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बिजनौर में दरोगा ने दिया इस्तीफा:RSS कार्यकर्ता से विवाद में पहले सस्पेंड, फिर हमला और अब समझौते का दबाव पड़ने पर उठाया ये कदम

बिजनौर2 महीने पहले
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बिजनौर जिले में थाना हल्दौर की झालू पुलिस चौकी पर सब इंस्पेक्टर अरुण राणा तैनात थे। - Dainik Bhaskar
बिजनौर जिले में थाना हल्दौर की झालू पुलिस चौकी पर सब इंस्पेक्टर अरुण राणा तैनात थे।

उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में तैनात सब इंस्पेक्टर अरुण राणा ने इस्तीफा दे दिया है। दरोगा का पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता से विवाद हुआ। इसमें दरोगा सस्पेंड हो गए। उसके बाद जानलेवा हमला हुआ। हमले के आरोपी पकड़े नहीं गए। त्रस्त दरोगा ने आखिरकार सोमवार रात में इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफे के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरएसएस कार्यकर्ता समेत दो आरोपियों को पकड़ लिया। वहीं इस्तीफा नामंजूर करते हुए दरोगा को बहाल भी कर दिया।

चरित्र प्रमाण पत्र के सत्यापन पर हुआ था विवाद
इस मामले की शुरुआत 15 जुलाई से हुई। बिजनौर जिले में थाना हल्दौर की झालू पुलिस चौकी पर सब इंस्पेक्टर अरुण राणा तैनात थे। कस्बा झालू निवासी आरएसएस के खंड शारीरिक प्रमुख उमंग काकरान उस दिन अपने पिता रामेंद्र सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए पुलिस चौकी पर गए। सत्यापन रिपोर्ट गाने को लेकर उमंग और दरोगा के बीच कुछ विवाद हुआ। इस विवाद के चंद घंटे बाद एसपी ने अरुण राणा को पहले लाइन हाजिर और फिर सस्पेंड कर दिया।

तहरीर नामजद में दी, मुकदमा अज्ञात पर हुआ
16 जुलाई को सब इंस्पेक्टर अरुण राणा ने बिजनौर पुलिस लाइन में उपस्दथिति दर्ज कराई। इसके बाद शाम को वह अपने कमरे पर जा रहे थे। रास्ते में चौकी पर विवाद करने वाले व्यक्ति और उसके साथियों ने सब इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। उन्हें अधमरा छोड़कर भाग गए। अरुण राणा ने बताया, CCTV फुटेज से उन्होंने आरोपी पहचान लिए। उन्हें नामजद करते हुए थाना हल्दौर में तहरीर दी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने नामजद आरोपी होते हुए भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया।

दरोगा बोले- मुझ पर समझौते का बनाया दबाव
सब इंस्पेक्टर अरुण राणा ने बताया कि वह बार-बार सीओ और इंस्पेक्टर से आरोपियों की गिरफ्तारी के बाबत पूछते तो यही जवाब मिलता कि एसपी का इस बारे में कोई आदेश नहीं है। अरुण राणा के अनुसार, RSS के कुछ लोग और विभाग के अधिकारी उन पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे। इससे त्रस्त होकर अरुण राणा ने सोमवार देर रात अपना इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की कॉपी उन्होंने बिजनौर एसपी, आईजी मुरादाबाद, एडीजी बरेली जोन और डीजीपी को भेजी है।

इस्तीफा नामंजूर, दो आरोपी पकड़े : एसपी
बिजनौर एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि दरोगा का इस्तीफा नामंजूर करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया है। समझौते के लिए दबाव बनाने जैसी कोई बात नहीं है। बल्कि पुलिस टीमें आरोपियों को तलाशने में जुटी हैं। दो आरोपी उमंग व भोलू गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे।

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