पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

महामारी के मुनाफाखोरों के खिलाफ संत:वृंदावन में भगवताचार्य धरने पर बैठे, बोले- अस्पताल वाले मरीजों को लूट रहे, CM ने भी नहीं सुनी आवाज तो आगे आया

मथुराएक महीने पहले
वृंदावन में धरने पर बैठे संत।

कोरोना काल मे हर कोई परेशान है। कोरोना मरीजों को बचाने में जहां डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी दिन रात किए हुए हैं। वहीं कुछ ऐसे भी अस्पताल हैं जहां इलाज के नाम पर लाखों रुपए वसूले जा रहे हैं। अस्पतालों में हो रही इस अवैध वसूली की शिकायत जब शासन-प्रशासन ने नहीं सुनी तो वृंदावन में एक भगवताचार्य आगे आए हैं। उन्होंने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

सामाजिक संस्था धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश महाराज वैसे तो लोगों को सनातन धर्म के बारे में बताकर भगवान की कथा सुनाते हैं। श्रीमद् भागवत के प्रवक्ता हैं। लेकिन इन दिनों वे कोरोना काल में कोरोना के मरीजों से निजी अस्पतालों में हो रही बेतहाशा अवैध वसूली से नाराज और आहत हैं। आचार्य बद्रीश ने इस अवैध वसूली के विरोध में मोर्चा खोल दिया और आमरण अनशन शुरू कर दिया है। परिक्रमा मार्ग स्थित अपने आश्रम पर ही आमरण अनशन कर रहे आचार्य बद्रीश को उनके संगटन धर्म रक्षा संघ और कुछ अन्य संत, भागवत प्रवक्ताओं का साथ मिला है।

तीमारदारों से हुई बदसलूकी से आहत हो कर उठाया कदम

आचार्य बद्रीश ने कहा कि जिस तरीके से वर्तमान में निजी अस्पताल कोरोना मरीज और उनके तीमारदारों से जमकर अवैध वसूली कर रहे हैं उससे आहत हो कर उन्होंने आमरण अनशन करने का मन बनाया और आमरण अनशन पर बैठ गया। आचार्य बद्रीश ने कहा कि जब तक ऐसे अस्पतालों को जो इलाज के नाम पर निरीह मरीजों से लूटपाट में लगे हैं, प्रशासन के द्वारा सही रास्ते पर नहीं लाया जाएगा तब तक यह आमरण अनशन जारी रहेगा।

सीएम, डीएम सभी को दी सूचना

अस्पतालों के इस मनमाने रवैए और जमकर हो रही अवैध वसूली की शिकायत आचार्य बद्रीश मुख्यमंत्री, जिला अधिकारी सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कर चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने आमरण अनशन की भी सूचना शासन-प्रशासन को दे दी है।

खबरें और भी हैं...