अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारी:राम मंदिर मॉडल के साथ राम दरबार की दिखेगी झलक, 24 घाटों पर जलेंगे छह लाख दिये, 10 हजार वालंटियर्स की होगी कोविड जांच

अयोध्याएक वर्ष पहले
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यह फोटो अयोध्या में राम की पैड़ी की है। अक्सर सूखी रहने वाली राम की पैड़ी इन दिनों अनवरत जल से प्रवाहित है। - Dainik Bhaskar
यह फोटो अयोध्या में राम की पैड़ी की है। अक्सर सूखी रहने वाली राम की पैड़ी इन दिनों अनवरत जल से प्रवाहित है।
  • सरयू तट पर चल रही है दीपोत्सव की तैयारी
  • दीपोत्सव में इस साल खलेगी विदेशी रामलीलाओं की कमी
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्लान फाइनल

अयोध्या में तीन दिवसीय दीपोत्सव की तैयारी तेज हो गई है। राम की पैड़ी पर सजावट और रंगाई-पुताई का काम तेजी से हो रहा है तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी कर ली गई है। राम की पैड़ी पर अनवरत जल प्रवाह शुरू हो गया है। दीपोत्सव के कार्यक्रम को पूरा करने की जिम्मेदारी अवध यूनिवर्सिटी को मिली है। इस बार यहां राम मंदिर निर्माण की झलक भी दिखेगी। 15*25 फीट के आकार का राम मंदिर मॉडल भी रखा जाएगा, जिसे दीपों से सजाया जाएगा। राम दरबार का रेखाचित्र भी प्रदर्शित होगा।

हर एक वालंटियर की होगी कोविड जांच
अवध यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. रवि शंकर सिंह ने बताया कि दीयों को सजाने में 10 हजार वालिंटियर लगेंगे। जिसमें 4 हजार छात्राएं शामिल रहेंगी। वालंटियर के शारीरिक परीक्षण के लिए 25 डाक्टरों की टीम लगाई जा रही है। सरयू नदी के 24 घाटों पर 6 लाख दीयों को सजाकर जलाने वाले वालंटियर की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। साथ में मास्क व सैनिटाइजर उन्हें दिया जाएगा।

विदेशों की रामलीला का मंचन नहीं होगा

वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अयोध्या शोध संस्थान व संस्कृति विभाग ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें इस साल के दीपोत्सव में विदेशी राम लीलाओं की कमी जरूर खलेगी। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा. योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इंटरनेशनल फ्लाइट न शुरू होने के कारण इस साल यहां 6 देशों के राम लीला दल नहीं पहुंच पाएंगे।

संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी राम तीर्थ ने बताया कि 11 नवंबर से ही सांस्कृतिक व रामलीला के कार्यक्रम भजन स्थल पर शुरू होगें। जहां दिल्ली, झारखंड, मुंबई, लखनऊ की रामलीलाओं के साथ सांस्कृतिक दल अपने कार्यक्रम पेश करेंगे। 11 नवंबर को दिल्ली का यश चौहान का राम लीला दल, 12 को ऐशबाग लखनऊ की राम लीला व 13 नवंबर को कविता तिवारी का काव्य पाठ व मुंबई की जुड़वां बहनें लवकुश प्रसंग का प्रस्तुतीकरण करेंगी। मुख्य उत्सव पर मिशन शक्ति को दर्शाने के लिए झारखंड की महिला राम लीला मंडली राम लीला का मंचन करेगी। जिसमें राम कथा के सभी पात्रों को महिला कलाकार ही प्रस्तुत करेंगी।

साकेत कालेज से निकलेंगे रथ

13 नवंबर को दिन में राम कथा के मुख्य प्रसंगों को दर्शाने वाली 11 झांकियां निकलेगी। झांकियों के रथ साकेत कालेज में तैयार किए जा रहें हैं। इसके आगे 21 लोक संगीत के सांस्कृतिक दल चलेंगे। जो देश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन करेंगे।

ऑनलाइन होगी प्रतियोगिताएं

अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि राम कथा पर ऑनलाइन चित्र कला प्रतियोगिता का आयोजन होगा। जिसमें उच्च स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके अलावा प्रभु राम की विश्व यात्रा पर चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें विश्व के कई देशों में होने वाली राम लीलाओं को चित्रों से दिखाया जाएगा। अयोध्या के सरयू तट पर भजन स्थल का निर्माण पूरा हो चुका है। इस साल दीपोत्सव के सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम भजन स्थल पर ही आयोजित होंगे। बताया गया कि राम लीलाओं के साथ ही यहां भजन, अवधी गीत, आल्हा व विविध लोक नृत्य के कार्यक्रम तीन दिवसीय दीपोत्सव में प्रस्तुत किए जाएंगे।