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मथुरा में कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू:जन्माष्टमी पर वेणु मंजिरिका पुष्प बंगले में विराजेंगे भगवान, सोने चांदी से बनी गाय से कराया जाएगा अभिषेक

मथुरा9 महीने पहले
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भगवान श्री कृष्ण के 5248 वें जन्म महोत्सव के दिव्य अवसर पर भगवान को वेणु मंजिरिका यानी बांसुरी और मोर की आकृति वाले पुष्प बंगले में विराजमान कराया जाएगा - Dainik Bhaskar
भगवान श्री कृष्ण के 5248 वें जन्म महोत्सव के दिव्य अवसर पर भगवान को वेणु मंजिरिका यानी बांसुरी और मोर की आकृति वाले पुष्प बंगले में विराजमान कराया जाएगा

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए मथुरा नगरी को सजाने संवारने का काम चल रहा है। इस बार जन्माष्टमी का त्योहार 30 अगस्त को है। जनपद में इसे तीन दिवसीय समारोह के रूप में मनाए जाने की तैयारी की जा रही है। श्री कृष्ण जन्मस्थान मन्दिर प्रबंधन व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है। भगवान श्री कृष्ण के 5248 वें जन्म महोत्सव पर भगवान को वेणु मंजिरिका यानी बांसुरी और मोर की आकृति वाले पुष्प बंगले में विराजमान कराया जाएगा।

भगवान को वेणु मंजिरिका यानी बांसुरी और मोर की आकृति वाले पुष्प बंगले में विराजमान कराया जाएगा
भगवान को वेणु मंजिरिका यानी बांसुरी और मोर की आकृति वाले पुष्प बंगले में विराजमान कराया जाएगा

गर्भगृह को जेल का रूप दिया जाएगा

भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। मूल गर्भगृह को इस बार जेल का रूप दिया जा रहा है। यहां पर लाइटिंग का भी इतंजाम किया गया है। गर्भगृह के बाहरी हिस्से में भगवान के जन्म से पूर्व की लीलाएं लाइटिंग के जरिए भक्तों को दिखाई जाएंगी।

गर्भगृह के बाहरी हिस्से में भगवान के जन्म से पूर्व की लीलाएं लाइटिंग के जरिए भक्तों को दिखाई जाएंगी।
गर्भगृह के बाहरी हिस्से में भगवान के जन्म से पूर्व की लीलाएं लाइटिंग के जरिए भक्तों को दिखाई जाएंगी।

कामधेनु गाय करेगी भगवान का अभिषेक

भगवान श्री कृष्ण को चांदी से बने कमल पुष्प में विराजमान किया जाएगा। उसके बाद उनका पंचामृत यानी दूध, दही, घी, बुरा, शहद, दिव्य औषधियों व वनस्पतियों से अभिषेक किया जाएगा। भगवान के अभिषेक के लिए सोने -चांदी से गाय बनाई जा रही है। उसके अंदर दूध भरा जाएगा। उसके बाद उसके दूध से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। इसके पीछे मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवता विराजमान रहते हैं।

भगवान के अभिषेक के लिए सोने -चांदी से गाय बनाई जा रही है।
भगवान के अभिषेक के लिए सोने -चांदी से गाय बनाई जा रही है।

रात 1:30 बजे तक होंगे दर्शन

श्री कृष्ण जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मन्दिर के दर्शन सुबह मंगला आरती के साथ शुरू होंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम भागवत भवन में श्री राधाकृष्ण के श्री विग्रह के समक्ष होगा। जन्म महाअभिषेक का मुख्य कार्यक्रम रात 11 बजे श्री गणेश व नवग्रह पूजन से शुरू होगा।

इसके बाद 1008 कमल के फूलों से भगवान का स्मरण किया जाएगा। रात 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ ही मन्दिर परिसर में ढोल, नगाड़े, झांझ, मंजीरे, मृदंग आदि बजाए जाएंगे। भगवान का जन्म अभिषेक रात 12: 30 तक चलेगा। इसके बाद श्रंगार आरती के दर्शन होंगे। उस दिन रात 1:30 बजे तक भगवान के दर्शन किए जा सकेंगे।

उस दिन रात 1:30 बजे तक भगवान के दर्शन किए जा सकेंगे।
उस दिन रात 1:30 बजे तक भगवान के दर्शन किए जा सकेंगे।

कोरोना से बचाव की जानकारी देने के लिए लगाए जाएंगे 200 लाउडस्पीकर

इस बार जन्माष्टमी पर्व पर करीब 50 लाख श्रद्धालुओं के बृज में आने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के लिए कोविड-19 नियमों के नियमों का पालन करना भी बड़ी चुनौती होगी। इसलिए किसी भी श्रद्धालु को मन्दिर में बिना मास्क के प्रवेश नहीं मिलेगा।

गेट से मंदिर में घुसते ही हाथ सेनेटाइज कराए जाएंगे। वहीं श्री कृष्ण जन्मस्थान के आसपास 200 लाउडस्पीकर से कोविड 19 के नियमों का पालन करने की अपील की जाएगी

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