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  • In the lockdown, the girl used to sit in the line of those asking for food; Loved the girl while distributing food, married her daughter in law

कानपुर: लॉकडाउन में प्यार / खाना मांगने वालों की लाइन में बैठी युवती से खाना बांट रहे युवक को हुआ प्यार; शादी करके बनाया घर की बहु

लॉकडाउन केबीच दो लोगों के बीच प्यार की नींव पड़ी वो और परिवार की सहमति से शादी के बंधन में बंध गए।
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  • नीलम के पिता की लगभग 7 साल पहले मौत हो चुकी थी, मां पैरालाइसिस से पीड़ित है
  • भाई-भाभी ने मां -बेटी को घर से पीटकर निकाल दिया था, नीलम ही अपनी मां का सहारा है

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 08:41 PM IST

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोनावायरस लॉकडाउन ने मानवीय जीवन के जीने के तौर तरीके बदल दिए हैं। लॉकडाउन में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी लोगों ने कल्पना भी नहीं की होगी। ऐसी ही एक घटना प्रकाश में आई है जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम से नहीं है। लॉकडाउन में गरीबों, बेसहारा लोगों को एक युवक अपने मालिक के साथ खाना बांटता था। खाना मांगने वालों की लाइन में बैठने वाली एक लड़की से ही प्यार हो गया। युवक ने युवती को अपना हमसफर बनाने का फैसला किया। दोनों भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने एक दूसरे को माला पहनाकर सात जन्मों के बंधन में बंध गए।

भाई और भाभी ने लड़की को पीटकर घर से निकाल दिया था

शहर में रहने वाली नीलम के पिता की लगभग 7 साल पहले मौत हो चुकी थी। मां पैरालाइसिस से पीड़ित हैं। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। भाई और भाभी ने मां बेटी को घर से पीटकर निकाल दिया था। नीलम अपनी बीमार मां का सहारा थी। लॉकडाउन लगने की वजह से मां बेटी दो वक्त की रोटी के लिए भी मोहताज गई थी। नीलम ने तय किया इस तरह से घर में बैठेगी तो मां बेटी भूख से मर जाएगी। नीलम सुबह शाम खाना मांगनों वालों की लाइन में बैठती और मां को खाना खिलाने के बाद खुद भी खाती थी।

अनिल अपने मालिक के साथ बांटता था खाना

पुराना कानपुर के रहने वाले अनिल अपने मालिक लालता प्रसाद के साथ लॉकडाउन में रोजाना खाना बांटने जाते था। जब लालता प्रसाद किसी कारणवश नहीं जा पाते थे तो अनिल अकेले ही लंच पैकेट बाटता था। अनिल ने बताया- "मैं रोजाना खाना बांटने जाता था तो नीलम को देखता था। मुझे ऐसा लगता था कि यह लड़की हालात की मारी है, जिसकी वजह से आज यह इस लाइन में बैठी है। ऐसे ही एक दिन मेरी नीलम से बात होने लगी तो उसने बताया कि पिता नहीं और मां को पैरालाइसिस अटैक पड़ा था।"

अनिल ने बताया- "नीलम से मेरी रोजाना बात होने लगी। हम दोनों एक दूसरे को पंसद करने लगे। लॉकडाउन के दौरान जब बहुत प्रशासन की तरफ से बहुत अधिक शक्ति थी तो इसके बाद भी मैं नीलम की मां और नीलम को खाना देने जाता था।" नीलम ने बताया- "मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं। मैने घर के हालात देखकर शादी का सपना देखना छोड़ दिया था। मुझे इस बात की उम्मीद नहीं थी कि मेरी थी शादी होगी। अनिल जैसा नेकदिन इंसान मुझे मिलेगा।"

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