फिक्स था जेल में शूटआउट!:चित्रकूट जेल में कैदियों को बंट रहा था चना-गुड़; तभी ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा शूटर अंशु, टारगेट बने मेराज-मुकीम

लखनऊ8 महीने पहले
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुए शूटआउट के मामले में डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुए शूटआउट के मामले में डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है।

चित्रकूट जेल शूटआउट में अब जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी है। मामले की जांच कर रहे अफसरों के कार्रवाई की सूई भी जेल कर्मियों की तरफ घूम गई है। लेकिन वारदात कैसे हुई? कोई अफसर इस पर बात करने को तैयार नहीं है। जेल सूत्रों के मुताबिक सुबह 9:30 बजे जेल के आदर्श कैदी सभी बैरकों में जाकर नाश्ता बांट रहे थे। इसके थोड़ी देर पहले की गणना खत्म हुई थी और ज्यादातर कैदी बैरक से बाहर मैदान में थे।

इसकी वजह से चारों तरफ जेल के सिपाही नजर गड़ाए मुस्तैद थे। इसी दौरान बाल्टी में कच्चा चना और गुड़ लेकर दो कैदी अंशु के बैरक में दाखिल हुए। वह चना देकर जैसे लौटे अंशु ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर मेराज और मुकीम को मौत के घाट उतार दिया। आशंका है कि नाश्ते के साथ ही पिस्टल भी अंशु तक पहुंचाई गई थी। मेराज बनारस जेल से भेजा गया था, जबकि मुकीम काला सहारनपुर जेल से लाया गया था।

मरने को तैयार था अंशु, नहीं किया सरेंडर

पुलिस ने अंशु दीक्षित को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा। बाद में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशु भी मारा गया। वहीं, घटना की जांच और जेल का जायजा लेने के लिए प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार इलाहाबाद रेंज पीएन पांडे रवाना हो चुके हैं। जेल में तलाशी कराई जा रही है। जिलाधिकारी और एसपी मौके पर मौजूद हैं। फिलहाल जेल में शांति और स्थिति नियंत्रण में है।

मुख्यमंत्री ने छह घंटे में मांगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुए शूटआउट के मामले में डीजी जेल से रिपोर्ट मांगी है। कहा कि अगले छह घंटे में कमिश्नर डीके सिंह, डीआईजी के सत्यनारायण और एडीजी जेल संजीव त्रिपाठी इस मामले की जांच कर छह घंटे में पूरी रिपोर्ट करेंगे।

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