दिव्या का एयरपोर्ट पर ढोल से स्वागत:कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला पहलवान ने जीता है ब्रॉन्ज मेडल; देर रात पहुंची इंडिया

मुजफ्फरनगर2 महीने पहले
बर्मिंघम से दिल्ली एअरपोर्ट पहुंचने पर ब्रांज मेडल जीतने वाली दिव्या का स्वागत किया गया। एअरपोर्ट पर दिव्या काकरान पिता सूरजसेन पहलवान के साथ।

मुजफ्फरनगर के गांव पुरबालियान की महिला पहलवान दिव्या काकरान का सोमवार देर रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। लोग उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे। ढोल बजाकर उनकी कामयाबी का जश्न मनाया। दिव्या ने पदक को देश को समर्पित करते हुए कहा,"उम्मीद है कि ऐसी उपलब्धियां हासिल करती रहूंगी।" पिता सूरज सेन पहलवान ने कहा,"ये देशवासियों का प्यार और सहयोग है, जो दिव्या ये मेडल हासिल कर पाई है।"

शुरुआती विरोध के बावजूद दिव्या इंटरनेशनल गेम्स तक पहुंचीं

स्वदेश पहुंचने पर अपने माता-पिता के साथ दिव्या काकरान।
स्वदेश पहुंचने पर अपने माता-पिता के साथ दिव्या काकरान।

इंग्लैंड में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में दिव्या ने 68 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। इसके बाद गांव पुरबालियान की गलियों से निकलकर दिव्या ने इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा साबित की है। इस सफर में उनके अपने संघर्ष रहे हैं। दिव्या को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें गांव छोड़कर दिल्ली में बसने को मजबूर होना पड़ा।

बावजूद दिव्या ने पहलवानी नहीं छोड़ी। तंग आर्थिक हालात में सूरज सेन पहलवान ने भी बेटी दिव्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई। दिव्या ने भी कमरतोड़ मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। परिवार का सहयोग मिला और देशवासियों की दुआओं से दिव्या ने कुश्ती में अपनी प्रतिभा साबित की। बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स की कुश्ती प्रततियोगिता में ब्रांज मेडल जीतने के बाद दिव्या सोमवार रात 11 बजे बर्मिंघम से दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। वहां पर ढोल नगाड़ों के साथ दिव्या का स्वागत किया गया। इस मौके पर दिव्या के माता-पिता सहित भाई वह मंगेतर भी मौजूद रहे।

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