किसी भी गरीब पर न चले बुलडोजर-सीएम योगी:वाराणसी में मुख्यमंत्री ने कहा- बुलडोजर से बचने न पाए माफिया; सर्वे शुरू होने तक शहर में रहेंगे योगी

वाराणसी3 दिन पहले

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे-वीडियोग्राफी से पहले वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज रात बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का विधिवत दर्शन पूजन किया।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करते सीएम योगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन करते सीएम योगी।

वहीं इसके पहले डीएवी कॉलेज में चौरी-चौरा शताब्दी समारोह, सर्किट हाउस में विकास परियोजनाओं की बैठक और जंगमबाड़ी मठ में गए थे। सर्किट हाउस की बैठक में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पेशेवर और भूमाफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि किसी भी गरीब पर किसी भी स्थिति में बुलडोजर नहीं चलना चाहिए, मगर माफिया बुलडोजर से बचने न पाए। वाराणसी के सर्किट हाउस में अधिकारियों संग बैठक में वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों में चल रहे 97 परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम योगी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में पीएसी और पुलिस बैंड को हर रोज और सप्ताह में एक दिन शहर के स्मारकों पर जाने का निर्देश दिया। आज बैठक में वे पूर्वांचल के जिलों जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। योगी ने कहा कि हर ग्राम सभाओं में अमृत सरोवर का निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। तालाब-पोखरा को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए। दो दिवसीय दौरे पर आए सीएम योगी शनिवार को सुबह 11 बजे तक गोरखपुर के लौट जाएंगे। इस दौरान ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कल से सुबह 8 बजे से शुरू हो रहा है, जो कि दोपहर में 12 बजे तक चलेगा। इस तरह से सर्वे शुरू होने योगी शहर में ही रहेंगे। यहां उन्होंने जंगम बाड़ी मठ में वसुधैव कुटुम्बकम का मंत्र दिया। उन्होंने कहा, भारत में अलग-अलग पंथ और समुदाय हैं, परन्तु ये विभाजन के लिए नहीं हैं। ये मंजिल तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग हैं। लक्ष्य सबका एक ही वसुधैव कुटुंबकम का है। जंगम बाड़ी मठ के प्रमुख ने योगी को प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया है।

पिछले दो महीने में दो देशों के प्रधानमंत्री काशी आए
डीएवी कॉलेज में लोगों को संबोधित करते हुए लोगों ने कहा, “प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हो चुका है। अब दूसरे देशों के प्रधानमंत्री काशी देखना चाहते हैं। पिछले दो महीनों में मॉरीसस और नेपाल के प्रधानमंत्री काशी आए। आज काशी में हर दिन एक लाख श्रद्धालु आने लगे हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है।

दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का ये दूसरा वाराणसी दौरा है। आज और कल योगी वाराणसी में ही रहेंगे। दरअसल, मई-जून महीने में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी आने वाले हैं। इसलिए योगी पहले से ही वाराणसी में मोदी की प्राथमिक योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे हैं। ताकि मोदी के दौरे के दौरान कुछ गड़बड़ी न हो।

वाराणसी के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते योगी।
वाराणसी के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते योगी।

यूपी के गांव-गांव में क्रांतिकारी रहे, चौरी-चौरा की घटना में कोई राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं था
योगी ने कहा, “4 फरवरी, 1922 में गोरखपुर में चौरी चौरा की घटना घाटी। उस आंदोलन में कोई राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं था। वहां के किसानों, मजदूरों, श्रमिकों, गांव की महिलाओं, सन्यासियों ने अंग्रेजों को भगाने का आंदोलन छेड़ा और चौरी-चौरा की घटना हो अंजाम दिया। गांव-गांव के लोगों में देश के लिए लड़ने का ये जज्बा 1921 में गांधी जी के गोरखपुर आने के बाद जागा था।”

“चौरी-चौरा कांड के बाद 158 लोगों को फांसी की सजा सुना दी गई थी। उनमें से ज्यादातर लोगों को श्रदेव मालवीय ने पैरवी करके बचा लिया था। आज हमारा सौभाग्य है कि श्रदेव मालवीय के ही शिष्य द्वारा स्थापित कॉलेज में चौरी-चौरा की 100 वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं।”

ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी फूंक दी थी
चौरी चौरा, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास का एक कस्बा था (वर्तमान में तहसील है) जहां 4 फरवरी, 1922 को भारतीयों ने ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी जिससे उसमें छुपे हुए 22 अंग्रेज पुलिस कर्मी जिन्दा जल के मर गए थे। इस घटना को चौरीचौरा कांड के नाम से जाना जाता है।

वाराणसी का सबसे प्राचीन मठ है जंगम बाड़ी मठ वाराणसी पहुंचते ही सीएम योगी जंगम बाड़ी मठ में श्री जगद्गुरु विशेश्वर शिवाचार्य महास्वामी का पंचाधिक शताब्दी जन्मोत्सव की वर्षों से चली आ रही परंपरा का साक्षी बने।

जंगम बाड़ी मठ वाराणसी के प्राचीनतम मठों में से एक है। लिखित ऐतिहासिक आलेखों के अनुसार यह मठ 8वीं शताब्दी में बनाया गया था। हालांकि इसके निर्माण की सटीक तिथि प्रमाणित करना कठिन है। कहा जाता है कि राजा जयचन्द ने इस मठ के निर्माण के लिए भूमि दान में दी थी। तब से ले कर अब तक यह मठ 86 जगत्गुरुओं की अटूट वंशावली का साक्षी है। इस मठ के वर्तमान गुरु, पीठाधिपति जगत्गुरू श्री चन्द्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी हैं।

जंगमबाड़ी एक ऐसा मठ है जहां अभी भी गुरुकुल परंपरा चलती है। इसे काशी का सबसे प्राचीन मठ माना जाता है। यह मठ ज्ञान सिंहासन अथवा ज्ञानपीठ रूप में भी जाना जाता है।

जंगम बाड़ी मठ में पंचाधिक शताब्दी जन्मोत्सव के इसी कार्यक्रम का हिस्सा बने योगी।
जंगम बाड़ी मठ में पंचाधिक शताब्दी जन्मोत्सव के इसी कार्यक्रम का हिस्सा बने योगी।

मठ के मुखिया ने दिया प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद
जंगम बाड़ी मठ में दिए गए अपने संबोधन में योगी ने कहा, "21 जून को योग दिवस मनाएंगे पूरी दुनिया में उल्लास है। ये सब मोदी जी के कारण संभव हो पाया है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा, "अयोध्या में राम मंदिर का काम बहुत ही तेजी से चल रहा है। मंदिर की जमीन पर ऐसी व्यवस्था भी की गई है कि किसी भी धर्म के अनुयायी वहां पर अपनी धर्मशाला बना सकेंगे। अपना संबोधन समाप्त करने के बाद योगी सर्किट हॉउस के लिए रवाना हो चुके हैं।"

योगी आगे बोले, "जब कोई राष्ट्र सशक्त होता है धर्म भी मजबूत होता है। पीएम मोदी के साथ भारत मजबूती के साथ दुनिया के सामने खड़ा है। एक भारत सशक्त भारत की संकल्पना को एक भारत श्रेष्ठ भारत से जोड़ा जा रहा है। पूरे देश में एक नया उत्साह लोगों में। भारत के पंथ और संप्रदाय भारत के विभाजन नहीं, बल्कि मंजिल पर पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग हैं।"

मठ के मुखिया जगद्गुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य महास्वामी ने कहा योगी आदित्यनाथ की लंबी आयु की कामना करते हैं और भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में भी देश का नेतृत्व करें ऐसी हम सबकी कामना है।

अधिकारियों की 4 घंटे मीटिंग ली
दोपहर करीब 2 बजे से योगी ने जन प्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों की मीटिंग ली। वाराणसी क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर रिपोर्ट ली। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम किया।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर करेंगे रात्रि विश्राम
डीएवी कॉलेज का कार्यक्रम संपन्न करने के बाद योगी बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।फिर सर्किट हॉउस में रात्रि विश्राम कर सुबह गोरखपुर के लिए रवाना होंगे।