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कल से धर्मस्थलों को खोलने की इजाजत:अमेठी: धर्मगुरुओं और पुजारियों ने कहा- धार्मिक स्थलों को खोलने का यह उचित समय नहीं

अमेठी2 वर्ष पहले
सरकार ने कल से धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दे दी है लेकिन अमेठी के मौलाना और मंदिर के पुजारियों का मत है कि अभी मंदिरों को खोलने का यह सही समय नहीं है।
  • मंदिर के पुजारियों ने कहा- सुबह दो घंटे और शाम को दो घंटे दर्शन की छूट दी जानी चाहिए थी
  • धर्मगुरु बोले- संक्रमण की वजह से अभी जून तक धार्मिक स्थलों को बंद रखना ही उचित होता

उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में बंद हुए धार्मिक स्थल सोमवार से खोलने की एडवाइजरी जारी हुई है। इससे ठीक पहले रविवार को अमेठी के मंदिरों के पुजारी से बात किया। इस दौरान धर्मगुरुओं और मंदिर के पुजारियों ने एक सुर से कहा कि अभी धार्मिक स्थलों को खोलने का फैसला सही नहीं है। धर्मगुरुओं ने कहा कि नमाज के दौरान एक साथ पांच को जाने की इजाजत दी गई है ऐसे में किसे अंदर भेजा जाए किसे नहीं यह एक बड़ी समस्या है।

गायत्री माता के मंदिर के पुजारी पंडित इंद्र देव शर्मा ने कहा- "मेरे हिसाब से सरकार का यह फैसला अभी उचित नहीं है। अगर इसको खोले जाने के लिए अनुमति देनी है तो 2 घंटे सुबह 2 घंटे शाम को ढील दी जा सकती है। लेकिन, पूरे दिन खोलना उचित नहीं है, क्योंकि यह आस्था की बात है। फिलहाल मेरी तरफ से सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।"

जून तक बंद रखना चाहिए धार्मिक स्थल

अमेठी के चौक स्थित जामा मस्जिद के इमाम गुलाम मोहम्मद कादरी से बात की गई तो उन्होंने बताया- " धर्म स्थलों को अभी कम से कम पूरे जून तक बंद रखना चाहिए था। सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिया गया ये फैसला है। सबसे बड़ी समस्या तो हमारे सामने जुमे की नमाज को लेकर है। हम किन पांच लोगों को अंदर करेंगे और 3 को बाहर करेंगे। क्योंकि जमात में नमाज अदा होती है और लगातार बीमारी बढ़ रही है  ऐसे में यह निर्णय  कतई उचित नहीं है। जैसे चल रहा था इसको वैसे ही चलने देना चाहिए था।"

जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने कहा- "कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर-मस्जिद और धार्मिक स्थल को खोलने का कोई प्रश्न ही नहीं उठना चाहिए। जो सरकार ने गाइडलाइन जारी की है उस गाइड लाइन पर पूर्णतया पालन नहीं हो पाएगा। क्योंकि भक्तों को सिर्फ भगवान की भक्ति ही सूझती है। यह उचित समय नहीं है पूरे जून तक कम से कम इस को बंद रखना चाहिए था। जून के बाद इस पर स्थित को देखते हुए निर्णय लिया जाना चाहिए था।  क्योंकि संक्रमण बढ़ रहे हैं और बेतहाशा देश में वृद्धि हो रही है।"