मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक:कलेक्ट्रेट के साभागार में हुआ आयोजन, पीएम की फोटो रखी थी नीचे

मुजफ्फरनगर2 महीने पहले
जिला पंचायत बोर्ड बैठक मेंं मंच पर आसीन जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल तथा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और मंच पर जमीन में रखी प्रधानमंत्री की तस्वीर।

मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान प्रधानमंत्री की मंच के नीचे रखी तस्वीर का वीडियो वायरल होने लगा। जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल मंच पर आसीन रहे।

शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित चौ.चरण सिंह सभागार में जिला पंचायत बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल ने की। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल मंच पर आसीन रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन मनाने के लिए लाई गई उनकी तस्वीर को मंच पर जमीन पर रख दिया गया।

बोर्ड बैठक की शुरुआत हो गई।जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल पर विपक्षी सदस्यों ने वार्डों में विकास कार्य नहीं कराये जाने के आरोप लगाए। विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट पर खड़े होकर नाराजगी जताई।

इसके साथ ही वह दूसरे सदस्यों को लेकर मंच पर पहुंचे और मंत्री विधायक के सामने ही अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार करते हुए मानदेय भी लौटा दिया और वापस चले गये।

वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष ने विपक्ष पर विकास में विघ्न डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष काम लेना ही नहीं चाहता, हमने विकास में सबको बराबर रखा है। बैठक में कई विकास प्रस्तावों को हरी झंडी दी गयी और एक विशेष प्रस्ताव सहित कुल 10 प्रस्ताव पारित किये गये।

इनमें 229.54 लाख रुपये की लागत से पांच गांवों में अमृत सरोवर का प्रस्ताव भी शामिल रहा। इस दौरान की बोर्ड बैठक की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। बैठक की कार्रवाई के दौरान लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर मंच पर नजर आई तो बवाल मच गया।

बोर्ड बैठक में करोड़ो के विकास के प्रस्ताव पास

बैठक शुरू होते ही विपक्षी दल के अध्यक्ष सतेन्द्र बालियान ने पंचायत अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अपने साथी सदस्य इरशाद और अंकित बालियान आदि के साथ मिलकर विरोध जताते हुए कहा कि विपक्ष के क्षेत्रों में कार्य नहीं कराया जा रहा है। बाद में वह मंच के सामने पहुंचे और सदस्यों के साथ शोरगुल मचाना शुरू कर दिया।

उन्होंने बैठक के लिए मिलने वाला 1500 रुपये का नकद मानदेय भी अध्यक्ष को लौटाते हुए कहा कि उनको मानदेय नहीं जनता के लिए काम चाहिए। वह काम नहीं मिलने पर विरोध दर्ज कराते हुए विपक्षी सदस्यों के साथ बैठक का बहिष्कार कर चले गये। इसके बाद बैठक की कार्यवाही चली। एएमए जितेन्द्र कुमार ने एजेंडा सामने रखा और चर्चा की।

बैठक में विशेष प्रस्ताव वित्तीय वर्ष 2022-23 विभव एवं सम्पत्ति कर की सूची की स्वीकृति पर विचार किया गया। इसके साथ ही बैठक में कुल 10 प्रस्ताव पारित किए गए। गांव बसीकलां में गोवंश आश्रय स्थल के लिए भूमि देने के लिए बोर्ड ने इंकार कर दिया।

इसके साथ ही 5 करोड़ रुपए की लागत से अपनी गोशाला निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने के कारण इसको विचार के लिए अगली बैठक के लिए स्थगित किया गया।

बैठक में सदस्यों ने इस बात पर ऐतराज जताया कि जिला योजना बनाने में उनसे कोई भी प्रस्ताव नहीं लिया जाता, उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर जिला पंचायत को भेजी गयी 328 करोड़ रुपये की जिला योजना के अनुमोदित करने से इंकार कर दिया।

इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर नई मार्किट बनाने, मार्किट के दिव्यांग किरायेदारों से शुल्क नहीं लेने, कांवड यात्रा में व्यवस्था पर हुए 72 लाख रुपये के खर्च की स्वीकृति, दुकानों में नाम परिवर्तन शुल्क में वृद्धि के प्रस्ताव शामिल हैं।

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