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मोदी कैबिनेट में UP के 7 सांसद बने राज्य मंत्री:इनमें तीन OBC, 3 दलित और एक ब्राह्मण चेहरा; अजय मिश्रा गृह राज्य मंत्री बनाए गए, कौशल किशोर को शहरी विकास मंत्रालय मिला

लखनऊ2 महीने पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में उत्तर प्रदेश के 7 सांसदों को शामिल किया गया है। खास बात ये है कि इन सभी सांसदों को राज्य मंत्री ही बनाया गया है। सातों मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। खीरी से सांसद अजय मिश्रा को नया गृह राज्य मंत्री बनाया गया है जबकि मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर को आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।

इससे पहले महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी, मिर्जापुर की अनुप्रिया पटेल, आगरा के डॉ. एसपी सिंह बघेल, जालौन के सांसद भानु प्रताप, मोहनलाल गंज के सांसद कौशल किशोर, राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा और खीरी से सांसद अजय मिश्रा ने शपथ ली थी। मोदी मंत्रिमंडल में इस बार तीन ओबीसी, तीन दलित और एक ब्राह्मण चेहरे को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि पंकज चौधरी ने अपनी बेटी की शादी से एक दिन पहले मंत्री पद की शपथ ली है।

सात मंत्रियों को मिले विभाग

  • बीएल वर्मा के पास पूर्वोत्तर राज्यों के मंत्रालय के अलावा सहकारिता मंत्रालय में राज्यमंत्री का प्रभार भी होगा। ये अमित शाह के राज्य मंत्री होंगे।
  • अजय कुमार मिश्रा को भी गृह राज्य मंत्री बनाया गया है।
  • पंकज चौधरी को वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • अनुप्रिया पटेल को कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।
  • कौशल किशोर को शहरी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है।
  • एसपी सिंह बघेल को विधि एवं न्याय विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया है।
  • भानु प्रताप सिंह वर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग विभाग का राज्य मंत्री बनाया गया है।

शपथ पत्र नहीं पढ़ पाए पंकज
महाराजगंज के सांसद पंकज चौधरी ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान वह पद और गोपनियता का शपथ पत्र नहीं पढ़ पाए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें टोका तब दोबारा उन्होंने शपथ पत्र को सही से पढ़ा।

नए मंत्रालय की जिम्मेदारी यूपी को मिल सकती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट विस्तार से पहले मंगलवार को एक नया मंत्रालय मिनिस्ट्री ऑफ को-ऑपरेशन बनाया है। मोदी सरकार इस मंत्रालय के जरिए अपने 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करेगी। यह मंत्रालय देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग से प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा उपलब्ध कराएगा। सूत्रों की माने तो इस मंत्रालय की जिम्मेदारी यूपी के किसी बड़े चेहरे को मिल सकती है।

मोदी सरकार में यूपी के इन सात चेहरों को जगह मिली है।
मोदी सरकार में यूपी के इन सात चेहरों को जगह मिली है।

UP से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों की खासियत

1. अनुप्रिया पटेल : यूपी में कुर्मी वोटर्स को साधने की कोशिश

पद और गोपनियता की शपथ लेते हुए अनुप्रिया पटेल।
पद और गोपनियता की शपथ लेते हुए अनुप्रिया पटेल।

अपुप्रिया पटेल अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर से सांसद है। अनुप्रिया की पकड़ कुर्मी वोटर्स के बीच काफी मजबूत मानी जाती है। मिर्जापुर से लगातार दूसरी बार सांसद बनी है। इससे पहले पहली बार अनुप्रिया पटेल ने 2014 में मिर्जापुर से लोकसभा पहुंची थी। तब उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी। यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में 9-10% वोटर्स कुर्मी हैं। यही कारण है कि BJP ने यूपी में पार्टी की बागडोर कुर्मी नेता स्वतंत्र देव सिंह के हाथों में दी है।

2. अजय मिश्रा के जरिए ब्राह्मण वोटर्स पर फोकस

खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी को 17वीं लोकसभा के संसद रत्न के लिए 2020 में चयनित किया गया था। 2010 से शुरू होने वाले इस अवार्ड को पाने वाले वह यूपी के पहले सांसद हैं। अजय मिश्र टेनी लगातार दो बार खीरी संसदीय सीट से लोक सभा चुने गए हैं। उनके साथ ही पूरे देश से विभिन्न राजनैतिक दलों के तेईस सांसदों का चयन इस अवार्ड के लिए किया गया था। अभी अजय मिश्र लोक लेखा समिति के सदस्य हैं। अजय के जरिए मोदी सरकार ने यूपी में ब्राह्मण वोटर्स पर फोकस किया है। अगले साल होने वाले चुनाव में इसका फायदा BJP को मिल सकता है।

3. संतोष गंगवार की जगह बीएल वर्मा को जगह

यूपी कंस्ट्रक्शन एवं डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे बदायूं के बीएल वर्मा को राज्यसभा सदस्य बनाने के बाद केंद्रीय मंत्री बनाया जा रहा हैं। बताया जाता है कि बीएल वर्मा को संतोष गंगवार की जगह लिया जा रहा है। पार्टी ने इन्हें मंत्री बनाकर रुहेलखंड के साथ आगरा मंडल को साधने की कोशिश की है। इन इलाकों में लोधी वोट बैंक सबसे ज्यादा है। बीएल वर्मा लोधी समाज के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी रहे हैं।

कस्बा उझानी निवासी बनवारी लाल वर्मा अब बीएल वर्मा के नाम से जाने जाते हैं। वह बरेली के मूलरूप से उझानी ब्लाक के ज्योरा पारवाला गांव के रहने वाले हैं। इन्होंने राजनीतिक सफर की शुरुआत तो 1980 में संघ के खंड कार्यवाह व तहसील प्रमुख के रूप में की थी। 1984 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री, 1997 में भाजयुमो के प्रदेश मंत्री रहे। 2003 से 2007 तक दो बार भाजपा के प्रदेश मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली। 2011 में कल्याण सिंह ने जब भाजपा छोड़कर जन क्रांति पार्टी बनाई थी तब इन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। कल्याण सिंह के साथ ही भाजपा में वापसी करने के बाद इन्हें ब्रज क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया था।

4. पांच बार के सांसद भानु को मिली केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह

मंत्री पद की शपथ लेते भानु प्रताप सिंह वर्मा।
मंत्री पद की शपथ लेते भानु प्रताप सिंह वर्मा।

जालौन-गरौठा-भोगनीपुर के सांसद भानु प्रताप वर्मा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली है। भानु प्रताप वर्मा 5वीं बार सांसद बनकर संसद पहुंचे। शिक्षा में वह एम.ए. एल.एल.बी. हैं। भानु प्रताप वर्मा ने अपना राजनैतिक सफर नगर पालिका के सभासद के रूप में शुरू किया था। बाद में 1992-93 में पहली बार वह कोंच सुरक्षित सीट से विधायक के रूप में चुने गए।

उन्हें 1996 में पहली बार जालौन गरौठा सुरक्षित लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया था। उन्होंने जीत हासिल की। साल 1998 में दोबारा लोकसभा सदस्य बने। 1999 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2004 में जालौन से फिर सांसद चुने गए। 2009 में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा। 2014 में मोदी लहर में उन्हें चौथी बार सांसद चुना गया और 2019 में पांचवी बार सांसद बने। भानु प्रताप सिंह वर्मा मूल रूप से कोंच के मालवीय नगर के रहने वाले हैं।

भानु प्रताप वर्मा अनुसूचित जाति से आते हैं और वह भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। दलित चेहरा होने के कारण यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा रही है।

5. प्रोफेसर बघेल दो बार से सांसद और एससी कैटेगिरी पर अच्छी पकड़

राज्यमंत्री पद की शपथ लेते डॉ. एसपी सिंह बघेल।
राज्यमंत्री पद की शपथ लेते डॉ. एसपी सिंह बघेल।

प्रो. एसपी सिंह बघेल यूपी के आगरा सीट से सांसद है। इनकी एससी कैटेगिरी पर अच्छी पकड़ है। बघेल अपने कॅरियर की शुरूआत में दरोगा की नौकरी कर चुके हैं। वह नारायण दत्त तिवारी और मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी रहे। बघेल नारायण दत्त तिवारी और मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा गार्ड रहे।

1989 में मुलायम सिंह यादव ने बघेल को जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पहली बार लोकसभा के चुनाव में उतारा और वह चुनाव जीत गए। इसके बाद दो बार सांसद चुने गए। पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा से सांसद रहे बघेल 2017 में आगरा के पास टूंडला विधानसभा से चुनाव जीता और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए। 2019 में बीजेपी ने इन्हें आगरा से लोकसभा का टिकट दिया और बघेल लोकसभा पहुंच गए। एसपी सिंह बघेल का परिवार उत्तर प्रदेश के औरैया जिले का रहने वाला है उनके पिता भी पुलिस महकमे में ही थे।

6. पंकज चौधरी : 6वीं बार सांसद बने, गोरखपुर से राजनीति शुरू की थी

मोदी मंत्रिमंडल में बतौर राज्यमंत्री शपथ लेते पंकज चौधरी।
मोदी मंत्रिमंडल में बतौर राज्यमंत्री शपथ लेते पंकज चौधरी।

उत्तर प्रदेश से महाराजगंज से BJP सांसद पंकज चौधरी ने मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री पद की शपथ ली। 2019 में पंकज चौधरी 6वीं बार लोकसभा में सांसद बनकर पहुंचे थे। चौधरी का जन्म गोरखपुर में हुआ और यहीं से पढ़े लिखे। 57 साल के पंकज चौधरी को पार्षद से लेकर संसद सदस्य तक का अनुभव रहा है। गोरखपुर से ही उनका राजनीतिक कॅरियर भी शुरू हुआ। पंकज चौधरी 1991, 1996, 1998, 2004, 2014 में सांसद रह चुके हैं। 2019 में वे छठवीं बार सांसद चुने गये हैं। बताया जा रहा है कि पंकज चौधरी चौधरी ने बेटी की शादी से एक दिन पहले मंत्री पद की शपथ ली है।

7- कौशल किशोर के जरिए दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश

मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर को मोदी सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर को मोदी सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

कौशल किशोर यूपी में दलितों के बड़े नेता के तौर पर पहचान बना चुके हैं। राजधानी लखनऊ के बाहरी हिस्से मोहनलाल गंज से लागातार दुसरी बार सांसद बने हैं। कौशल एससी जाति से आते हैं और दलितों के उत्थान के लिए अपने इलाके में लागातार काम करते रहते हैं। इनकी पत्नी भी विधायक हैं। माना जाता है कि ना सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र बल्कि आस-पास के जिलों में भी बतौर दलित नेता इनकी अच्छी पकड़ है। मोदी कैबिनेट में शामिल कर पार्टी इस समुदाय को बड़ा मैसेज देना चाहती है। ये साल 2002 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2004 में मुलायम सिंह की सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा मिला था। उसके बाद 2007 और 2012 के विधानसभा चुनाव में हार मिली थी। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। 2019 में दोबारा सांसद बने हैं और अब उन्हें केंद्र सरकार में पहली बार उन्हें मंत्री बनाया गया है।

टीम मोदी के नए चेहरे

1. नारायण राणे 2. सर्वानंद सोनोवाल 3. वीरेंद्र कुमरा 4. ज्योतिरादित्य सिंधिया 5. आरसीपी सिंह 6. अश्विनी वैष्णव 7. पशुपति कुमार पारस 8. किरण रिजिजू 9. राजकुमार सिंह 10. हरदीप सिंह पुरी 11. मनसुख मंडाविया 12. भूपेंद्र यादव 13. पुरुषोत्तम रूपाला 14. जी किशन रेड्डी 15. अनुराग ठाकुर 16. पंकज चौधरी 17. अनुप्रिया पटेल 18. सत्यपाल सिंह बघेल 19. राजीव चंद्रशेखर 20. शोभा करंदलाजे 21. भानुप्रताप सिंह वर्मा 22. दर्शना विक्रम जरदोश 23. मीनाक्षी लेखी 24. अन्नपूर्णा लेखी 25. ए नारायण स्वामी 26. कौशल किशोर 27. अजय भट्ट 28. बीएल वर्मा 29. अजय कुमार 30. देवसिंह चौहान 31. भगवंत खूबा 32. कपिल पाटिल 33. प्रतिमा भौमिक 34. सुभाष सरकार 35. भगवत कृष्ण राव कराड़ 36. राजकुमार रंजन सिंह 37. भारती प्रवीण पवार 38. विश्वेश्वर टुडू 39. शांतनु ठाकुर 40. महेंद्र भाई मुंजापारा 41. जॉन बारला 42. एल मुरुगन 43. नीतीश प्रामाणिक

बरेली के सांसद संतोष गंगवार का मंत्रिमंडल से इस्तीफा

बरेली से सांसद और केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस्तीफा दे दिया है। 73 साल के गंगवार को उम्र के चलते इस्तीफा दिया गया है। मोदी कैबिनेट में ज्यादातर युवा चेहरों को जगह दी जा रही है। संतोष गंगवार ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ ली थी। उन्हें श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। 2017 में गंगवार को श्रम एवं रोजगार मंत्री बनाया गया था। 2014 में संतोष गंगवार को वित्त राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया था। बाद में उन्होंने कपड़ा मंत्रालय भी संभाला था।

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