ISIS के नाम से UP के गांव में भेजीं चिट्ठियां:कहा- खुफिया मैप और पेन ड्राइव सौंपें; वरना 10 अगस्त को मारे जाएंगे 3000 लोग

रामपुर4 महीने पहलेलेखक: आशीष उरमलिया

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के अनवा गांव में आतंकी संगठन ISIS के धमकी भरे कथित खत मिले हैं। एक लाल कपड़े में लपेटकर भेजी गई चार चिट्ठियों में गांव के चार परिवारों के पांच लोगों के नाम लिखे हैं। इसके अलावा पूरे गांव के 3169 लोगों को सरीन गैस से मारने की धमकी दी गई है।

ये चिट्ठियां मिलने के हफ्तेभर बाद भी गांव के लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। 3-4 लोगों ने तो खाना-पीना भी बंद कर दिया है। जिस घर के गेट पर लाल कपड़े में लिपटे 4 खत मिले थे, वहां 4 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। हमने इस गांव में जाकर उन लोगों से मुलाकात की, जिन्हें धमकी मिली और उन चिट्ठियों को डिकोड करने की कोशिश की…

इस लाल कपड़े पर अरबी में लिखा है- ला इलाहा इलल्लाह। इसी में लपेटकर खत भेजे गए थे।
इस लाल कपड़े पर अरबी में लिखा है- ला इलाहा इलल्लाह। इसी में लपेटकर खत भेजे गए थे।

लाल कपड़े पर अरबी में लिखा है- ला इलाहा इलल्लाह, ISIS
अनवा गांव के कुलदीप सिंह 22 जुलाई की सुबह 7 बजे खेत से धान में पानी लगाकर घर वापस आए, तो गेट पर गिफ्ट पैक करने वाली पन्नी में लिपटा हुआ कुछ दिखाई दिया। पन्नी हटाई तो अंदर लाल कपड़ा था और कपड़े में अरबी भाषा में कुछ लिखा था। कुलदीप ने सोचा कि यह कोई टोटका है और वे उस पैकेट को खेत की कूड़े वाली जगह पर फेंक आए।

गांव के कुछ लोगों की नजर उस पैकेट पर पड़ी। उन्होंने खोल कर देखा तो उसमें चार लिफाफे थे। लिफाफों के अंदर खत थे। पूरे खत अंग्रेजी में लिखे हुए थे और नीचे उर्दू में 2 लाइनें लिखी थीं। गांव में जिन्हें थोड़ी-बहुत अंग्रेजी आती थी, उन्होंने पढ़ा तो पता चला चिट्ठियों में लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई है। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी।

चारों लिफाफों के अंदर से इस तरह के चार खत निकले। सभी में एक जैसी बातें लिखी हुई थीं।
चारों लिफाफों के अंदर से इस तरह के चार खत निकले। सभी में एक जैसी बातें लिखी हुई थीं।

RAW की पेनड्राइव और मैप दिए वो चाहिए, वरना मारे जाओगे
कपड़े के अंदर मिले लिफाफों में कुलदीप सिंह, भानुप्रताप सिंह, वीरपाल सिंह और 60 साल की गीता शर्मा का नाम लिखा हुआ है। गीता शर्मा वाले लिफाफे में उनके 12 साल के पोते भरत शर्मा का नाम भी लिखा हुआ है। जब भरत 4 महीने का था, तभी उसके पिता का मर्डर हो गया था। वह पिछले 8 साल से अपनी मां के साथ दूसरे गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

खत में लिखा है, 'तुम लोग सोच रहे होगे, ये तुम्हारे साथ क्यों हो रहा है। मैं तुम्हें कभी भी मार सकता हूं। तुम्हारे परिवार या तुम्हारे गांव का कोई एक शख्स विदेश में है। उसके पास भारतीय खुफिया एजेंसी RAW या इंटेलिजेंस ब्यूरो के दिए हुए पेन ड्राइव और मैप रखे हैं। वो किसी भी हाल में हमें चाहिए, वरना गांव का एक भी शख्स जिंदा नहीं बचेगा।'

ऊपर से चौथी लाइन में सरीन गैस का जिक्र है। तीसरे पन्ने पर भी सरीन गैस की बात लिखी है।
ऊपर से चौथी लाइन में सरीन गैस का जिक्र है। तीसरे पन्ने पर भी सरीन गैस की बात लिखी है।

गांव में सरीन गैस रखवा दी गई है, 10 अगस्त लास्ट डेट
खत में आगे लिखा है, 'वो मैप और पेनड्राइव 20 अगस्त को भारत लाकर होम मिनिस्टर अमित शाह को देने का प्लान है। उस शख्स ने जिन अधिकारियों के साथ मिलकर प्लान बनाया है, उनको हमने खरीद लिया है। वो शख्स भूल रहा है कि भारत में मंत्रियों, अधिकारियों से लेकर जज तक सब बिकने को तैयार बैठे हैं। फिर भी वो किसी भी हालत में अमित शाह तक पहुंचने की कोशिश करेगा।

अगर ऐसा होता है तो मैं कसम खाकर कहता हूं कि गांव का एक भी इंसान जिंदा नहीं बचेगा। वो शख्स और खुद भारत सरकार यहां तक कि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ भी तुम्हें नहीं बचा पाएंगे। सरीन गैस को गांव में रखवा दिया गया है। मेरे एजेंट्स गांव के एक-एक व्यक्ति पर नजर बनाए हुए हैं। तुम लोगों के पास 10 अगस्त तक का टाइम है, तब तक चाहो तो उसे रोक लो। लिफाफे के ऊपर लिपटा लाल कपड़ा मौत का पैगाम है।'

चिट्ठी में पेन ड्राइव और मैप्स के बदले पैसे-नौकरी का लालच और 10 अगस्त की डेडलाइन है।
चिट्ठी में पेन ड्राइव और मैप्स के बदले पैसे-नौकरी का लालच और 10 अगस्त की डेडलाइन है।

2 करोड़ रुपए और विदेश में नौकरी का लालच भी
खत में आगे लिखा है, 'अगर वो शख्स पेन ड्राइव और मैप अमित शाह की जगह हमारे एजेंट को देता है, तो गांव के लोगों की जान तो बचेगी ही, हमारे एजेंट 24 घंटे में आपके घर 2 करोड़ रुपए पहुचाएंगे। उस शख्स को दुनिया के किसी भी देश में हाई लेवल जॉब दिलवाएंगे।

लेकिन अगर ये जानकारी पुलिस या किसी भी सुरक्षा एजेंसी को दी गई तो ये तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। वो पेन ड्राइव और मैप तो हम लेकर रहेंगे। आप सोच रहे होंगे ये सब आपके साथ क्यों हो रहा है? वो इसलिए क्योंकि आप उस शख्स को जानते हैं, वो आपसे जुड़ा हुआ है। सरीन गैस को अपने दिमाग में रखना। एक छोटी सी गलती बहुत सारी जिंदगियां ले सकती है।'

एक-एक घंटे में बेहोश हो रहा कुलदीप का भाई
हम उन चार लोगों से मिले, जिनके नाम चिट्ठियों में लिखे थे। ऐसे ही एक व्यक्ति कुलदीप ने कहा, 'हमने पहली बार पेन ड्राइव का नाम सुना है। हम तो ये डिबिया वाला फोन चलाते हैं।' इतनी ही बात हुई थी कि बगल में बैठा कुलदीप का छोटा भाई बेहोश होकर गिर पड़ा। होश आने पर रोते हुए बोला, 'हम कहीं भी नहीं जा पा रहे हैं। हमारे पालतू जानवर भूखे हैं उनके लिए चारा लेने जाने में भी डर लगता है। कल 5-6 लोग इकट्ठे होकर गए थे, तब चारा लेकर आए हैं।

ये कुलदीप सिंह के छोटे भाई हैं। धमकी भरी चिट्‌ठी मिलने के बाद ये बार-बार बेहोश हो रहे हैं।
ये कुलदीप सिंह के छोटे भाई हैं। धमकी भरी चिट्‌ठी मिलने के बाद ये बार-बार बेहोश हो रहे हैं।

इसी तरह 60 साल की विधवा गीता शर्मा ने कहा, 'मेरे 12 साल के पोते ने क्या बिगाड़ा है। वो तो कभी गांव भी नहीं आता। पड़ोसियों के अलावा गांव का कोई भी व्यक्ति उसे नहीं जानता। मेरे अलावा खत में जिनका नाम है, उन्होंने उसी दिन से ढंग से खाना तक नहीं खाया है।'

चारों लोगों का कहना है कि उनके पास ऐसा कुछ भी नहीं है, जो खत में मांगा गया है। दरअसल उन्हें अब तक ये पता ही नहीं है कि खत में लिखा क्या हुआ है। उन्हें बस इतना पता है कि 10 अगस्त तक उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। गांव के लोगों के चेहरों पर किस तरह खौफ पसरा हुआ है, इसे आप खबर के ऊपर लगे वीडियो में देख सकते हैं।

कुलदीप सिंह के छोटे भाई की तरह गांव में वे सभी लोग सहमे हुए हैं, जिन्हें धमकी मिली है।
कुलदीप सिंह के छोटे भाई की तरह गांव में वे सभी लोग सहमे हुए हैं, जिन्हें धमकी मिली है।

गांव के लोग सरीन गैस के बारे में भी नहीं जानते
धमकी के बाद से ही गांव में सनसनी फैली हुई है। गांव वालों के मन में चिंता इस बात को लेकर है कि चार लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई है। हालांकि उन्हें यह पता नहीं है कि पूरे गांव के नाम लिखी गई एक चिट्ठी में पूरे गांव को सरीन गैस से मारने की धमकी दी गई है। इसी खत में लिखा है कि विदेश में रहने वाले गांव के एक शख्स के पास वो दस्तावेज हैं। जबकि गांव में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो विदेश गया हो या वहां रहता हो।

सरीन गैस से होने वाली तबाही की एक तस्वीर देखिए...

सरीन गैस से हुई मौतों के बाद सीरिया के दश्मिक से ये तस्वीर सामने आई थी। ह्यूमन राइट वाच नाम की वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में इसे छापा है।
सरीन गैस से हुई मौतों के बाद सीरिया के दश्मिक से ये तस्वीर सामने आई थी। ह्यूमन राइट वाच नाम की वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में इसे छापा है।

सरीन गैस से 15 मिनिट में मर जाता है इंसान सरीन गैस एक रासायनिक हथियार है। विश्‍व में रासायनिक हथियारों पर निगरानी करने वाली एक एजेंसी के अनुसार यह सायनाइड से भी खतरनाक होती है और इसके असर से इंसान 15 मिनट में मर जाता है। अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा था कि 21 अगस्त 2013 को सीरिया के दश्मिक में सरीन गैस का उपयोग किया गया था। इस हमले में 1400 से ज्यादा लोग मारे गए थे।