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मेरठ में अमानवीयता:बैग में भरकर नवजात को मरने के लिए छोड़ा; राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना, मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया

मेरठ10 महीने पहले
मेरठ में सड़क किनारे एक नवजात बच्ची तीन बैग के अंदर बंद करके रखा हुआ था। रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
  • बच्ची को तीन बैगों के अंदर बंद करके रखा गया था
  • रोने की आवाज सुनकर लोगों ने दी पुलिस को सूचना

मेरठ जिले के परतापुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम को सड़क किनारे पड़े एक बैग से नवजात बच्ची को बरामद किया गया। बच्ची को तीन बैगों के अंदर बंद करके रखा गया था। बच्ची के रोने की आवाज सुनने के बाद लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया।

परतापुर थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि शाम करीब साढ़े छह बजे कैलाश डेरी के पास राहगीरों ने सड़क के किनारे एक बैग पड़ा दिखे। बैग के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। राहगीरों ने बैग खोलकर देखा तो उसके अंदर करीब तीन माह की बच्ची थी।

उधर, सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को प्यारेलाल अस्पताल भर्ती कराया, जहां नवजात का इलाज चल रहा है। थाना प्रभारी सतीश कुमार के अनुसार, बच्ची फिलहाल ‘चाइल्ड हेल्प लाइन' की निगरानी में है।