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गाजीपुर:बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, कई करीबियों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया

गाजीपुरएक वर्ष पहले
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गाजीपुर में पुलिस ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों के अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में फतेउल्लापुर में अवैध कब्जे को हटाया गया। - Dainik Bhaskar
गाजीपुर में पुलिस ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों के अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में फतेउल्लापुर में अवैध कब्जे को हटाया गया।
  • पुलिस ने मुख्तार के करीबियों के कब्जे से पांच बीघा जमीन मुक्त कराई है
  • जिले के फतेउल्लाहपुर इलाके में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस और प्रशासन ने शनिवार को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी पर बड़ा एक्शन लिया है। उनके करीबियों के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया है। सदर तहसील के फतेहउल्लाहपुर इलाके में मुख्तार के करीबियों द्वारा 5 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया था।

जिले के फतेहउल्लाहपुर इलाके में विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा बेगम, रिश्तेदार आतिफ रजा समेत मुख्तार के करीबी जाकिर हुसैन, रविन्द्र नारायण सिंह और अनवर शहजाद पार्टनर हैं। यहां मुख्तार के करीबियों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा किया जाना पाया गया। इसके बाद शनिवार शाम को प्रशासन और पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि गांव की कुल 15 बीघा सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से अपना नाम अंकित करा रखा था। इसमें से 5 बीघे जमीन मुख्तार के करीबियों ने हड़प रखी थी। 

उपजिलाधिकारी प्रभास कुमार ने बताया कि जो भी जमीन विकास कंस्ट्रक्शन के कब्जे में हैं, उसका सीमांकन कर झंडी गाढ़ दी गई है। इस संबंध में उच्चअधिकारियों को अवगत कराया गया है।

फतेउल्लापुर में किया गया था अवैध कब्जा

फतेहउल्लापुर गांव स्थित विकास कंस्ट्रक्शन को सईद रजा, विक्की अंसारी, आफसा बेगम आदि संचालित करते हैं। इसमें खाद्यान्न का भंडारण किया जाता है। यह जमीन अभिलेख में ताल के नाम से दर्ज थी। जिसका पट्टा रामदेव निवासी फतेहउल्लापुर के नाम से किया गया था। इसमें 15 बीघा जमीन रामदेव और उनके वारिसान का नाम खारिज कर भू प्रबन्धक समिति को सौंप दिया गया था।

अब मुख्य राजस्व अधिकारी ने पुराने दावे को खारिज कर जमीन को पुनः ताल के नाम पर दर्ज कर दिया। इसके बाद सदर उपजिलाधिकारी प्रभास कुमार, सदर तहसीलदार मुकेश सिंह राजस्व विभाग की टीम और बड़ी संख्या में पुलिसबल के साथ पहुंचे। यहां ताल की जमीन का सीमांकन कर झंडी गाढ़ने की कार्रवाई की गई।