बर्मिंघम में दिव्या काकरान ने जीता ब्रांज मेडल:मुजफ्फरनगर की बेटी ने कामन वेल्थ गेम्स में पदक हासिल कर बढाया गौरव, प्रशंसकों में खुशी का माहौल

मुजफ्फरनगर4 महीने पहले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिव्या काकरान।

मुजफ्फरनगर के पुरबालियान की पहलवान दिव्या काकरान ने 68 किग्रा. भार वर्ग में शुक्रवार देर रात हुए मुकाबले में जीत हासिल कर भारत के लिए ब्रांज मेडल प्राप्त कर लिया।कामन वेल्थ गेम्स में भारत की ओर से प्रतिभाग कर रहीं अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान ने पिता सूरज सेन को जीत के लिए आश्वस्त किया था। भारत की झोली में कांस्य के रूप में कुश्ती टीम का छठा पदक डालने पर प्रशंसक काफी खुश हैं।

पिता सूरज पहलवान के साथ अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान।
पिता सूरज पहलवान के साथ अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान।

पिता को दिव्या ने किया था आश्वस्त
मुश्किल हालात में संघर्ष कर सफलता के शिखर पर पहुंचने वाली महिला पहलवान दिव्या काकरान ने बर्मिंघम में कैमरून की एन गिरी को हरायाद्य। शुक्रवार को फोन पर पिता सूरज सेन से दिव्या ने जीत कर आने की बात कही थी। सूरज सेन पहलवान ने बताया कि बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स के लिए दिव्या ने काफी पसीना बहाया है। 68 किलो भार वर्ग में दिव्या अपने प्रतिद्वंदी पहलवान को शिकस्त देने के लिए तैयार हैं।

बर्मिंघम रवाना होने से पहले दिव्या को तिलक करती मां।
बर्मिंघम रवाना होने से पहले दिव्या को तिलक करती मां।

दिव्या की जीत के लिए खूब हुईं दुआ
पिता सूरज पहलवान का कहना है कि परिवार सहित पूरा देश दिव्या की जीत के लिए दुआ करता हर। जब दिव्या के साथ देशवासियों की दुआ जुड़ी तो उसकी सफलता में कोई संश्य नहीं। उन्होने बताया कि शुक्रवार को दिव्या को कांस्य से ही संतोष करना पड़ा।

एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद दिव्या काकरान।
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद दिव्या काकरान।

उन्होने बताया कि गांव वालों का मानना है दिव्या ने जो संघर्ष अपने आप को कुश्ती में स्थापित कराने के लिए किया, उससे देश का गौरव ही बढ़ा। गांव के सुदेश का कहना है कि दिव्या ने जिले की युवा प्रतिभाओं को भी नया रास्ता दिखाया है। उसकी सफलता उभरते पहलवानों के लिए प्रेरणा है।

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