UP में 'ताउ ते' का असर:कानपुर-जालौन समेत 5 शहरों में जोरदार बारिश, सड़कें डूबीं; अगले दो दिन वेस्ट और सेंट्रल यूपी के 23 जिलों में भारी बरसात और बिजली गिरने का अलर्ट

लखनऊ8 महीने पहले
यह फोटो कानपुर की है। यहां बुधवार को सुबह से रुक-रुक बारिश हो रही है। इस दौरान सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए।

तूफान ताउ-ते ने उत्तर प्रदेश का मौसम बिगाड़ दिया। लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, सुल्तानपुर और जालौन समेत 5 शहरों में जमकर बारिश हुई। वहीं, 27 शहरों में रुक-रुककर दिनभर बरसात होती रही। इस दौरान कई जगह 40 किमी की स्पीड से तेज हवाएं भी चलीं।

मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो दिन पश्चिमी यूपी के 16 और सेंट्रल यूपी के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली भी गिरने की आशंका हैं। यानी 21 मई तक प्रदेश का मौसम बिगड़ा ही रहेगा। इस बारिश से सब्जियों और आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, 20 मई को आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, हरदोई और सीतापुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 21 मई को पीलीभीत, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, शाहजहांपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

कानपुर: 12 घंटे में 24 मिमी बारिश
कानपुर में सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। बुधवार शाम 6 बजे तक 24 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके चलते न्यूनतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो कि सामान्य से 8 डिग्री कम है। आने वाले तीन दिन शहर का मौसम ऐसे ही रहने की संभावना जताई है।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ. खलील ने बताया की इस समय रबी की फसल कट चुकी, लेकिन खरीफ की फसल में फूल आना शुरू हुए हैं। इसलिए ज्यादा बारिश इनको नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, तेज बारिश ने खोली स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी है। नालों की सफाई न होने से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। जूही पुल की सड़कें पानी से लबालब भर गई। कई जगह नालों और ड्रेनेज का गंदा पानी घरों में भर गया।

जालौन: 30 मिनट की बारिश से लबालब हुई सड़कें
बुधवार की देर शाम जालौन में करीब आधे जमकर बारिश हुई। इससे पूरे शहर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। पानी की निकासी न होने के कारण लोगों को आवागमन में खासा परेशानी का सामना करना पड़ा है।

जालौन शहर के मुख्य मार्ग की नालियों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। जिस कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती है और नालियां पानी तथा कूड़े से पटी रहती हैं। जहां से पानी की निकासी न होने के कारण थोड़ी ही बारिश में हालात बाढ़ जैसे बन जाते हैं।
जालौन शहर के मुख्य मार्ग की नालियों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। जिस कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती है और नालियां पानी तथा कूड़े से पटी रहती हैं। जहां से पानी की निकासी न होने के कारण थोड़ी ही बारिश में हालात बाढ़ जैसे बन जाते हैं।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ बरसे बादल
महोबा, हमीरपुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बदायूं, कन्नौज, एटा, हाथरस, मथुरा, अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद और बरेली में बारिश हुई। हालांकि तूफान का असर पूरे उत्तर प्रदेश में देखने को मिला।

वेस्ट यूपी में बदला मौसम, रात से ही शुरू हुई बारिश

मेरठ में सुबह से बारिश का दौर जारी है।
मेरठ में सुबह से बारिश का दौर जारी है।

पश्चिमी यूपी में मंगलवार रात से ही ताऊ ते तूफान का असर देखने को मिला। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बारिश भी हुई। लेकिन बुधवार को दिनभर बारिश और ठंडी हवाएं चलती रहीं। और बूंदाबादी हुई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि ताऊ ते के आने से इस बार मई में ही बारिश का रिकॉर्ड टूट सकता है। मेरठ में अब तक मई में 24.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

यह फोटो प्रतापगढ़ की है। यहां मंगलवार रात से ही बारिश हो रही है। इससे जलभराव के साथ ही पेड़ टूटकर गिर गए।
यह फोटो प्रतापगढ़ की है। यहां मंगलवार रात से ही बारिश हो रही है। इससे जलभराव के साथ ही पेड़ टूटकर गिर गए।

कई जिलों में सुधरा AQI
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. यूपी शाही का कहना है कि भारी बारिश के कारण सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। इसके लिए किसान खेतों में पहले ही पानी की निकासी के लिए नालियां बना कर अपनी फसल बचा सकते हैं। मेरठ में एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) स्तर 226 से घटकर मंगलवार को 156 दर्ज किया गया। बागपत का एक्यूआई 151, गाजियाबाद का 117, मुजफ्फरनगर का 205 एक्यूआई दर्ज किया गया।

गोरखपुर: गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी

मंगलवार से ही गोरखपुर में धूप की तल्खी कम हो गई। न सूरज के दर्शन हुए और न ही अधिक गर्मी ही महसूस हुई।
मंगलवार से ही गोरखपुर में धूप की तल्खी कम हो गई। न सूरज के दर्शन हुए और न ही अधिक गर्मी ही महसूस हुई।

मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव क्षेत्र के कारण इसका असर सतना, मिर्जापुर, इलाहाबाद, बनारस, गोरखपुर होते हुए झारखंड में दिखा। इस कम दबाव के क्षेत्र की वजह से गोरखपुर के ऊपर बादल छा गए। पूरे दिन बादल छाए रहने की वजह से मौसम सुहाना बना रहा। इसका असर 19 और 20 मई तक ऐसे ही बना रहेगा। गोरखपुर सहित कई स्थानों पर गरज के साथ हल्की बारिश की भी संभावना है।

यह फोटो लखनऊ की है। सुबह आसमान में काले बादल छाए तो अंधेरा हो गया।
यह फोटो लखनऊ की है। सुबह आसमान में काले बादल छाए तो अंधेरा हो गया।
यह फोटो लखनऊ की है। यहां मंगलवार सुबह से बूंदाबांदी का दौर शुरु हुआ, जो बुधवार की शाम तक जारी रहा।
यह फोटो लखनऊ की है। यहां मंगलवार सुबह से बूंदाबांदी का दौर शुरु हुआ, जो बुधवार की शाम तक जारी रहा।
यह फोटो लखनऊ की है। सुबह मूसलाधार बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर गया।
यह फोटो लखनऊ की है। सुबह मूसलाधार बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भर गया।
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