट्रक से 15 लाख 37 हजार 121 रुपये की कर वसूली नहीं की जो नियमानुसार होनी चाहिए थी। इस तरह अफसरों ने भ्रष्टाचार करके सरकार को करीब 26 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया।

शासन ने माना, इस तरह बढ़ेगी कर चोरी
भ्रष्टाचार में लिप्त वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसरों को सस्पेंड कर शासन ने कड़ा संदेश दिया है। शासन ने माना कि जिस प्रकार अफसर कर वसूली के बजाए कर चोरी करा रहा थे, इससे भविष्य में कर चोरी के मामलों को बढ़ावा मिलेगा।