UP में 'यास' का असर:लखनऊ समेत 37 जिलों में बदला मौसम, महाराजगंज में झमाझम; वैज्ञानिक बोले- फसलों के लिए फायदेमंद है बारिश

यूपी टीम5 महीने पहले

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत सूबे के 37 जिलों में यास तूफान का असर दिखने लगा है। कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। लखनऊ में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश हुई। मिर्जापुर में तेज हवा चलने से कई पेड़ गिर गए। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में यास तूफान का काफी असर देखने को मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी से उठे यास तूफान को लेकर शुक्रवार को आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा कि शुक्रवार व शनिवार को प्रदेश के पूर्वी जिलों में 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने व गरज–चमक के साथ भारी बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि यह बरसात फसलों और फलों के लिए लाभकारी साबित होगी। साइक्लोन बनने की वजह से मौसम में परिवर्तन लगातार हो रहा है। फिलहाल, साइक्लोन का असर तो खत्म हो गया है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बरसात होने की संभावना है, जहां पर नुकसान हो सकता है।

इन जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार श्रावस्ती‚ बलरामपुर‚ गोंडा‚ सिद्धार्थनगर‚ बस्ती‚ संत कबीरनगर‚ महाराजगंज‚ कुशीनगर‚ आजमगढ़‚ मऊ‚ गाजीपुर‚ वाराणसी‚ चंदौली‚ सोनभद्र व इसके आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली। जबकि अयोध्या‚ सुल्तानपुर‚ जौनपुर‚ प्रतापगढ़‚ संत कबीरनगर व मिर्जापुर में भारी बारिश होने है।

वहीं, 29 मई को श्रावस्ती‚ बलरामपुर‚ सिद्धार्थनगर‚ बस्ती‚ गोंडा, संत कबीरनगर‚ बलिया‚ महाराजगंज‚ कुशीनगर‚ गोरखपुर‚ अंबेडकरनगर‚ देवरिया और आजमगढ़ में तेज आंधी चलेगी। जबकि अयोध्या‚ सुल्तानपुर‚ जौनपुर व प्रतापगढ़ में यास का असर बारिश और तेज हवाओं के रूप में नजर आएगा। राजधानी लखनऊ में रात तापमान 26.9 % रहा जो सामान्य से एक डिग्री ऊपर था।

जिलों में कैसा रहा मौसम

मिर्जापुर: गुरुवार रात अहरौरा नगर और जिला मुख्यालय के घंटाघर बाजार में पेड़ गिर गए। इससे आवागमन बाधित होने के साथ ही बिजली आपूर्ति भी ठप्प हुई। इससे जनजीवन प्रभावित हुआ। पेड़ों को हटाने के लिए स्थानीय नगर पालिका के कर्मचारी जुटे हैं। यहां आज तीसरे दिन शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। रुक-रुककर वर्षा होने का क्रम जारी है।
महाराजगंज: बीते 3 दिनों से जिले में बारिश का क्रम जारी है। किसान काफी खुश नजर आ रहे हैं। किसानों ने धान की नर्सरी डालना शुरू कर दिया है। इस लिहाज से किसानों के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद साबित हो रही है।
कानपुर: गुरुवार की शाम से यहां मौसम में बदलाव आया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ. खलील ने बताया कि पिछले दो दिनों से शहर में काफी उमस और तापमान काफी बढ़ा हुआ है। यास तूफान का असर मानसून पर भी पड़ेगा।
मेरठ: गुरुवार रात को चली हवा से गर्मी में कुछ राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष ने बताया कि शनिवार को तापमान बढ़ेगा और इससे गर्मी भी बढ़ेगी। इन दो दिनों में तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है। 30 व 31 मई को बारिश होने के असर हैं।
वाराणसी: गुरुवार शाम से यहां पूरी रात रुक-रुककर बारिश हुई है। हालांकि शुक्रवार सुबह बारिश रुक गई। बादल छाए हुए हैं। तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और आद्रता 91% है। हवा दो किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि बनारस में शुक्रवार को भी तेज बारिश होगी। वहीं, बारिश के कारण लोकल फॉल्ट के चलते गुरुवार रात से ही शहर और देहात के कई इलाकों की बिजली गुल है।

वाराणसी में गुरुवार रात बारिश हुई है। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है।
वाराणसी में गुरुवार रात बारिश हुई है। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना जताई गई है।

खेती के लिए लाभदायक है यह बारिश
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय वैज्ञानिक डॉ. खलील ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों के लिए शहर व आसपास के जिलों में मौसम ऐसा ही रहेगा। अगर ज्यादा बारिश होती रही तो किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इस समय रबी की फसल कट चुकी लेकिन खरीफ की फसल में फूल आना शुरू हुए है इसलिए ज्यादा बारिश इनको नुकसान नहीं पहुंचा सकती है। आने वाले दिनों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। मकई की फसल भी तैयार है। जिन किसानों की फसल अभी तैयार नहीं है उनको भी इसका लाभ मिलेगा। किसानों द्वारा बोई गयी दलहन फसलों को भी इसका फायदा मिलेगा।

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