प्रयागराज, मुरादाबाद और सहारनपुर से रिपोर्ट:जुमे की हिंसा में गिरफ्तार 10 आरोपियों के परिवार बोले- हमारे निर्दोष बच्चों को जानवरों की तरह पीटा गया

7 महीने पहले

सहारनपुर, मुरादाबाद और प्रयागराज में जुमे पर हुई हिंसा के बाद अब तक 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हमने तीनों शहरों में 10 ऐसे परिवार वालों से बात की, जिनके अपने लोग इस वक्त जेल में हैं। उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए किसी ने CCTV फुटेज दिखाई तो किसी ने दवा का पर्चा। हालांकि किसी भी व्यक्ति को इस आधार पर नहीं छोड़ा गया है।

पहले हम सहारनपुर के चार परिवारों का पक्ष जानेंगे। फिर मुरादाबाद और प्रयागराज में गिरफ्तार हुए लोगों के घरवालों की बात भी पढ़ाएंगे।

परिवार 1: बहन बोली- ‘पता नहीं मुजम्मिल जिंदा है या मर गया'
"एक हफ्ता बीत गया पुलिस ने हमें मुजम्मिल से मिलने नहीं दिया है। पता नहीं हमारा बच्चा जिंदा है कि मर गया है।" ये बात हमें सहारनपुर में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा में गिरफ्तार 16 साल के मुजम्मिल की बहन मुस्कान ने रोते हुए बताई। राहत कॉलोनी के रहने वाले मुजम्मिल पर दंगा भड़काने का आरोप लगा है, उसे हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मुजम्मिल का परिवार किराए के मकान में एक कमरे में रहता है। उसके वालिद अस्मत मजदूरी कर के घर चलाते हैं। पुलिस ने जिन 2 घरों पर बुलडोजर चलाया है, उनमें से एक मकान मुजम्मिल का है।

तस्वीर में मुजम्मिल की मां बानो और बहन मुस्कान हैं। इस मकान में तीन और परिवार रहते हैं।
तस्वीर में मुजम्मिल की मां बानो और बहन मुस्कान हैं। इस मकान में तीन और परिवार रहते हैं।

घरवालों से बोलकर निकला था- कॉलेज जा रहा हूं
मुस्कान आगे बताती हैं, "मुजम्मिल हर जुमे की नमाज अदा करने जामा मस्जिद पर जाता था। लेकिन मेरा भाई ऐसा नहीं था कि दंगा भड़काए। उस दिन भी वो कॉलेज के लिए निकला था। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मेरे भाई को नाबालिग होते हुए भी पुलिस ने मारा है। उसकी उंगलियां तोड़ दी हैं।"

मकान मालिक ने मुजम्मिल के परिवार से गेट दोबारा लगाने के लिए कहा है।
मकान मालिक ने मुजम्मिल के परिवार से गेट दोबारा लगाने के लिए कहा है।

मुस्कान के मुताबिक, मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां बानो ने होश खो दिया है। रात में वो अचानक उसे ढूंढने के लिए बाहर रोड पर चली जाती हैं। दूसरों के घर के बाहर उसका नाम तेज-तेज से बुलाती हैं।

परिवार 2: चाय की दुकान पर गए अब्दुल को हिंसा का मास्टरमाइंड बना दिया
मुजम्मिल के अलावा पुलिस ने खाताखेड़ी के रहने वाले अब्दुल बासित को हिंसा का मुख्य अरोपी बनाया है। प्रशासन का बुलडोजर अब्दुल के घर भी चलाया जा चुका है। हालांकि, परिवार ने पुलिस के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

मकान का गिराया जा चुका छज्जा दिखाते हुए अब्दुल के बड़े भाई गुलबहार ने बताया, "हमारे वालिद बिलाल घंटाघर के पास चाय की दुकान चलाते हैं। जुमे के दिन अब्दुल उनकी मदद के लिए दुकान पर गया था। जहां भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच कैमरे पर उसकी फोटो आ गई और उसे गिरफ्तार किया गया।"

सहारनपुर के खाताखेड़ी इलाके में रहने वाले अब्दुल के बड़े भाई गुलबहार।
सहारनपुर के खाताखेड़ी इलाके में रहने वाले अब्दुल के बड़े भाई गुलबहार।

बिना नोटिस, तोड़ दिया घर का छज्जा
गुलबहार के मुताबिक, हिंसा के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम बुलडोजर के लेकर उनके घर पहुंची। बगैर किसी नोटिस के उनके घर का छज्जा तोड़ दिया गया। वो कई बार भाई से मिलने थाने भी गए, लेकिन उन्हें अब्दुल से मिलने नहीं दिया गया। अब्दुल 3 भाइयों में सबसे छोटा है।

परिवार 3: स्कूटी खरीदने गया अली, घर लौटकर नहीं आ पाया
“मेरे भाई को जानवरों जैसे पीटा गया। इतना मारा कि उसका हाथ तोड़ दिया,वो रोता रहा फिर भी पुलिस वाले उसपर लाठियां बरसाते रहें।" ये कहना है सहारनपुर की पीर गली मोहल्ले की रहने वाली मिस्बाह का। मिस्बाह के भाई अली को भी पुलिस ने हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

सहारनपुर के इसी पीर वाली गली के गली नंबर-9 में अली का दो मंजिला घर है।
सहारनपुर के इसी पीर वाली गली के गली नंबर-9 में अली का दो मंजिला घर है।

अली ने 2 महीने पहले ही लकड़ी का काम शुरू किया था। उसके वालिद राशिद दुबई में रहते हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद से घर पर मां आशमा खातून और बहन मिस्बाह अकेले हैं। मिस्बाह के मुताबिक, हिंसा वाले दिन अली ने घर के पास ही नमाज पढ़ी थी। फिर कैसे पुलिस उसपर झूठा आरोप लगा रही है।

मिस्बाह ने भास्कर को दिखाए CCTV फुटेज
मिस्बाह ने दैनिक भास्कर को कुछ CCTV फुटेज दिखाए, जिनमें उनका भाई अली अपने दोस्त के साथ जुमे के दिन दोपहर 3 बजकर 40 मिनट पर मोटरसाइकिल के शोरूम में खड़ा दिख रहा है। जबकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का समय 3 बजे दिखाया है। मिस्बाह का दावा है कि अली और उसके दोस्तों को पुलिस ने बेवजह पकड़ा। इसके बाद दोनों को सिटी कोतवाली ले जाया गया। बाद में जब चाचा मो. साजिद उनके बारे में पूछने गए, तो उन्हें भी वहीं बंद कर दिया गया।

CCTV फुटेज में सफेद शर्ट पहने अली दिखाई दे रहा है।
CCTV फुटेज में सफेद शर्ट पहने अली दिखाई दे रहा है।

मिस्बाह ने आरोप लगाया, “हमारे पड़ोसियों ने बताया कि 12 जून को खाकी वर्दी में 3 लोग हमारी प्रॉपर्टी के बारे में पूछने आए थे। हम उस दिन घर पर नहीं थे, मां भाई की बेल के सिलसिले में कचहरी गईं थी। पुलिस ने कहा है कि हमारे घर का छज्जा बुलडोजर से तोड़ा जाएगा।”

परिवार 4: कैमरे पर नहीं दिखा सैफ, फिर भी पुलिस ने किया गिरफ्तार
जुमे की नमाज के बाद नारे लगाने के आरोप में पुलिस ने मोहम्मद सैफ को गिरफ्तार किया। लेकिन उनके परिवार वालों का कहना है कि हिंसा में सैफ के शामिल होने की कोई तस्वीर पुलिस के पास नहीं है। सैफ शाहनूरजी इलाके में गत्ता बनाने का काम करता है। सैफ के भाई जावेद का दावा है कि जिस दिन उपद्रव हुआ था, उस दिन सैफ ने गली की मस्जिद में नमाज पढ़ी थी।

वह कहते हैं, "10 जून को हमारे घर के पास ही शादी थी, जिममें हमारा पूरा परिवार शामिल हुआ था। उस दिन कोई जामा मस्जिद की तरफ गया ही नहीं। शाम 6 बजे के करीब मेरा भाई अपने दोस्तों के साथ बस स्टेशन तक गया था। तभी उसे पुलिस उठाकर ले गई।"

तस्वीर में सफेद कुर्ता पहने सैफ के मामा गुलजार हैं। काले दुपट्टे से अपना चेहरा ढकती सैफ की मां इशरत हैं।
तस्वीर में सफेद कुर्ता पहने सैफ के मामा गुलजार हैं। काले दुपट्टे से अपना चेहरा ढकती सैफ की मां इशरत हैं।

परिवार को डर, उनके घर पर भी चल सकता है बुलडोजर
जावेद आगे कहते हैं, "मेरी अम्मी इशरत भाई से मिलने गईं थी, पुलिस ने उसकी टांगे तोड़ दी हैं। बहन की तबीयत खराब रहती है। घर में हम दोनों कमाने वाले हैं।" जावेद के मुताबिक, हिंसा के 3 दिन बाद नगर निगम और पुलिस की 7 लोगों की टीम उनके घर पर आई थी। उन्होंने घर की तस्वीरें भी खींची थी। पूरे परिवार को अब इस बात का डर है कि प्रशासन उनके भी घर पर बुलडोजर चला सकता है।

यहां सहारनपुर की बात खत्म होती है। आगे बात मुरादाबाद में गिरफ्तार हुए लोगों के परिवारों की। यहां 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें से 3 परिवार से हुई बातचीत हम नीचे बता रहे हैं…

परिवार 1: मुझे यहां से निकाल लो वरना मैं मर जाऊंगा

तस्वीर में शाहरुख के घरवाले और पड़ोसी हैं। उन्होंने बताया घर में मौजूद औरतों के साथ पुलिसवालों से गाली-गलौज की, मारा पीटा।
तस्वीर में शाहरुख के घरवाले और पड़ोसी हैं। उन्होंने बताया घर में मौजूद औरतों के साथ पुलिसवालों से गाली-गलौज की, मारा पीटा।

शुक्रवार को नमाज के बाद नारे लगाने के जुर्म में पुलिस ने 17 साल के शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया। उसकी मां ने कहा, ”मेरा बेटा फैक्ट्री में काम करता है, उस दिन भी वहीं था। जब पुलिसवाले घर के अंदर आए तो हम चिल्लाते रहे, लेकिन वो बिना किसी सबूत के उसको उठाकर ले गए।” शाहरुख घर में अकेला कमाने वाला था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब घर में खर्चा चलाने वाला कोई नहीं। जब परिवारवाले उससे मिलने थाने गए तो उसने कहा, “मां मुझे यहां से निकाल लो वरना मैं मर जाऊंगा।“

CCTV फुटेज में हिंसा के वक्त शाहरुख फैक्ट्री में काम कर रहा

ये CCTV फुटेज जुमे के दिन नमाज के वक्त की है। शाहरुख फैक्ट्री में काम करता नजर आ रहा है।
ये CCTV फुटेज जुमे के दिन नमाज के वक्त की है। शाहरुख फैक्ट्री में काम करता नजर आ रहा है।

शाहरुख के परिवारवालों ने हमें सुबह 8 बजे से लेकर शाम के 7 बजे तक की CCTV फुटेज दिखाई, जिसमें पूरे वक्त वो फैक्ट्री में मौजूद था। जिस वक्त जामा-मस्जिद के पास नारेबाजी हुई, तब भी वो फैक्ट्री में काम करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने ये फुटेज पुलिस को भी दिखाई पर पुलिस ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।

पुलिस से पैसे लेकर मुखबिर ने गिरफ्तार करवाया
शाहरुख के परिवारवालों का आरोप है कि मोहल्ले में पुलिसवालों का मुखबिर घूमता है। वो अक्सर रात में घरों में घुसकर महिलाओं से परिवार के बारे में पूछताछ करता है। वो पहले से ही बता देता कि आज कितने लोग गिरफ्तार होंगे और होता भी वैसा ही। पुलिस से कुछ पैसों के बदले उसी ने हमारे बच्चों को गिरफ्तार करवाया है।

परिवार 2: दूसरे को गिरफ्तार करने आए थे पर इन दोनों को ले गए

तस्वीर में गुलाबी सूट में नौशाद और दाऊद की मां हैं। इन्होंने बताया, "पुलिस किसी और को ढूंढ रही थी पर ये दोनों लड़के दिखे तो इन्हें उठाकर ले गई।"
तस्वीर में गुलाबी सूट में नौशाद और दाऊद की मां हैं। इन्होंने बताया, "पुलिस किसी और को ढूंढ रही थी पर ये दोनों लड़के दिखे तो इन्हें उठाकर ले गई।"

यहां से 2 लड़कों नौशाद और उसका चचेरा भाई दाऊद को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके परिवारवालों का कहना है, “पुलिसवाले जब आए तो दूसरे लड़कों को ढूंढ रहे थे। पर ये दोनों बच्चे घर में दिखे तो इन्हें बाल पकड़कर मारते हुए ले गए। ना पैरों में चप्पल ना उन्हें शर्ट पहनने दी।

पुलिसवाले खुद बच्चों को दंगाई बना रहे
नौशाद की मां ने कहा, “हमारे दोनों बच्चे बेकसूर हैं। नौशाद के वालिद की 10 दिन पहले मौत हो गई थी। जिसका वालिद मर गया हो, घर में मातम हो वो पत्थरबाजी करने जाएगा।" वो आगे कहती हैं कि पुलिसवाले हमारे बच्चों को दंगाई बना रहे हैं। बेकसूर बच्चों को जेल में बंद कर दिया। वापस आने पर कोई बच्चा सहम जाता है तो कोई दंगाई बन जाता है। इसका जिम्मेदार कौन होगा।

मोहल्ले के 5-6 लड़के चले गए, बाकी घरों में बंद

गिरफ्तारी के डर से मुरादाबाद के मुगलपुरा इलाके के 5 से ज्यादा परिवार घर में ताला लगाकर दूसरी जगह चले गए हैं।
गिरफ्तारी के डर से मुरादाबाद के मुगलपुरा इलाके के 5 से ज्यादा परिवार घर में ताला लगाकर दूसरी जगह चले गए हैं।

परिवारवालों ने कहा, “पुलिस 16–17 साल के बेकसूर लड़कों को पकड़कर ले जा रही है। इससे पूरे मोहल्ले में दहशत है। 5-6 परिवार अपने लड़कों को लेकर या तो यहां से चले गए हैं या फिर लड़कों को डर की वजह से किसी रिश्तेदार के यहां भेज दिया है। बाकी कई परिवार शाम 7 बजे के बाद अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं देते।

परिवार 3: रात ढ़ाई बजे छत से घर में घुसे पुलिसवाले

तस्वीर में वसीम की मां साथ में उसकी पत्नी और छोटा बच्चा है। वसीम और शाहरुख पड़ोसी हैं।
तस्वीर में वसीम की मां साथ में उसकी पत्नी और छोटा बच्चा है। वसीम और शाहरुख पड़ोसी हैं।

शुक्रवार की रात 2:30 बजे। 10 मिनट के लिए मोहल्ले की लाइट कटी। उसी बीच 2 पुलिसवाले मेरे घर में छत से घुस आए। मेरे कमरे के दरवाजे पर पैर से लात मारी। मैं अंदर बैठी थी। मेरे साथ मारपीट की, गंदी गालियां दी। फिर नीचे जाकर वसीम को घसीट कर ले गए।

नमाज पढ़ने नहीं गया था वसीम

ये तस्वीर गिरफ्तारी के बाद की है जब पुलिस वसीम को थाने ले जा रही थी।
ये तस्वीर गिरफ्तारी के बाद की है जब पुलिस वसीम को थाने ले जा रही थी।

परिवारवालों का कहना है कि वसीम हमेशा घर पर ही नमाज पढ़ता था। उस दिन भी वो घर पर ही था। पुलिसवालों के पास कोई सबूत नहीं था, कोई तस्वीर नहीं थी फिर भी वो उसे उठाकर ले गए।

पुलिस वाले बोले, “50 हजार रुपए दो, छोड़ देंगे”
वसीम के परिवारवालों ने बताया कि रविवार तक हमें वसीम से मिलने नहीं दिया गया। शक्ल भी नहीं दिखाई। 2 दिन बाद मिलने पर वसीम ने बताया कि उसे भूखा प्यासा रखा गया। हम घर से खाना दे आए थे वो भी उसे दिया नहीं गया। उसे छोड़ने के लिए जब पुलिसवालों से मिन्नतें की तो उन्होंने हमसे कहा, “50 हजार रुपए दे दो हम छोड़ देंगे।” हम गरीब हैं, इतना रुपया कहां से लाएंगे।”

अब प्रयागराज में गिरफ्तार हुए लोगों का हाल जानते हैं। हम यहां तीन परिवार से मिलने पहुंचे।

परिवार 1: बुआ को दवा देने गया और लौटकर नहीं आया
अटाला चौराहे पर हुई पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने रसूलपुर के 15 साल के शाकिब को गिरफ्तार किया है। शाकिब के भाई ने बताया, "हम दोनों भाई घर पर ही थे। कहीं नहीं गए। शाम को वह बुआ को दवाई देने यहीं पास में गया था, रास्ते में पुलिस ने उसे उठा लिया। हम शाकिब को खोजते हुए थाने गए तो वहां से कोई जवाब ही नहीं मिला। अगले दिन पता चला कि शाकिब को नैनी जेल भेज दिया गया है। वह 9वीं में पढ़ता है, उसने कुछ भी गलत नहीं किया।"

शाकिब के घरवाले बाहर नहीं निकलते। आवाज देने पर पहले नाम पूछते हैं फिर थोड़ा दरवाजा खोलकर जवाब देते हैं।
शाकिब के घरवाले बाहर नहीं निकलते। आवाज देने पर पहले नाम पूछते हैं फिर थोड़ा दरवाजा खोलकर जवाब देते हैं।

शाकिब की मां और चाची रोने लगीं। मां कह रही थी, "पिछले एक हफ्ते से हमारा पूरा ध्यान उसी बच्चे पर लगा है। कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा। वो कहीं झगड़ा-लड़ाई में नहीं गया लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।" शाकिब तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। घर के बाहर ई-रिक्शा खड़ा था। जिसपर धूल जम गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले एक हफ्ते से उनके घर से कोई भी मुहल्ले के बाहर नहीं गया है।

परिवार 2: मछली लेने गए थे पुलिस उठा ले गई
पुलिस ने अटाला के सलीम उर्फ गुड्डू को हिंसा करने के लिए गिरफ्तार किया है। गुड्डू के पड़ोसी मोहम्मद नाायाब ने बताया, "गुड्डू गाड़ी बनाता है। उस दिन भी वह गाड़ी बनाकर घर आया फिर मछली लेने अटाला चौराहे पर चला गया। पुलिस ने उठा लिया।" गुड्डू के पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 13 साल है। घर की गलियां इतनी सकरी हैं कि दो लोग एकसाथ नहीं जा सकते। घर के किसी व्यक्ति ने बात करने के लिए दरवाजा नहीं खोला।

परिवार 3: अंडे की दुकान से उठा ले गई पुलिस
रसूलपुर चौराहे पर अंडे की दुकान चलाने वाले इम्तियाज के 18 साल के बेटे इलियास को भी पुलिस गिरफ्तार करके ले गई है। बर्फवाले नाम से मशहूर इम्तियाज कहते हैं, इस चौराहे पर इतने लोग हैं लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया लेकिन बेटे बेटे को लेकर चली गई। थाने जाओ तो कोई कुछ बताता ही नहीं। कई लोग छूटकर आए हैं, हमको लगता है कि इलियास भी छूटकर आ जाएगा।

इलियास के पिता इम्तियाज कोई भी बात कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हुए। वह कह रहे थे पुलिस हमारे लड़के को फिर छोड़ेगी नहीं।
इलियास के पिता इम्तियाज कोई भी बात कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हुए। वह कह रहे थे पुलिस हमारे लड़के को फिर छोड़ेगी नहीं।

इस चौराहे पर एक व्यक्ति यहां आने वाले लोगों का वीडियो बनाता है। पूछने पर बताता है कि अब कुछ गलत हुआ तो पुलिस को यह सब सौंप दूंगा।

(रिपोर्ट: सहारनपुर से देवांशु तिवारी, मुरादाबाद से रक्षा सिंह और प्रयागराज से राजेश साहू)

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