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  • 5 G Internet Will Be Available At The Cost Of 4 G Only; Professor Abhay Karandikar Who Made A Trial Policy Says That No Harms From Radiation

भारत में दिसंबर तक 5G की लॉन्चिंग:4G के दाम पर ही मिलेंगी सर्विसेज; ट्रायल पॉलिसी बनाने वाले एक्सपर्ट ने कहा- टेस्टिंग से बीमारी फैलने का दावा बेबुनियाद

लखनऊ4 महीने पहलेलेखक: हिमांशु मिश्रा
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कोरोना की मुश्किलों के बीच एक अच्छी खबर है। देश में दिसंबर तक 5G सर्विसेज शुरू हो सकती हैं। खास बात ये है कि 4G के रेट पर ही लोगों को 5G की सुविधाएं भी मिल जाएंगी। मतलब आम लोगों की जेब पर इसका कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सर्विस के मामले में 4G के मुकाबले 5G कहीं ज्यादा आगे होगा। लोगों के इंटरनेट की स्पीड 15 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। पलक झपकते ही बड़ी से बड़ी साइज का वीडियो और फिल्म डाउनलोड हो जाएगी।

ट्रायल के लिए नियम बनाने वाले कमेटी के चेयरमैन और IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रो. अभय करंदीकर ने यह जानकारी 'दैनिक भास्कर' से विशेष बातचीत में दी। प्रो. करंदीकर की सिफारिशों पर ही अगले कुछ दिनों के अंदर देशभर में बड़े स्तर पर 5G की टेस्टिंग शुरू होनी है।

5G के क्या-क्या फायदे?

  • इंटरनेट की स्पीड 10 से 15 गुना बढ़ जाएगी।
  • इसकी मदद से कार, स्मार्ट सिटी, रोबोट भी कंट्रोल कर सकेंगे।
  • हॉस्पिटल्स, होटल्स, ट्रैफिक सुविधाओं को ऑनलाइन कंट्रोल किया जा सकेगा।

रेडिएशन से किसी को कोई खतरा नहीं
5G टेस्टिंग से सेहत पर खतरे को लेकर लोग अफवाह उड़ा रहे हैं। इस पर प्रो. करंदीकर ने बताया कि इसके रेडिएशन से कोई नुकसान नहीं होगा। यह नॉन आयोनाइजिंग रेडिएशन पर काम करेगा। इतना जरूर है कि इसके ज्यादा देर इस्तेमाल से मोबाइल गर्म हो सकता है। इस रेडिएशन का यूज एफएम रेडियो, टेलीविजन, पुलिस के वायरलेस सिस्टम के लिए होता है। प्रो. करंदीकर के मुताबिक, 5G की बजाया एक्स-रे और सीटी स्कैन के रेडिएशन से ज्यादा नुकसान होता है। इससे लोग कैंसर से पीड़ित हो सकते हैं।

13 कंपनियों को टेस्टिंग के लिए मंजूरी
दो दिन पहले यानी शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देश में 5G ट्रायल के लिए 13 कंपनियों को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 16 कंपनियों ने एप्लाई किया था। हालांकि, 5G ट्रायल से हुवावे और ZTE जैसी चाइनीज कंपनियों को दूर रखा गया है। 5G ट्रायल के दौरान कंपनियां इसका कॉमर्शियल यूज नहीं कर सकेंगी। केंद्र सरकार ने सख्त हिदायत दी है कि अगर कोई कंपनी ट्रायल के दौरान 5G को कॉमर्शियल करने की कोशिश करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सबसे पहले रिलायंस जियो लॉन्च कर सकती है 5G
भारत में सबसे पहले रिलायंस जियो 5G को लॉन्च कर सकती है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी फर्म क्वालकॉम के साथ मिलकर रिलायंस जियो, अमेरिका में अपनी 5G टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल कर चुकी है। रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमान ने क्वालकॉम इवेंट में कहा था कि क्वालकॉम और रिलायंस की सब्सिडियरी कंपनी रेडिसिस के साथ मिलकर हम 5G टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं, ताकि भारत में इसे जल्द लॉन्च किया जा सके। अभी दुनियाभर में अमेरिका, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड और जर्मनी जैसे देशों के 5G ग्राहकों को 1Gbps इंटरनेट स्पीड की सुविधा मिल रही है।

दो तरह के होते हैं रेडिएशन
रेडिएशन दो तरह के होते हैं। आयोनाइजिंग व नॉन आयोनाइजिंग। एक्सरे व सीटी स्कैन आदि से निकलने वाला रेडिएशन आयोनाइजिंग होता है, जो बॉडी सेल्स को अंदर तक जाकर उसकी संरचना में बदलाव कर सकता है। ये बदलाव कैंसर जैसी बीमारी का प्रमुख कारण है। जबकि मोबाइल फोन का रेडिएशन नॉन आयोनाइजिंग है। यह केवल हीट ही (ताप) पैदा करता है। इससे न तो ह्यूमन सेल्स में कोई बदलाव आता है और न ही ये किसी तरह का नुकसान करते हैं। 5-G टेस्टिंग भी नॉन आयोनाइजिंग रेडिएशन पर ही होगा।

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