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बुनकरों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी:सैकड़ों बुनकर फ्लैट रेट बिजली की मांग को लेकर कारखाने की चाभी और जमीन के कागजात लेकर पहुंचे मुख्यालय,सरकार के माध्यम से बेचने की मांग

वाराणसीएक वर्ष पहले
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वाराणसी में बुनकर अपनी मांगो को लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे है.  - Dainik Bhaskar
वाराणसी में बुनकर अपनी मांगो को लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन कर रहे है. 
  • बुनकरों ने तख्तियां और संपत्ति का कागज लेकर किया विरोध
  • बुनकरों का कहना कोरोना काल मे कारोबार चौपट रहा,अब बिलजी बिल का लगा ग्रहण

फ्लैट रेट बिजली की मांग को लेकर गुरुवार को सैकडों बुनकर आठवें दिन पावर लूम बंद कर कारखाने की चाभी और चल-अचल संपत्ति का कागज लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। मानव श्रृंखला बनाकर डीएम से निवेदन किया कि उनके कागजातों को लेकर सरकार तक पहुंचा दें। बुनकरों की संख्या को देखते हुए पुलिस फोर्स और एसीएम फोर्थ शिवांगी शुक्ला ने मौके पर पहुंच उनकी बातों को सुना और ज्ञापन को लिया। वहीं राजा तालाब तहसील पर भी बुनकर द्वारा साझा मंच की ओर से प्रदर्शन किया गया।

कोरोना काल मे बुनकर पहले से ही बदहाल है

बुनकर संघ के उपाध्यक्ष शैलेश प्रताप ने बताया कि आज करीब एक किलोमीटर की मानव श्रृंखला बनाकर हम अपने कारखाने की चाभी और चल-अचल संपत्ति का कागज सौपने आये हैं। वर्तमान की सरकार ने 2006 से चले आ रहे फ्लैट रेट को खत्म करने की योजना बना ली है। सितंबर 2020 में लखनऊ में सरकार के साथ हुई मीटिंग में तय हुआ था कि अक्टूबर में नयी योजना का प्रारूप आ जायेगा।लेकिन अभी तक ऐसा कुछ भी नही हुआ। बिजली विभाग की ओर से मीटर के हिसाब से बिलिंग का भी दबाव बनाया जा रहा है।

फ्लैट रेट में एक पावर लूम का 72 रुपये तक ही देना होता था, अब तकरीबन 1500 रुपये आयेगा

बुनकर नेता अंसार अहमद ने बताया कि 15 अक्टूबर से हम सभी हड़ताल पर हैं। महामारी में हमारा काम पूरी तरह बंद था। त्योहार में सरकार ने फ्लैट रेट खत्म कर नयी योजना की बात कही थी। अभी तक कोई योजना सामने नही आयी है। जनवरी से जुलाई तक कि बिलिंग पुराने दर पर जमा करने का आश्वासन दिया गया था। अब अगस्त, सितंबर और तीसरा महीना अक्टूबर शुरू हो गया। सरकार क्लियर नही कर रही है कि हमें अब किस रेट से बिजली बिल देना है। बढ़े रेट पर कोई बुनकर बिल नही दे पायेगा। इसी लिये सभी हड़ताल पर हैं। अभी तक सरकार की ओर से कोई बातचीत भी करने नही आया।