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भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत:गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का परिवार सहमा, भाई MP अफजाल अंसारी बोले- पहले गली- मोहल्लों में गैंगवार होती थी, अब जेलों में हो रही; यही UP सरकार की व्यवस्था

विद्या शंकर राय, लखनऊ7 महीने पहले
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गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने जेल में बंद भाई मुख्तार की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की है। - Dainik Bhaskar
गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने जेल में बंद भाई मुख्तार की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की है।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में शुक्रवार को कैदियों के बीच गैंगवार की खूनी वारदात हुई है। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है। पश्चिमी यूपी के गैंगेस्टर अंशु दीक्षित ने मुख्तार अंसारी के खास गुर्गे मेराज और मुकीम काला की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में पुलिस ने एनकाउंर में अंशुल को ढेर कर दिया। मेराज अहमद को बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता था। इसलिए जेल के भीतर हुए इस गैंगवार के बाद यूपी के बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी का परिवार भी सहम गया है। इस घटना के बाद मुख्तार के बड़े भाई और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि पहले गली मोहल्लों, चौराहों पर गैंगवार होती थी, अब जेलों में हो रही है। यही UP सरकार की व्यवस्था है। जब इस तरह की घटनाएं होने लगें तो चिंता बढ़ जाती है।

मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और सांसद अफजाल अंसारी ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान यह बातें कही। अफजाल अंसारी ने कहा कि जेल के भीतर गैंगवार पहली बार सुन रहा हूं। खेत में, गलियों में और सड़कों पर गैंगवार सुनी है लेकिन जेल के भीतर इस तरह की बात पहली बार सुन रहा हूं। ऐसा कहा जाता है कि यूपी में जेल की व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं बावजूद इस तरह की घटनाएं होने से डर का माहौल पैदा हो जाता है।

मुख्तार कई बार उठा चुके हैं अपनी सुरक्षा का मामला

अफजाल अंसारी से यह पूछे जाने पर कि क्या बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर वह और उनका परिवार चिंतित है, इस सवाल के जवाब में अफजाल ने कहा, '' मैं और मेरा परिवार क्या? खुद मुख्तार ही हमेशा पेशी के दौरान और वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाते रहते हैं। जाहिर सी बात है। सुरक्षा को लेकर तो वह खुद ही कई बार बोल चुके हैं।''

चित्रकूट में हुई घटना के बारे में पूछे जाने पर अफजाल ने कहा, ''आज तो ईद का त्यौहार है। सुबह से ही लोग घर पर मिलने के लिए आ रहे हैं। घटना की सूचना आपके ही माध्यम से मिली है। अभी जानकारी करुंगा कि क्या-क्या हुआ है। सरकार दावा करती है कि जेलों की सुरक्षा दुरुस्त है लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की पोल खोलती हैं।''

मनमानी की तो तानाशाहों का अंत नजदीक
इससे पहले भी अफजाल अंसारी ने उस समय चिंता व्यक्त की थी जब मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जेल लाया जा रह था। तब अफजाल असांरी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि यदि वे मनमाने ढंग से कुछ करते हैं, तो ऐसे तानाशाहों के अंत का समय निकट है। तानाशाही खत्म करने के लिए बलिदान की जरूरत है। अगर ऐसा कुछ होता है, तो मैं विचार करूंगा कि तानाशाह सरकार के अंत के लिए मुख्तार की बलि दी गई है।

बांदा जेल में मुख्तार को चाय में जहर दिया गया था
अफजाल ने कहा कि जिस बांदा जेल में मुख्तार को शिफ्ट किया जा रहा है, वहां पहले भी उन्हें चाय में जहर देकर मारने की कोशिश हो चुकी है। उन्हें न्यायपालिका पर तो पूरा भरोसा है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की नीयत पर उन्हें भरोसा नहीं है। हम सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की गुहार लगा चुके हैं।

मुख्तार की एंटीजन रिपोर्ट बुधवार को निगेटिव आई थी
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की एंटीजन टेस्ट में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। वह 24 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि मुख्तार अंसारी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अब उनकी कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। आइसोलेशन बैरक से उन्हें मूल बैरक नंबर-16 में भेज दिया गया। इसके पूर्व जेल के सभी बैरकों को एक बार फिर सैनिटाइज कराया गया है।8

60 दिन की पैरोल पर रिहा हुए 28 विचाराधीन बंदी
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक बार फिर जेल में निरुद्ध 28 विचाराधीन बंदियों को 60 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया है। सात साल या इससे कम सजा वाले करीब सौ और कैदी व विचाराधीन बंदी पैरोल पर रिहा होंगे। उधर, पिछले साल पैरोल पर छोड़े गए सजायाफ्ता व विचाराधीन 41 बंदियों को 90 दिन की पैरोल पर रिहा किया जाएगा।

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