मुजफ्फरनगर..दहेज हत्या में पति को उम्रकैद:गर्दन काटकर की गई थी विवाहिता की हत्या, ससुर को 10 और सास को 3 साल की कैद

मुजफ्फरनगर2 दिन पहले
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मुजफ्फरनगर में करीब साढ़े 5 साल पहले विवाहिता की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। शव बोरे में भर कर नाले में फेंक दिया गया था। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने मृतका के ससुर को 10 और सास को 3 साल की कैद की सजा सुनाई।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि विक्रम सिंह थाना ककरौली के गांव खोखनी का रहने वाला है। उसकी बेटी सरिता की शादी 21 अप्रैल, 2016 को सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भगवानपुरी निवासी राजू पुत्र सोमपाल से हुई थी। साड़ी के 7 महीने बाद सरिता की हत्या कर दी गई थी।

थाना सिखेड़ा में विक्रम सिंह ने 12 नवंबर, 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। उसने बताया था कि उसकी बेटी को ससुराल वाले दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर परेशान करते थे। बताया कि वह अपने भाई संतराम के साथ बेटी के घर पहुंचा। तब घर पर ताला लगा था। पड़ोसियों से बताया था कि सरिता की हत्या कर दी गई है। विक्रम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

गन्ने के खेत के पास नाले से मिला था शव

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी राजू को पकड़ लिया था। उसकी निशानदेही पर घटना के 2 दिन बाद भगवानपुरी में गांव सिखेड़ा के समीप गन्ने के खेत में स्थित नाले से बोरे में बंद सरिता का शव बरामद हुआ था। हाथ बांधकर बोरे में ईंट भर शव नाले में फेंक दिया गया था। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामा भरा था।

शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एमआर सिंह ने किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सरिता की गर्दन काटी गई थी। जिससे शरीर से खून बहने के कारण उसकी मौत हुई। शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे।

एफटीसी-एक के जज सुमित पंवार ने सुनाया फैसला

सहायक जिला शासकसीय अधिवक्ता ने बताया कि घटना के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या 1 के जज सुमित पंवार ने की। अभियोजन ने घटना साबित करने के लिए 11 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने विवाहिता के पति राजू को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 8 हजार का जुर्माना भी लगाया गया। बताया कि मृतका के ससुर सोमपाल उर्फ सोपाल को 10 साल की सजा और 7 हजार का जुर्माना लगाया गया। जबकि सास शशि को 3 साल की सजा एवं 3 हजार का अर्थदंड लगाया गया।

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