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अखिलेश के हेलिकॉप्टर को दिल्ली से उड़ने की इजाजत नहीं:बोले- ये हारती हुई भाजपा की साजिश है, हम जीत की ऐतिहासिक उड़ान भरने जा रहे हैं

मेरठ8 महीने पहले

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारों में केंद्र की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला किया है। शुक्रवार दोपहर उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हेलिकॉप्टर को दिल्ली में रोक लिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, मेरे हेलिकॉप्टर को अभी भी बिना कोई कारण बताए दिल्ली में रोककर रखा गया है और मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि भाजपा के एक शीर्ष नेता अभी यहां से उड़े हैं। हारती हुई भाजपा की ये हताशा भरी साजिश है। जनता सब समझ रही है…

अखिलेश की यह पोस्ट 2:34 बजे आई। इसके करीब आधे घंटे बाद 3:10 बजे दूसरी पोस्ट आई कि उन्हें उड़ान की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने लिखा, 'सत्ता का दुरुपयोग हारते हुए लोगों की निशानी है… समाजवादी संघर्ष के इतिहास में ये दिन भी दर्ज होगा! हम जीत की ऐतिहासिक उड़ान भरने जा रहे हैं…।'

सपा का दावा- ढाई घंटे रोका गया हेलिकॉप्टर

परमिशन मिलने की सूचना अखिलेश ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।
परमिशन मिलने की सूचना अखिलेश ने सोशल मीडिया पर शेयर की है।

सपा प्रवक्ता मनोज काका का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्राइवेट हवाई जहाज ढाई घंटे के करीब रोका गया और निर्धारित समय पर दिल्ली में पहुंच गए थे। उसके बावजूद भी उनको प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए मुजफ्फरनगर की उड़ान नहीं भरने दी गई, जबकि वहीं से भाजपा के बड़े नेता ने अपनी उड़ान भरी।

मेरठ और मुजफ्फरनगर में होनी थी प्रेसवार्ता

दरअसल, शुक्रवार को सपा-रालोद गठबंधन की पहली संयुक्त प्रेसवार्ता मेरठ और मुजफ्फरनगर दो जिलों में होनी है। अखिलेश और जयंत को पहले मुजफ्फरनगर में 1 बजे साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी, लेकिन वे अब तक वहां नहीं पहुंच पाए हैं।

भाजपा नेता पिछले एक सप्ताह से वेस्ट यूपी में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। ऐसे में अखिलेश-जयंत की संयुक्त वार्ता भाजपा के प्रचार को जवाब देने की तैयारी मानी जा रही थी। एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अखिलेश पर कटाक्ष किए थे। माना जा रहा था कि शुक्रवार को जयंत के साथ अखिलेश भी भाजपा पर हमला बोलेंगे।

मेरठ में हुई थी गठबंधन की पहली रैली

सपा-रालोद गठबंधन की पहली रैली मेरठ के सिवालखास के दबथुवा में सात दिसंबर को हुई थी। इस रैली में सपा के अखिलेश यादव और रालोद मुखिया चौधरी जयंत दोनों नेता पहली बार मंच पर एक साथ थे। गठबंधन के बाद दोनों नेताओं ने पहली बार एक मंच साझा किया। दोनों नेता एक हेलिकॉप्टर से सभास्थल पर पहुंचे थे। उस रैली के बाद दोनों नेताओं की यह पहली संयुक्त प्रेसवार्ता होगी, जो पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में होगी।

टिकटों के बंटवारे को लेकर मिटाएंगे नाराजगी

अखिलेश, जयंत के साथ आने का मकसद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में टिकटों के बंटवारे को लेकर अंदरखाने जो मनमुटाव चल रहा है, उसे दूर करना भी है। दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं में टिकटों के बंटवारे को लेकर नाराजगी है। जाट जयंत से नाखुश हैं, वहीं मुसलमानों में आक्रोश है। जाटों का ये आक्रोश तो सिवालखास, मांट, छपरौली में विरोध के रूप में सामने आ गया। मेरठ में खुद रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस नाराजगी का असर चुनाव पर न हो, इसलिए दोनों नेता कार्यकर्ताओं को समझाएंगे और गठबंधन के लिए वोट मांगने का संदेश देंगे।

अखिलेश को 12.50 पर आना था मुजफ्फरनगर

तय कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव को दिल्ली से 12.15 बजे मुजफ्फरनगर के लिए निकलना था। 1.10 मिनट पर होटल सॉलिटेयर इन में प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। 3.30 बजे अखिलेश यादव और रालोद के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह की मेरठ में कॉन्फ्रेंस होनी थी, लेकिन अब तक अखिलेश 3 घंटे लेट हो गए हैं।