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अग्निवीर अपनी मर्जी से नहीं छोड़ पाएंगे नौकरी:25% अग्निवीर सेना में जाएंगे, 75% का क्या होगा? पढ़िए अग्निपथ से जुड़े 5 सवालों के जवाब

12 दिन पहलेलेखक: रक्षा सिंह

14 जून को अग्निपथ स्कीम की घोषणा हुई। ऐलान होते ही ये स्कीम सवालों के घेरे में आ गई। सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया। अभी भी उनके मन में इस स्कीम को लेकर कई कंफ्यूजन हैं।

हमने सोशल मीडिया से युवाओं के 5 सबसे ज्यादा पूछे गए सवाल निकाले हैं। आइए उन पांचों सवालों के जवाब जानते हैं। पूरी बात के लिए आप ऊपर लगा वीडियो भी देख सकते हैं।

पहला सवाल अग्निवीरों की सैलरी पर जो सोशल मीडिया पर 100 से ज्यादा बार पूछा गया...

सवाल 1: अग्निपथ योजना में कितने जवानों को सेना में भर्ती होने का मौका मिलेगा? उनका सैलरी पैकेज क्या होगा?

जवाब: पहले साल सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना को मिलाकर 46 हजार जवानों की भर्ती की जाएगी। अगले 4 से 5 सालों में इसे बढ़ाकर 50 से 60 हजार और उसके बाद 90 हजार से 1 लाख 20 हजार भर्तियां की जाएंगी।

पहले साल युवाओं को 30 हजार रुपए महीने पर रखा जाएगा। EPF/PPF प्रोविडेंट फंड को मिलाकर पहले साल अग्निवीर 4.76 लाख रुपए कमा पाएंगे। चौथे साल तक हर महीने की सैलरी 40 हजार रुपए हो जाएगी। यानी EPF/PPF मिलाकर साल भर में 6.92 लाख रुपए। नीचे ग्राफिक में देखिए हर साल अग्निवीरों की सैलरी कितनी होगी।

सैलरी में जितना पैसा काटा जाएगा वो चार साल की सेवा खत्म होने के बाद ब्याज के साथ अग्निवीरों को दिया जाएगा। ये रकम करीब 11 लाख होगी।

सवाल 2: चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे? क्या उन्हें वही सुविधाएं मिलेंगी जो अभी पूर्व सैनिकों को मिलती हैं?

जवाब: सेना में सेवा करने के दौरान अग्निवीरों को हेल्थ सुविधाएं दी जाएंगी, लेकिन 4 साल पूरे कर लेने के बाद उन्हें किसी तरह की पेंशन नहीं दी जाएगी। साथ ही पूर्व सैनिकों को मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी।

4 साल बाद अग्निवीर सेना में परमानेंट जॉइनिंग के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इनमें से योग्यता के आधार पर 25% को रिटेन किया जाएगा। हालांकि, ये तभी होगा जब उस वक्त सेना में भर्तियां निकली हों।

4 साल की सेवा के बाद 75% अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज के तौर पर 12 लाख रुपए दिए जाएंगे। जिससे वो अपना कोई काम शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा 48 लाख का इंश्योरेंस कवर होगा। हालांकि, ये दोनों सुविधाएं उन 25% अग्निवीरों को भी मिलेंगी जिनका सेना में परमानेंट चयन किया जाएगा।

अगर सेवा के दौरान किसी अग्निवीर की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को 48 लाख रुपए दिए जाएंगे।

सवाल 3: अग्निवीरों को किस तरह के प्रमोशन मिल सकते हैं?

जवाब: अग्निवीर एक अलग रैंक है। सिर्फ अग्निवीर रहते हुए उन्हें किसी तरह के प्रमोशन देने का नियम नहीं है।

सवाल 4: ये भर्तियां बस 4 साल के लिए होंगी तो क्या अग्निवीरों को वही सम्मान और पुरस्कार मिलेगा जो जवानों को मिलता है?

जवाब: सेना में मौजूद बाकी जवानों से अलग दिखने के लिए अग्निवीरों को अलग बैच दिए जाएंगे। साथ ही काम के आधार पर उन्हें बाकी सैनिकों जैसा ही सम्मान और पुरस्कार मिलेगा।

इसमें ऑफिसर रैंक के नीचे यानी पर्सनेल बिलो ऑफिसर रैंक या PBOR के तौर पर सैनिकों की भर्ती होगी।

सवाल 5: क्या अग्निवीर 4 साल पूरा होने से पहले सेना छोड़ सकते हैं?

जवाब: नहीं। सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को 4 साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। इस बीच वो अपनी मर्जी से नौकरी नहीं छोड़ सकते।

कुछ स्पेशल कंडीशन में ही अग्निवीर नौकरी छोड़ सकते हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें होने ऑफिसर से परमिशन लेनी पड़ेगी। जो अग्निवीर बीच में नौकरी छोड़ेंगे, उन्हें सेवा निधि का वो हिस्सा दिया जाएगा, जिसमें उनका योगदान है, लेकिन सरकारी हिस्से की रकम उन्हें नहीं मिलेगी।

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