जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर गिरफ्तार, जेल भेजे गए:बोले- सीएम योगी के इशारे पर हुई FIR, मेरी हत्या हो सकती है; योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने का किया था ऐलान

लखनऊ3 महीने पहले
  • रेप के आरोपी सांसद का साथ देने के आरोप में घर से घसीटते हुए ले गई पुलिस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले रिटायर्ड IPS अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह पुलिस से अरेस्ट वारंट और FIR की कॉपी मांगते दिख रहे हैं। पुलिस अमिताभ को घसीटते हुए हजरतगंज थाने ले जा रही है और वह इसका विरोध कर रहे हैं। थाने के अंदर का भी एक वीडियो सामने आया है। इसमें अमिताभ की चीखें सुनाई दे रही हैं।

गिरफ्तारी के बाद अमिताभ ठाकुर को मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां उन्होंने मीडिया से कहा कि सीएम योगी मेरी हत्या करा सकते हैं। मुझे जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। जिस केस से मेरा कोई मतलब नहीं, उसमें मुझे फंसाया जा रहा है।

शाम 6 बजे ठाकुर को मेडिकल के बाद हजरतगंज पुलिस ने कोर्ट में पेश किया है। कोर्ट से उन्हें जेल भेजे जाने के आदेश हुए।

अमिताभ ठाकुर पर रेप के आरोपी BSP सांसद अतुल राय का साथ देने का आरोप है। रेप पीड़िता और उसके गवाह दोस्त सत्यम राय ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर 16 अगस्त को वीडियो बनाकर अमिताभ ठाकुर पर आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों ने आग लगाकर आत्मदाह करने की कोशिश की थी। इलाज के दौरान पिछली 21 अगस्त को गवाह और 24 अगस्त को रेप पीड़िता की भी मौत हो गई थी। शाम 6 बजे उन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया है।

शुक्रवार को ही नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया था
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को ही अमिताभ ठाकुर ने अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी का नाम 'अधिकार सेना' रखा है। अमिताभ ने गोरखपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। वे 21 अगस्त को गोरखपुर में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर हाउस अरेस्ट कर लिया था। इसके बाद उनसे कई बार इस मामले में पूछताछ भी हो चुकी है।

अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी।
अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी।

रेप पीड़िता ने LIVE वीडियो बनाने के बाद लगाई थी आग
सुप्रीम कोर्ट के बाहर आग लगाने वाली पीड़िता के साथ इस मामले का मुख्य गवाह सत्यम भी था। पीड़िता और उसके साथी ने आग लगाने से पहले वीडियो LIVE किया था। इसमें दोनों ने कहा था कि वे सरकारी तंत्र से प्रताड़ित होने के बाद निराश हो चुके हैं।

सांसद अतुल राय ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए उन्हें खूब प्रताड़ित किया। पुलिस और जजों की मिलीभगत से उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से वह और उसके साथ हुई घटना का गवाह आत्मदाह के लिए मजबूर हुए हैं।

वीडियो में पीड़िता के दोस्त ने कहा था कि उन लोगों ने पैसों का प्रलोभन छोड़कर भूखे-प्यासे रहकर अतुल राय के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखी थी, ताकि कानून और पुलिस व्यवस्था में लोगों का भरोसा बढ़े। अब हम लोग एक नेक्सस में फंस गए हैं। हम लोगों के पास भी अगर राजनीतिक आश्रय होता, तो शायद हमें इस कदर परेशान नहीं होना पड़ता।

दोनों ने अमिताभ ठाकुर का नाम लिया था
सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते समय दोनों ने कहा था कि अतुल राय के इशारे पर वाराणसी के पूर्व SSP अमित पाठक, पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर, निलंबित डिप्टी SP अमरेश सिंह बघेल, दरोगा संजय राय और उसके बेटे समेत कुछ जज उनके पीछे पड़े हुए हैं।

पीड़िता और उसके दोस्त ने आरोप लगाया था कि कोर्ट के ट्रायल के दौरान अमिताभ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके मामले को हल्का करने का प्रयास किया और लोगों को मिसगाइड करने लगे। ये भी आरोप लगाया कि इन सभी की मिलीभगत से दोनों (रेप पीड़िता और उसके गवाह) पर फर्जी प्रकरण दर्ज हुए। महिला को चरित्रहीन साबित करने की कोशिश की गई।

ठाकुर की पत्नी बोलीं- पीड़िता ने सीएम योगी पर भी लगाए थे आरोप

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रेप पीड़िता के लाइव वीडियो में दिए गए जिस बयान के आधार पर अमिताभ को गिरफ्तार किया गया है, उसमें सीएम योगी आदित्यनाथ सहित कई न्यायिक और प्रसाशनिक अफसरों पर गंभीर आरोप हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सभी के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

नूतन ठाकुर ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अमिताभ की चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से उनके परिवार का उत्पीड़न शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त को अमिताभ चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे, तभी उन्हें नजरबंद कर दिया गया। तीन दिन तक घर के बाहर पुलिस का पहरा रहा। पूरा परिवार दहशत में था। 28 और 29 अगस्त दोबारा अयोध्या और गोरखपुर जाने का कार्यक्रम था जिसके लिए डीजीपी को पत्र भेजा गया था। इससे सरकार घबराई हुई थी। वहां जाने से पहले अरेस्ट कर लिया गया। इसके पहले न तो एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी गई न ही परिवार के किसी सदस्य को उनसे बात करने का मौका दिया गया।

डाइंग स्टेटमेंट के आधार पर कार्रवाई हुई तो सबको जाना चाहिए जेल

नूतन ठाकुर ने कहा कि पुलिस रेप पीड़िता के जिस डाइंग स्टेटमेंट (मौत से पहले का बयान) को कार्रवाई का आधार बना रही है उसमें दर्जन भर से ज्यादा अधिकारियों के नाम लिए गए हैं। पीड़िता ने अमिताभ का नाम सबसे बाद में लिया है। फिर भी वह बयान अगर कार्रवाई का आधार है तो बनारस और लखनऊ के उन सभी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिनपर पीड़िता ने अमिताभ से भी ज्यादा गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानें कब, क्या हुआ ?

  • 2019 में पीड़िता ने अतुल राय के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था।
  • 22 जून 2019 को बसपा सांसद अतुल राय ने वाराणसी की अदालत में सरेंडर किया, जेल भेजा गया।
  • 2 दिसंबर 2020 को पीड़िता के गवाह सत्यम प्रकाश राय ने लंका थाने में धमकी मिलने का प्रकरण दर्ज कराया।
  • 2 अगस्त 2021 को रेप पीड़िता पर भी BSP सांसद ने केस दर्ज कराया था। इस मामले में पीड़िता के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया।
  • 16 अगस्त 2021 की दोपहर सुप्रीम कोर्ट के सामने पीड़िता और गवाह ने फेसबुक पर लाइव हुए और आत्मदाह किया।
  • 21 अगस्त 2021 को इलाज के दौरान गवाह की मौत हो गई। इसी दिन अमिताभ ठाकुर को हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
  • 24 अगस्त को पीड़िता ने भी दम तोड़ दिया।
  • 27 अगस्त को अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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