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BJP विधायक का हार्ट अटैक से निधन:कासगंज में अमांपुर विधायक देवेंद्र सिंह क्षेत्र में निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी सीने में तेज दर्द के बाद हुई मौत

लखनऊ18 दिन पहले
विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह।- फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश में कासगंज के अमापुर सीट से भाजपा विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह का सोमवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे 59 साल के थे। बताया जा रहा है कि वे सुबह क्षेत्र में निकलने की तैयार कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा। इसके बाद परिजन उन्हें एटा के अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक के निधन पर शोक जताया है।

कुर्सी पर बैठे थे, तभी हार्ट अटैक पड़ा
एटा के सीएमओ उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विधायक देवेंद्र प्रताप अपने घर अमापुर में कुर्सी पर बैठे थे। तभी उन्हें हार्ट अटैक पड़ा। परिजन तुरंत अस्पताल लेकर आए। लेकिन उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। मौत के बाद कराया गया कोरोना टेस्ट निगेटिव निकला है।

विधायक का पैतृक गांव नगला के उचा गांव के मजरा हाजीपुर में है। विधायक के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

देवेंद्र प्रताप सिंह अपने पीछे दो बेटे और 5 बेटियां छोड़ गए हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे का नाम कृष्णा है। जबकि छोटे बेटे का नाम सूर्य प्रताप सिंह सोनू है। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने फोन पर देवेंद्र प्रताप सिंह के परिजनों से बात कर उनको ढांढस बंधाया है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी परिजनों को सांत्वना दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नजदीक थे
विधायक देवेंद्र सिंह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के काफी नजदीकी थे। देवेंद्र प्रताप सिंह साल 2017 में दूसरी बार विधायक बने थे। साल 2000 में जब एटा और कासगंज जनपद एक ही था, उस समय भाजपा से अलग होकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बनाई थी। तत्कालीन एटा जनपद की सोरों विधानसभा सीट के उप चुनाव में कल्याण सिंह ने देवेंद्र प्रताप सिंह को भाजपा के तत्कालीन उम्मीदवार ब्रजेश के खिलाफ विद्रोही उम्मीदवार के रूप में लड़ाया था। खुद कल्याण सिंह ने एक माह तक देवेंद्र के लिए क्षेत्र में कैंप किया था। देवेंद्र प्रताप सिंह 174 वोटों से जीते थे। साल 2000 में सोरों सीट से भाजपा विधायक ओमकार सिंह के निधन के बाद यहां उप चुनाव हुआ था।

इसके बाद साल 2017 के चुनाव में देवेंद्र सिंह ने भाजपा के टिकट पर सपा उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह सोलंकी को हराया था। देवेंद्र सिंह को 85199 मत मिले थे। वहीं वीरेंद्र सिंह को 43,395 वोट हासिल हुए थे।

डेढ़ साल में भाजपा के 8 विधायकों की मौत, इनमें 3 मंत्री भी
प्रदेश में बीते डेढ़ साल में अब तक 8 विधायकों की मौत हो चुकी है। इनमें 3 मंत्री भी शामिल हैं। देवेंद्र प्रताप सिंह से पहले मुजफ्फरनगर की चरथावल विधानसभा से विधायक विजय कश्यप की कोरोना से मौत हुई थी। वे कैबिनेट में राजस्व व बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री थे।

इसके अलावा रायबरेली के सलोन से भाजपा विधायक दल बहादुर कोरी, बरेली से विधायक केसर सिंह, औरैया सदर से BJP विधायक रमेश दिवाकर, लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक सुरेश श्रीवास्तव, योगी कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण, क्रिकेटर से नेता बने नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान की भी मौत हो चुकी है।

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