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संकट आया तो साथियों ने मुंह मोड़ा:औरैया में सड़क किनारे तड़पता रहा गेल इंडिया का मैनेजर; रोते हुए बोला- कोई जानबूझकर कोरोना नहीं साथ लाता, मेरे साथ भगवान

औरैयाएक वर्ष पहले
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गेल कर्मी अभिजीत ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई।
  • पटना का रहने वाला है गेल इंडिया लिमिटेड का मैनेजर, सात दिन पहले पटना से औरैया था
  • स्वास्थ्य विभाग ने कर्मी को आइसोलेशन सेंटर में कराया भर्ती, जांच के लिए सैंपल लिया मगर अभी नहीं आई रिपोर्ट

कोरोनावायरस महामारी का असर मानवीय संवेदनाओं पर भी पड़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश में औरैया जिले में सामने आया है। यहां दिबियापुर में स्थित गेल इंडिया लिमिटेड के फायर एंड सेफ्टी विभाग का मैनेजर सड़क किनारे अकेले बैठा एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। लेकिन गेल अधिकारियों ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया। मैनेजर ने रोते हुए अपना दर्द बयान किया। मैनेजर ने रोते हुए कहा- जिला प्रशासन, गेल प्रशासन प्लीज...प्लीज... किसी पेशेंट के साथ ऐसा न करें। कोविड-19 कोई जानबूझकर अपने साथ नहीं लाता, मजबूरी में किसी के साथ आता है। मैं तो केवल सस्पेक्टेड हूं। उसने पीएम नरेंद्र मोदी से भी मदद की गुहार लगाई। करीब एक घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस ने उसे गेल गांव स्थित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती करवाया है। अभी कोरोनावायरस की जांच रिपोर्ट नहीं आई है।  

मैनेजर की कहानी, उसकी जुबानी...

देखिए मेरा नाम अभिजीत ठाकुर है। मैं गेल दिबियापुर जनपद औरैया में गेल इंडिया लिमिटेड में फायर एंड सेफ्टी विभाग में मैनेजर हूं। 27 मई की सुबह करीब तीन बजे का समय है। मैं अपने गृहनगर से सात दिन पहले वापस आया था। मुझे 24 घंटे से बुखार, उल्टी, सिर में दर्द, बदन दर्द है। इसकी जानकारी गेल प्रशासन को दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक घंटे से मैं सड़क किनारे बैठकर एम्बुलेंस का इंतजार कर रहा हूं। गेल गांव में स्थित धन्वंतरि अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस नहीं भेजी है। सड़क पर बैठा तड़प रहा हूं। मैं आग्रह करूंगा कि, जिला प्रशासन व गेल प्रशासन प्लीज प्लीज किसी पेसेंट के साथ ऐसा न करे। कोविड कोई जानबूझकर अपने साथ नहीं लाता, मजबूरी में किसी के साथ आता है। अभी तो मेरा कोई टेस्ट भी नहीं हुआ है। मैं तो केवल एक सस्पेक्टड हूं। फिर भी मेरे साथ ऐसा व्यवहार। प्रधानमंत्री मोदी प्लीज-प्लीज आप देखें इन चीजों को। प्लीज मेरी कोई मदद नहीं कर रहा। मेरे साथ तो केवल भगवान है। न कोई फोन उठा रहा और न कोई एम्बुलेंस भेज रहा है। जय हिंद गुड बाय। 

पटना से आया था कर्मी, जांच रिपोर्ट का इंतजार

जिला प्रशासन के अनुसार, 21 मई को गेल का कर्मचारी अभिजीत पटना से आया था। उसे गेल में ही होम क्वारैंटाइन कर दिया गया था। गेल प्रशासन ने बुधवार की सुबह सूचना दी थी। इसपर बुधवार सुबह लगभग 5-6 बजे जिला अस्पताल में सैम्पल लिया गया था। इसके बाद बुधवार रात गेल गांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। अभी उसकी कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आई है।