व्यापारी हत्याकांड का ये कैसा खुलासा है SSP साहब:वारदात के वक्त घर में सोते मिले 2 भाइयों को कातिल बनाकर जेल भेजा

मुरादाबाद9 महीने पहले
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व्यापारी कुशांक गुप्ता हत्याकांड में जेल भेजे गए प्रयांशू और हिमांशू। - Dainik Bhaskar
व्यापारी कुशांक गुप्ता हत्याकांड में जेल भेजे गए प्रयांशू और हिमांशू।

मुरादाबाद में 4 दिन पहले हुए व्यापारी कुशांक गुप्ता के सनसनीखेज हत्याकांड का सवालों में घिरा हुआ खुलासा पुलिस ने किया है। पुलिस ने वारदात के वक्त घर में सोते मिले नूरपुर के 2 भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि इन दोनों की नामजदगी कुशांक के पिता ने ही की थी। लेकिन पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि पुलिस की पड़ताल में दोनों भाई बेगुनाह मिले थे।

घटना के कुछ देर बाद ही पुलिस ने दोनों भाइयों प्रयांशू और हिमांशू को नूरपुर स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया था। बुधवार रात से ही पुलिस उन्हें सिविल लाइंस थाने में बैठा रखा था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने घटना के खुलासे की भरसक कोशिश की, लेकिन कड़ियों को जोड़ने में नाकाम रही। लिहाजा पुलिस ने दोनों भाइयों को ही बेहद खामोशी के साथ बिना कोई प्रेस कांफ्रेंस किए जेल भेजकर खुलासे की औपचारिकता निभा दी।

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कुशांक गुप्ता की फाइल फोटो।
कुशांक गुप्ता की फाइल फोटो।

दुस्साहसिक ढंग से की गई थी कुशांक की हत्या
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में अरन्या सिग्नेचर निवासी युवा व्यापारी कुशांक गुप्ता की शहर के पॉश इलाके रामगंगा विहार में खिलौनों और स्पोर्ट्स के सामान की दुकान थी। स्टेडियम के पास सिद्धबली स्पोर्ट्स के नाम से उनकी दुकान थी। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार हमलावरों ने कुशांक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

घटना के समय कुशांक अपनी दुकान बंद करके घर जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी हमलावर उनके सिर पर गोली मार कर फरार हो गए। उन्हें नजदीक के विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने कुशांक को मृत घोषित कर दिया। मामले में कुशांक के पिता अशोक गुप्ता ने नूरपुर में कबीर नगर निवासी प्रयांशू गोयल और उसके भाई हिमांशूु के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने FIR दर्ज कर के रात करीब 1:30 बजे दोनों भाइयों को उनके घर से हिरासत में ले लिया।

अपनी नाकामी छुपाने को जेल भेज दिए गए नामजद

पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अपनी नाकामी छुपाने के लिए दोनों नामजद भाइयों को जेल भेज दिया है। इस मर्डर के सियासी लिंक होने की चर्चाएं भी पहले दिन से ही हैं। पुलिस के इस खुलासे पर इसलिए भी सवाल उठना लाजिमी है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, वह कोई प्रोफेशनल शूटर ही कर सकता है। पुलिस अभी तक गोलीे मारने वाले शूटर को नहीं पकड़ सकी है।

23 को बहन की है शादी

जेल गए प्रयांशू और हिमांशू की मां ने DIG शलभ माथुर को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। गुरुवार को उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा था कि मुरादाबाद की सिविल लाइंस पुलिस बुधवार रात करीब 1:30 बजे नूरपुर में कबीर नगर स्थित उनके घर पहुंची थी। पुलिस घर में सो रहे उनके दोनों बेटों प्रयांशू और हिमांशू को साथ ले गई।

घर में लगे CCTV कैमरों की DVR भी सिविल लाइंस पुलिस अपने साथ ले गई। 23 जनवरी को प्रयांशू की बहन की शादी है।

किसको थी नामजद भाइयों को जेल भिजवाने की जल्दी

इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के पॉलिटिकल कनेक्शन की बात भी पहले दिन से चर्चाओं में है। घटना के तुरंत बाद नामजद FIR होने से लेकर नामजद भाइयों के जेल जाने तक पीड़ित परिवार के कॉन्टेक्ट में रहे लोगों की छानबीन पुलिस को अहम सुराग दे सकती है। घटना के चश्मदीद और कुशांक के पिता अशोक गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई FIR में भारी विरोधाभास है।

दुकान को लेकर हुआ था प्रयांशू से विवाद

नूरपर के जिस प्रयांशू गोयल और उसके भाई हिमांशू को पुलिस ने हत्या में जेल भेजा है वह कुशांक गुप्ता की दुकान में रेस्टोरेंट चलाता था। कुशांक ने प्रयांशू को किराए पर दुकान दी थी। लेकिन करीब महीनाभर पहले दोनों में विवाद हो गया था। कुशांक ने हिमांशू से अपनी दुकान खाली करा ली थी।

दोनों में मारपीट हुई थी और पुलिस ने शांति भंग में मामला निपटा दिया था। रेस्टोरेंट का सामान हटा लेने के बाद भी कुशांक की दुकान पर अभी भी प्रयांशू का ताला पड़ा हुआ था। बताया जाता है कि प्रयांशू ने कुशांक को जान से मारने की धमकी भी दी थी।