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अवैध निर्माण पर बुल्डोजर:मुख्तार अंसारी और उनके दो बेटों पर लखनऊ में एफआईआर, सरकार ने ध्वस्त करा दी थी करोड़ों की संपत्ति

लखनऊएक वर्ष पहले
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यह फोटो लखनऊ की है। गुरुवार को प्रशासन ने मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे की बिल्डिंग को ढहा दिया था। इसी प्रकरण में मुख्तार और उसके दो बेटों पर एफआईआर दर्ज हुई है। - Dainik Bhaskar
यह फोटो लखनऊ की है। गुरुवार को प्रशासन ने मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे की बिल्डिंग को ढहा दिया था। इसी प्रकरण में मुख्तार और उसके दो बेटों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
  • लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में लेखपाल की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट
  • जियामऊ इलाके में शत्रु संपत्ति यानी निष्क्रांत संपत्ति पर मुख्तार ने कर लिया था अवैध कब्जा

राजधानी लखनऊ के जिला प्रशासन ने मऊ से विधायक और बाहुबली मुख्तार अंसारी पर बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के आरोप में अंसारी और उनके बेटों उमर अंसारी व अब्बास अंसारी पर आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हजरतगंज कोतवाली में यह कार्रवाई जियामऊ के प्रभारी लेखपाल सुरजन लाल की शिकायत पर की गई है।

तहरीर में लिखा गया है कि जिस भूमि पर मुख्तार अंसारी और उनके बेटों का कब्जा था, वह मोहम्मद वसीम के नाम दर्ज थी। लेकिन वसीम के पाकिस्तान चले जाने के बाद यह संपत्ति निष्क्रांत संपत्ति (शत्रु संपत्ति) के रुप में दर्ज हो गई। लेकिन दस्तावेजों को तैयार कर इस पर कब्जा कर लिया गया।

गुरुवार को ढहा दी गई थी बिल्डिंग

मुख्तार अंसारी ने जियामऊ इलाके में निष्क्रांत जमीन पर अवैध कब्जा कर दो मंजिला बिल्डिंग का निर्माण करा लिया था। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने बताया कि यह दोनों बिल्डिंग पहले मुख्तार की मां के नाम पर थी। गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई गई थी। मूलतः यह निष्क्रांत संपत्ति यानी 1956 से पहले पाकिस्तान गए लोगों की है। इसमें बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर इसे तोड़ने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन बिल्डिंग के तोड़ने का खर्चा, अब तक का किराया भी वसूलेगी। इस निर्माण के लिए जिम्मेदार रहे तत्कालीन अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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