मुजफ्फरनगर.. वाटर सप्लाई डिस्कनेक्शन पर देना होगा चार्ज:नगर पालिका ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर संस्तुति के लिए कमिश्नर को भेजा

मुजफ्फरनगरएक महीने पहले
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प्रतिकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो।

मुजफ्फरनगर में कागजों में वाटर डिस्कनेक्शन कराकर मुफ्त का पानी पीना अब आसान नहीं रहेगा। यदि कोई बिल से बचने के लिए वाटर सप्लाई डिस्कनेक्ट कराएगा तो उसे चार्ज भुगतना पड़ेगा। उसके बाद पालिका कर्मचारी मौके पर जाकर वाटर सप्लाई डिस्कनेक्ट करेंगे। नगर पालिका ने बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर वाटर डिस्कनेक्शन चार्ज अनिवार्य कर दिया है। प्रस्ताव मंजूरी के लिए कमिश्नर को भेजा गया है। आरसीसी सड़क तोड़कर डिस्कनेक्ट करने पर 990, तारकोल की सड़क तोड़कर 770 व खड़ंजा या टाइल्स की सड़क तोड़कर वाटर सप्लाई डिस्कनेक्ट करने पर 550 रुपये देने होंगे।

नगर पालिका क्षेत्र में आवासीय भवनों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन उसके सापेक्ष शहर में वैध वाटर कनेक्शन काफी कम है। हांलाकि सर्वे में सामने आया था कि अधिकतर घरों में नगर पालिका स्पलाई का पानी प्रयोग किया जा रहा है। जिन आवासीय भवनों में वाटर सप्लाई कनेक्शन लिया गया था। धीरे-धीरे वे भी अपना कनेक्शन डिस्कनेक्ट करा रहे हैं, जबकि नगर पालिका को वाटर सप्लाई के मामले में कोई राहत नहीं मिल रही।

95 हजार घर, वाटर कनेक्शन मात्र 53 हजार

एक आंकलन के अनुसार इस समय नगर पालिका क्षेत्र में 95 हजार से अधिक आवासीय भवन हैं। 2016 में कराए गए सर्वे में शहरी सीमा क्षेत्र में 85 हजार भवन पाए गए थे। यदि पांच वर्ष का आंकलन करें तो प्रति वर्ष बढ़े दो हजार भवनों के आधार पर इस समय शहर में भवनों की संख्या 95 हजार पर पहुंच गई होगी। सर्वे में यह भी सामने आया था कि 99 प्रतिशत भवनों में पालिका सप्लाई का पानी प्रयोग किया जा रहा है। जबकि नगर पालिका जलकल विभाग के रिकार्ड के आधार पर वैध वाटर कनेक्शन की संख्या केवल 53 हजार है। इनमें 44800 शहरी तथा बाकि शहर से सटी ग्रामीण क्षेत्र की कालोनियों में दिये गए हैं।

कनेक्शन लेकर कागजों में करा लेते हैं डिस्कनेक्ट

नगर पालिका जलकल विभाग प्रति घर 30 रुपये प्रतिमाह वाटर यूजर चार्ज लेता है। जबकि यह शुल्क दुकानदारों से 200, व्यवासयिक भवनों से 250 तथा डेयरी संचालको से 300 वसूला जाता है। मिनिमम यूजर चार्ज से बचने के लिए भी कुछ लोग वाटर कनेक्शन कागजों में ही डिस्कनेक्ट करा लेते हैं। लेकिन पालिका ने इस पर भी अंकुश लगाने का मंसूबा बना लिया है। वाटर सप्लाई डिस्कनेक्ट कराने वालों से भी अब शुल्क वसूला जाएगा।

इन्होंने कहा..

वाटर कनेक्शन डिस्कनेक्ट कराने पर पालिका का खर्च आता है। सड़क की मरम्मत व मजदूरी का शुल्क भी बैठता है। शुल्क वसूली से खर्च की भरपाई होगी।

-अंजु अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका

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