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मुख्तार अंसारी गिरोह पर शिकंजा:लखनऊ में अवैध कब्जे की बिल्डिंग को ढहाया गया; सामान को बाहर फेंका गया; कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने खदेड़ दिया

लखनऊएक वर्ष पहले
लखनऊ के डालीबाग स्थित अवैध बिल्डिंग को गिराने पहुंचा प्रशासनिक अमला।
  • 11 अगस्त को एलडीए ने अवैध घोषित किया था
  • मुख्तार अंसारी के बेटों के नाम दर्ज है बिल्डिंग: सूत्र

उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक मुख्तारी अंसारी और उसके गिरोह पर कार्रवाई जारी है। गुरुवार को लखनऊ के डालीबाग कॉलोनी में मुख्तार के अवैध कब्जे वाली बिल्डिंग को गिरा दिया गया। एलडीए, प्रशासन और पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की तो कुछ लोगों ने विरोध जताया। नोकझोंक बढ़ती, इससे पहले ही पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ दिया।

टीम ने दो टावर के मैन गेट का ताला तोड़कर जमींदोज किया।
टीम ने दो टावर के मैन गेट का ताला तोड़कर जमींदोज किया।

20 से ज्यादा जेसीबी मौके पर
विधायक मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे को खाली कराने के लिए सुबह 7 बजे टीम डालीबाग पहुंच गई। इस दौरान 20 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को भवन को गिराने में लगाया गया है। सबसे पहले टीम ने दो टावर के मैन गेट का ताला तोड़कर उसको जमींदोज किया।

बिल्डिंग में मिले सामान को बाहर किया गया।
बिल्डिंग में मिले सामान को बाहर किया गया।

टावर किसका, पुलिस टीम नहीं बता रही
गेट का ताला तोड़कर और वहां बने निर्माण से सामान निकाल कर पुलिस ने कार्रवाई की है। बताया जा रहा टावर के मकान में कोई रह नहीं रहा था। लेकिन कुछ सामान रखा था, जिसे टीम ने उठाकर घर के बाहर फेंक दिया।

कब्जा कर बनाई गई बिल्डिंग

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने बताया कि यह दोनों बिल्डिंग पहले मुख्तार की मां के नाम पर थी। गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई गई थी। मूलतः यह निष्क्रांत संपत्ति यानी 1956 से पहले पाकिस्तान गए लोगों की है। इसमें बार-बार चेतावनी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर इसे तोड़ने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन बिल्डिंग के तोड़ने का खर्चा, अब तक का किराया भी वसूलेगी। इस निर्माण के लिए जिम्मेदार रहे तत्कालीन अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

सूत्रों के मुताबिक, यह सम्पत्ति पहले किसी महिला राबिया के नाम पर थी। उसके बाद मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों अब्बास और उमर अंसारी के नाम ट्रांसफर कर दी गई। शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर बनाई गई दो मंजिला इमारत के खिलाफ एलडीए संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने 11 अगस्त को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।

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