मुजफ्फरनगर.. किशोर की हत्या में बाप-बेटे को उम्रकैद:रंजिश के चलते 2014 में सातवीं में पढ़ने वाले छात्र को चाकू मारा था

मुजफ्फरनगर12 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने सातवीं में पढ़ने वाले छात्र की हत्या के मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

2014 में किया था मर्डर

घटना शामली के थाना बाबरी अंतर्गत कैड़ी गांव की है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार के मुताबिक 2014 में घनश्याम ने चचेरे भाई कुलदीप की हत्या के मामले में गांव के ही 2 लोगों को नामजद कराया था। घनश्याम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि गांव में उसके चाचा बिल्लू के चक से अरविंद शर्मा के चक पर पानी जाता है। उसके चाचा बिल्लू व अरविंद शर्मा के बीच पानी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।

22 अप्रैल 2014 को उसके चाचा बिल्लू का बेटा कुलदीप सातवीं कक्षा की परीक्षा देकर कैड़ी इंटर कॉलेज से घर की ओर लौट रहा था। तभी रास्ते में अरविंद मेडिकल स्टोर के सामने से गुजरते हुए अरविंद शर्मा ने उसे पीछे से पकड़ लिया। आरोप था कि अरविंद ने चिल्लाकर उसके बेटे जॉनी उर्फ श्रीकांत से कहा कि यह लोग बहुत परेशान करते हैं आज इन्हें मजा चखाते हैं। आरोप है कि अरविंद के यह कहते ही उसके बेटे जॉनी उर्फ श्रीकांत शर्मा ने कुलदीप के सीने में चाकू घोप दिया। जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद पिता-पुत्र मौके से फरार हो गए।

इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 10 अशोक कुमार ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने कुलदीप की हत्या के आरोपी अरविंद शर्मा व उसके पुत्र जॉनी उर्फ श्रीकांत को दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।

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