मुजफ्फरनगर के कॉलेज में तमंचा फैक्ट्री:नई बिल्डिंग में शिफ्ट हुआ कॉलेज, पुरानी में तस्करों 315 और 12 बोर के बना रहे थे अवैध हथियार

मुजफ्फरनगरएक वर्ष पहले
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महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री, पुलिस ने रेड ऑपरेशन चलाकर 4 तस्करों को गिरफ्तार किया। - Dainik Bhaskar
महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री, पुलिस ने रेड ऑपरेशन चलाकर 4 तस्करों को गिरफ्तार किया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने अवैध तमंचा फैक्ट्री पकड़ी है। यह तमंचा फैक्ट्री एक इंटर कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में चल रही थी। इसके जर्जर हो जाने के कारण कॉलेज दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। कॉलेज शिफ्ट होने के बाद इमारत में तस्करों ने कब्जा कर लिया था और यहां धड़ल्ले से अवैध हथियार बनाए जा रहे थे।

पुलिस ने मंगलवार को दबिश देकर कॉलेज में तमंचा फैक्ट्री चलाने वाले 4 तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा। इस दौरान पुलिस ने 315, 12 बोर सहित भारी संख्या में तमंचे और कारतूस के साथ अवैध हथियार की पूरी खेप बरामद की।

तमंचा-कारतूस संग मौत का हर एक सामान

जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सोंटा से दूधाहेड़ी जाने वाली सड़क पर महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज था। पुरानी और जर्जर हो चुकी बिल्डिंग में चल रहे कॉलेज को नए जगह शिफ्ट किया गया था। शिफ्ट करने के बाद कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग बंद पड़ी थी। खाली बिल्डिंग को तस्करों ने अपना अड्‌डा बना लिया और अवैध तमंचे की फैक्ट्री शुरू कर दी। तमंचा फैक्ट्री में तमंचा और कारतूस से लेकर मौत का हर सामान तैयार होता था। इन अवैध हथियारों को तस्कर अलग-अलग शहरों में ले जाकर बेचते थे। हथियार बेचने के लिए तस्करों का पूरा रैकेट काम कर रहा था।

पुलिस ने बरामद की अवैध हथियारों की खेप।
पुलिस ने बरामद की अवैध हथियारों की खेप।

500 में तैयार हो रहा था 315 का तमंचा

तमंचा फैक्ट्री में केवल 500 रुपए की लागत में 315 और 12 बोर का तमंचा बनाया जा रहा था। फैक्ट्री में देशी कट्‌टा, देशी मस्कट सहित अन्य हथियार तैयार किए जाते थे। तस्कर कम कीमत में अवैध हथियार बनाकर उसको अधिक कीमतों में बेचते थे। पुलिस ने बताया कि, आरोपी तस्कर एक तमंचे को 2 से 3 हजार रुपए में बेचते थे।

पुलिस ने दबिश देकर 4 तस्करों को गिरफ्तार किया

एसपी सिटी अर्पित विजय वर्गी ने बताया कि महर्षि दयानंद इंटर कालेज की पुरानी बिल्डिंग में तमंचा फैक्ट्री चलने की सूचना मिलने पर पुलिस ने रेड ऑपरेशन चलाया। साथ ही बिल्डिंग के चारों ओर घेराबंदी कर तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने बिल्डिंग से भारी मात्रा में 315 बोर और 12 बोर के दर्जनों तमंचों के साथ देशी मस्कट और देशी हथियार बनाने के सभी उपकरण बरामद किये हैं। पुलिस ने चारो आरोपियों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी कर ली है।

लूट व हत्या का प्रयास सहित दर्ज हैं आधा दर्जन केस

पुलिस ने कॉलेज में तमंचा फैक्ट्री चला रहे चारों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों तस्कर मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। इनमें इकराम पुत्र साजिद निवासी दूधाहेडी थाना मंसूरपुर, नीरज पुत्र रामपाल निवासी जौहरा थाना मंसूरपुर, भीकम सिंह पुत्र राजाराम निवासी कवाल थाना जानसठ व राकेश पुत्र रमेश चंद निवासी अलमासपुर थाना नई मंडी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि नीरज पर लूट, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर जैसी धाराओं में आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों के अपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

महर्षि दयानंद इंटर कालेज की इसी पुरानी बिल्डिंग में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री।
महर्षि दयानंद इंटर कालेज की इसी पुरानी बिल्डिंग में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री।

तमंचा फैक्ट्री से बरामद

  • 3 मस्कट (315 व 12 बोर)
  • 7 तमंचे (315 व 12 बोर)
  • 7 जिन्दा कारतूस (315 व 12 बोर)
  • 10 अधबने तमंचे (विभिन्न बोर के)
  • 1 तमंचे की बॉडी
  • 22 नाल (विभिन्न बोर की)
  • अवैध शस्त्र बनाने के उपकरण
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