काशी का कोरोना कंट्रोल मॉडल:तुरंत इलाज शुरू करने से लेकर वैक्सीन की बर्बादी रोकने पर भी फोकस; संक्रमण दर 40% से घटकर 3% रह गई, मोदी ने की तारीफ

वाराणसी5 महीने पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को काशी के डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स से वर्चुअल चर्चा की। इसमें उन्होंने वाराणसी के कोरोना कंट्रोल मॉडल की तारीफ की। दूसरी ओर डॉक्टर्स ने मोदी के सामने प्रेजेंटशन रखा। इसमें वाराणसी स्थित BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल के अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता भी शामिल हुए। उन्होंने तीन बातें रखीं।

केके गुप्ता ने कहा कि, 'मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि हमने मरीज का तुरंत इलाज, वैक्सीनेशन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन के जरिए संक्रमण की दर को कम किया। इसके लिए डीएम और कमिश्नर ने जमीनी स्तर पर एक बड़ी टीम के साथ काम किया। माइक्रो कंटेनमेंट जोन ने संक्रमण की दर को कम करने में अहम भूमिका निभाई।'

कमिश्नर ने बताया कि कैसे एक-एक वायल से एक डोज बचा सकते हैं
प्रो. गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन के एक वायल में 10 डोज होती हैं। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने हमें सुझाया कि वैक्सीन के एक वायल में 10 डोज के बाद भी एक डोज बच जाती है। इसके लिए हमने ट्रेंड नर्सेज को लगाकर वायल में बचने वाली एक डोज का भी इस्तेमाल किया। इस तरह से वैक्सीन का वेस्टेज रोका।

20 हजार लीटर के ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था पहले ही कर ली थी
प्रो. गुप्ता ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर की आशंका हमें पिछले साल से ही थी। इसे देखते हुए नवंबर में बीएचयू अस्पताल में 20 हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगा दिया गया था। इसी वजह से बीएचयू अस्पताल में कभी ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हुई।

गुप्ता के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि ऑक्सीजन के लीकेज को ब्लॉक कर उसके सही उपयोग के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया। वहीं अस्पताल की डेंटल फैकल्टी में वैक्सीनेशन के लिए एक और सेंटर बनाने की अपील जिला प्रशासन से की गई है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लग सके।

प्रधानमंत्री ने कहा- बाहरी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को करें प्रशिक्षित
प्रो. गुप्ता ने प्रधानमंत्री को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए मार्च महीने से ही काम जारी है। बीएचयू अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के तीसरे फ्लोर पर मार्च में ही 54 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड की व्यवस्था कर दी गई है। इसे बढ़ाकर 100 बेड तक किया जा रहा है। बच्चों के लिए आईसीयू बेड की दिक्कत नहीं है। एनआईसीयू के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।

इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बीएचयू में अन्य अस्पतालों के कर्मचारियों को भी ट्रेनिंग दें। इसके जवाब में प्रो. गुप्ता ने पीएम को बताया कि ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि बाहरी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को भी यहां ट्रेनिंग दी जा सके।

काशी में संक्रमण को ऐसे कंट्रोल किया गया?

  • जिस मॉडल की शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारीफ की, उसका खाका कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने तैयार किया। इसी मॉडल की वजह से अप्रैल में कोरोना वायरस के संक्रमण की जो दर 35 से 40% तक पहुंच गई थी, वह अब 3% रह गई है।
  • कमिश्नर ने बताया कि सुनियोजित योजना के तहत रोजाना अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई। निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए और दवाओं की कलाबाजारी रोकने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए गए।
  • 438 सदस्यों की 174 निगरानी समितियां बनाई गईं। हर समिति के सदस्यों को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर और दवाओं की किट दी गई। ट्रेसिंग में कोई संदिग्ध मिला तो दवा शुरू करने के साथ ही उसका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया।
  • जिलाधिकारी ने बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी के सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तौर पर विकसित किया गया। कंटेनमेंट जोन की घेराबंदी समेत सभी कामों के लिए संबंधित विभागों की डेस्क बनाई गई।
  • होम आइसोलेशन में रहने वालों के लिए और टेली मेडिसिन के लिए भी कमांड सेंटर में अलग डेस्क बनाई गई। 4,525 कंटेनमेंट जोन और 109 घनी बस्तियों में नियमित सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। सभी विभागों की टीम के काम की रोजाना समीक्षा की जाती है और सभी की जवाबदेही तय की जाती है।
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