राष्ट्रपति चुनाव में सपा-बसपा का रोल:पिछली बार अखिलेश और माया ने कोविंद को किया था सपोर्ट, अब क्या मुर्मू के साथ जाएंगे?

12 दिन पहलेलेखक: आशीष उरमलिया

भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, UPA (United Progressive Alliance) ने यशवंत सिन्हा को कैंडिडेट बनाया है। झारखंड की पूर्व राज्यपाल और ओडिशा की द्रौपदी मुर्मू चुनाव जीतती हैं, तो देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी। आदिवासी महिला का नाम चुनकर भाजपा ने UPA से हटकर अन्य विपक्षी दलों की चिंता बढ़ा दी है।

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द्रौपदी मुर्मू को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और आंध्र प्रदेश की YSR कांग्रेस पार्टी खुला समर्थन दे चुकी है, लेकिन सपा और बसपा मुर्मू को लेकर क्या कर सकती हैं? यूपी में सभी दलों की वोट वैल्यू कितनी है? आइए जानते हैं…

2017 में सपा-बसपा ने रामनाथ कोविंद का किया था समर्थन

साल 2017 में कोविंद ने मीरा कुमार को 3 लाख 34 हजार वोट से हराया था।
साल 2017 में कोविंद ने मीरा कुमार को 3 लाख 34 हजार वोट से हराया था।

2017 में भी भाजपा ने दलित चेहरे रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाने की घोषणा करके विपक्षी पार्टियों की टेंशन बढ़ा दी थी। हालांकि, UPA ने भी मीरा कुमारी के रूप में एक दलित चेहरा मैदान में उतारा था। कोविंद का कानपुर कनेक्शन होने की वजह से सपा और बसपा ने उन्हीं का सपोर्ट किया था। इस बार भी इन दोनों दलों के फाइनल निर्णय पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

अखिलेश, ममता से कर चुके हैं समर्थन का प्रॉमिस
UPA की तरफ से उम्मीदवार यशवंत सिन्हा तृणमूल कांग्रेस के नेता हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने ही उन्हें राष्ट्रपति कैंडिडेट घोषित किया है। देश की 13 विपक्षी पार्टियां उनको समर्थन दे चुकी हैं। अखिलेश और ममता एक-दूसरे के समर्थक हैं, इसलिए सपा पहले ही तृणमूल के प्रत्याशी का सपोर्ट करने की घोषणा कर चुकी है। हालांकि, आखिरी समय में अखिलेश क्या करेंगे? अभी इस बात पर संशय बना हुआ है। वहीं, बसपा सपा की विरोधी पार्टी है और तृणमूल कांग्रेस से उसका कुछ खास वास्ता नहीं है, इसलिए बसपा भाजपा के साथ जा सकती है।

ये तस्वीर फरवरी 2022 की है, जब यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश का समर्थन करने ममता लखनऊ पहुंची थीं।
ये तस्वीर फरवरी 2022 की है, जब यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश का समर्थन करने ममता लखनऊ पहुंची थीं।

सपा गठबंधन के विधायकों की संख्या 125 पहुंची
साल 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के बाद NDA (National Democratic Alliance) के पास करीब 325 विधायक थे। वहीं, सपा-कांग्रेस गठबंधन के 47 और बसपा के 19 विधायक थे। यूपी चुनाव 2022 में यूपी में NDA विधायकों की संख्या घटकर 273 रह गई है। सपा गठबंधन के पास 125 विधायक हैं और बसपा के पास एक विधायक है। वहीं, सपा के पास 3 और बसपा के पास 10 सांसद भी हैं।

यूपी के एक विधायक का वोट 208 वोट के बराबर राष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के सदस्य मिल कर करते हैं। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के मत का मूल्य एक होता है और विधानसभा के सदस्यों का अलग होता है। ये राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होता है। यूपी की जनसंख्या सबसे अधिक है, इसलिए यहां के एक विधायक के वोट की वैल्यू 208 वोट के बराबर है।

UPA से यशवंत सिन्हा और NDA से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है।
UPA से यशवंत सिन्हा और NDA से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है।

इस तरह सपा गठबंधन के 125 विधायकों के वोट की वैल्यू 26 हजार है। वहीं, राज्यसभा और लोकसभा सांसदों की वोट वैल्यू 700 है। मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने के लिए NDA को करीब 13 हजार वोटों की कमी पड़ रही है। हालांकि, बीजू जनता दल के सपोर्ट से ही ये कमी पूरी हो सकती है।

अभी हमने सपा और बसपा की बात की, अब यूपी की सभी पार्टियों के लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के सदस्यों की वोट वैल्यू 3 ग्राफिक्स के जरिए जानते हैं...

अभी आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसलिए वहां से आंकड़े शामिल नहीं किए हैं।
अभी आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसलिए वहां से आंकड़े शामिल नहीं किए हैं।