मुजफ्फरनगर में तीन सीटों पर सपा नेता चलाएंगे 'नल':विपक्ष को मात देने के लिए सपा-रालोद गठबंधन ने भिड़ाया जातीय फार्मूला

मुजफ्फरनगर7 महीने पहले
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सपा नेताओं के साथ रालोद का अधिक से अधिक आधार वोट बैंक जोड़ने के लिए नल सिंबल थमा दिया गया है। - Dainik Bhaskar
सपा नेताओं के साथ रालोद का अधिक से अधिक आधार वोट बैंक जोड़ने के लिए नल सिंबल थमा दिया गया है।

गठबंधन प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सपा-रालोद दूसरे दलों से एक कदम आगे निकल गए हैं। जिले की तीन सीटों पर रालोद के चुनाव निशान नल पर सपा नेताओं को लड़ाने की घोषणा की गई है। यानी निशान होगा रालोद का, और चुनाव लड़ेंगे सपा नेता। इसके पीछे सीधे-सीधे अधिक से अधिक वोट अर्जित करने की रणनीति है। सपा नेताओं के साथ रालोद का अधिक से अधिक आधार वोट बैंक जोड़ने के लिए नल सिंबल थमा दिया गया है। जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशियों के सामने अब स्वयं की उनकी जाति के तथा गठबंधन दलों का आधारभूत वोट बैंक साधने की चुनौती होगी।

जातीय समीकरण बनाने की मजबूरी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा तथा रालोद के लिए किसी एक वर्ग के मतों से जीत सुनिश्चित कर पाना मुमकिन नहीं लगता। इसलिए दोनों की मजबूरी जातीय समीकरण बनाकर ही चुनाव लड़ने की है। दोनों दल अपना वोट बैंक खिसकने देना भी नहीं चाहते। ऐसे में यदि दोनों दलों के आधार मत इकट्‌ठा हो जाएं तो इससे विपक्ष के लिए चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं दोनों दल जीत सुनिश्चित करने के लिए इससे भी एक कदम आगे निकल रहे हैं। सिंबल के साथ प्रत्याशियों की भी अदला-बदली की जा रही है। गठबंधन ने मीरापुर से चंदन चौहान, खतौली से राजपाल सैनी तथा पुरकाजी से अनिल कुमार को चुनाव लड़ाने की घोषणा की है, दिलचस्प यह है कि तीनों सपा नेता हैं और चुनाव निशान उन्हें नल का आवंटित किया जा रहा है।

चंदन चौहान
चंदन चौहान

मीरापुर में चंदन को 314582 मतों में लगानी होगी सेंध
सपा-रालोद गठबंधन मीरापुर सीट से चंदन चौहान को चुनाव लड़ाने जा रहा है। चंदन चौहान सपा नेता हैं, लेकिन जातीय समीकरण बनाने के लिए उन्हें रालोद यानी नल के निशान पर चुनाव लड़ाया जा रहा है। मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में 314582 मतदाता हैं। इन हालात में चंदन अपने सजातीय गुर्जर मत (लगभग 19 हजार), मुस्लिम (लगभग 1.05 लाख) तथा जाट (लगभग 35 हजार) सहित अन्य मतों में भी सेंधमारी करने का पूरा प्रयास करेंगे। चंदन चौहान ने 2017 का चुनाव सपा के टिकट पर खतौली से लड़ा था, लेकिन वह भाजपा के विक्रम सैनी से हार गए थे।

राजपाल सैनी
राजपाल सैनी

खतौली से राजपाल के सामने मत सहेजने की चुनौती
सपा नेता राजपाल सैनी खतौली से गठबंधन के प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। राजपाल सैनी पुराने सियासी धुरंधर हैं, उन्हें खतौली विधानसभा सीट के 316726 मतदाओं को साधना होगा। हालांकि उनका पूरा दावा सजातीय सैनी मत (लगभग 23 हजार), जाट (लगभग 19 हजार) तथा मुस्लिम (लगभग 87 हजार) सहित अन्य पर मजबूती से रहेगा। राजपाल सैनी पूर्व में विधायक तथा सांसद रह चुके हैं। बसपा सरकार में वह मंत्री भी रहे।

अनिल कुमार
अनिल कुमार

पुरकाजी से अनिल जीत के लिए लगाएंगे पूरे जोर
पुरकाजी सुरक्षित सीट से गठबंधन ने अनिल कुमार को चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। पुरकाजी विधानसभा सीट पर 328292 मतदाता हैं। जिनमें मुस्लिम लगभग 1.05 लाख, जाट लगभग 27 हजार तथा अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 75 हजार बताए जाते हैं। अनिल कुमार पुरकाजी सीट से पूर्व में दो बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उनके सामने इस बार चुनौती सभी वर्ग के मतदाताओं को साधने की रहेगी।

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