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किसानों के जोश, जश्न और जिंदादिली की तस्वीरें:यूपी के गांवों में है युद्ध जीतने जैसा माहौल, मेरठ में भैंसा-बुग्गी से निकाला जीत का कारवां

लखनऊ6 महीने पहले

तीनों कृषि कानून के वापस होने के बाद यूपी के हर गांव में चहल-पहल है। वेस्ट यूपी में तो ऐसा लग रहा है, जैसे किसानों ने कोई युद्ध जीत लिया है। गांवों ढोल-नगाड़े से लेकर भैंसा-बुग्गी गाड़ियों पर जीत का जुलूस निकल रहा है। मिठाई बंट रही हैं। इसी तरह कानपुर, लखनऊ, झांसी समेत अन्य जिलों में भी किसानों ने गले मिलकर और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।

13 तस्वीरों में देखिए यूपी के किसानों की खुशी...

दिल्ली के बॉर्डर पर 26 नवंबर 2020 से चल रहे किसान आंदोलन को 7 दिन बाद पूरा एक साल हो जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि एक साल के भीतर आंदोलन में करीब 700 किसानों की मौत हो चुकी है।
दिल्ली के बॉर्डर पर 26 नवंबर 2020 से चल रहे किसान आंदोलन को 7 दिन बाद पूरा एक साल हो जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि एक साल के भीतर आंदोलन में करीब 700 किसानों की मौत हो चुकी है।
26 जनवरी 2021 की हिंसा के बाद किसान आंदोलन बैकफुट पर आ गया था। 28 जनवरी को राकेश टिकैत बातचीत के दौरान भावुक हो गए थे, जिससे पूरा मामला पलट गया। वीडियो वायरल होते ही हजारों किसान रातों-रात गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने लगे थे।
26 जनवरी 2021 की हिंसा के बाद किसान आंदोलन बैकफुट पर आ गया था। 28 जनवरी को राकेश टिकैत बातचीत के दौरान भावुक हो गए थे, जिससे पूरा मामला पलट गया। वीडियो वायरल होते ही हजारों किसान रातों-रात गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने लगे थे।
भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक कहा कि देश के किसानों की सामूहिक एकजुटता, त्याग और संघर्ष की बदौलत यह पहली जीत मिली है, तीनों काले कानून सरकार वापस लेगी। कहा कि भाकियू किसानों को इस संघर्ष के लिए धन्यवाद करती है।
भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक कहा कि देश के किसानों की सामूहिक एकजुटता, त्याग और संघर्ष की बदौलत यह पहली जीत मिली है, तीनों काले कानून सरकार वापस लेगी। कहा कि भाकियू किसानों को इस संघर्ष के लिए धन्यवाद करती है।
मेरठ में किसान भैंसा-बुग्गी गाड़ियों को लेकर रोड पर निकल पड़े। बता दें कि सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों ने अपनी जीत का जश्न मनाया। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले तीन महीने से किसान टोल प्लाजा पर धरनारत हैं।
मेरठ में किसान भैंसा-बुग्गी गाड़ियों को लेकर रोड पर निकल पड़े। बता दें कि सिवाया टोल प्लाजा पर किसानों ने अपनी जीत का जश्न मनाया। तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले तीन महीने से किसान टोल प्लाजा पर धरनारत हैं।
झांसी में महिला किसानों एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और कहा कि एमएसपी पर कानून नहीं बनता, तब तक किसानों का धरना खत्म नहीं होगा। गेहूं का एमएसपी का रेट 19.40 रुपए है, जबकि हमारे यहां 13 व 14 रुपए किलो बिक रहा।
झांसी में महिला किसानों एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और कहा कि एमएसपी पर कानून नहीं बनता, तब तक किसानों का धरना खत्म नहीं होगा। गेहूं का एमएसपी का रेट 19.40 रुपए है, जबकि हमारे यहां 13 व 14 रुपए किलो बिक रहा।
किसानों पर 115 कविताएं लिखने वाले सुरेंद्र सिंह ने गाजीपुर बार्डर में कहा कि सरकार ने तमाम जख्म दिए, लेकिन अभी सिर्फ एक जख्म पर पट्टी लगाई है। किसानों की जीत केवल एक मोर्चे पर हुई है।
किसानों पर 115 कविताएं लिखने वाले सुरेंद्र सिंह ने गाजीपुर बार्डर में कहा कि सरकार ने तमाम जख्म दिए, लेकिन अभी सिर्फ एक जख्म पर पट्टी लगाई है। किसानों की जीत केवल एक मोर्चे पर हुई है।
झांसी में किसान रक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर बिदुआ ने कहा कि ये देश के हर किसान परिवार की जीत है। आज हमारे लिए दोगुनी खुशी है, आज रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन है, लेकिन ये अधूरी कसक है।
झांसी में किसान रक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर बिदुआ ने कहा कि ये देश के हर किसान परिवार की जीत है। आज हमारे लिए दोगुनी खुशी है, आज रानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन है, लेकिन ये अधूरी कसक है।
मर्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो मेंबर सुभाषिनी अली भी गाजीपुर बॉर्डर पर आ गई हैं। उनका कहना है कि अभी कृषि कानून वापस नहीं हुए हैं। संसद का फैसला वापस लेना बाकी है। इसके अलावा बिजली बिल, लखीमपुर खीरी मुद्दा, MSP पर फसल खरीद जैसे मुद्दे बचे हुए हैं।
मर्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो मेंबर सुभाषिनी अली भी गाजीपुर बॉर्डर पर आ गई हैं। उनका कहना है कि अभी कृषि कानून वापस नहीं हुए हैं। संसद का फैसला वापस लेना बाकी है। इसके अलावा बिजली बिल, लखीमपुर खीरी मुद्दा, MSP पर फसल खरीद जैसे मुद्दे बचे हुए हैं।
मेरठ में किसान मसीह बाबा महेंद्र सिंह टिकैत और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के फ्लेक्स पर फूल माला चढ़ाकर किसानों ने दी श्रद्धांजलि। इस दौरान किसानों कहा कि ये जीत यूं नहीं मिली बड़ी तपस्या की है।
मेरठ में किसान मसीह बाबा महेंद्र सिंह टिकैत और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के फ्लेक्स पर फूल माला चढ़ाकर किसानों ने दी श्रद्धांजलि। इस दौरान किसानों कहा कि ये जीत यूं नहीं मिली बड़ी तपस्या की है।
वेस्टर्न यूपी को दिल्ली से जोड़ने वाले NH-58 मुख्य हाईवे पर किसान जश्न मना रहे हैं। पूरे किसान आंदोलन में मेरठ का यह सिवाया टोल प्लाजा अहम भूमिका में रहा। पूरे आंदोलन के लिए कई बार किसानों ने टोल फ्री कराया, यहां तोड़फोड भी हुई
वेस्टर्न यूपी को दिल्ली से जोड़ने वाले NH-58 मुख्य हाईवे पर किसान जश्न मना रहे हैं। पूरे किसान आंदोलन में मेरठ का यह सिवाया टोल प्लाजा अहम भूमिका में रहा। पूरे आंदोलन के लिए कई बार किसानों ने टोल फ्री कराया, यहां तोड़फोड भी हुई
मुरादाबाद में किसानों ने जश्न मनाते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई। जलेबी बांटी और पटाखे छोड़े। किसानों ने कहा कि यह संयुक्त किसान मोर्चा और किसानों के संघर्ष की जीत है
मुरादाबाद में किसानों ने जश्न मनाते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई। जलेबी बांटी और पटाखे छोड़े। किसानों ने कहा कि यह संयुक्त किसान मोर्चा और किसानों के संघर्ष की जीत है
दिल्ली से वेस्ट यूपी आते-जाते समय सभी बड़े किसान नेताओं ने सिवाया टोल प्लाजा पर रुककर किसानों से संवाद किया और आंदोलन की रणनीति बनाई है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के दौरान भी राकेश टिकैत यहां रुके थे, सप्ताह भर पहले यहां टिकैत आए थे
दिल्ली से वेस्ट यूपी आते-जाते समय सभी बड़े किसान नेताओं ने सिवाया टोल प्लाजा पर रुककर किसानों से संवाद किया और आंदोलन की रणनीति बनाई है। मुजफ्फरनगर महापंचायत के दौरान भी राकेश टिकैत यहां रुके थे, सप्ताह भर पहले यहां टिकैत आए थे
कृषि कानून वापस लिए जाने की खुशी में मुजफ्फरनगर के नई मंडी में जश्न मनाते भारतीयों कार्यकर्ता व व्यापारी नेताओं ने पटाखे फोड़े और खुशी हाजिर करते कहा अभी ओर इंतजार है।
कृषि कानून वापस लिए जाने की खुशी में मुजफ्फरनगर के नई मंडी में जश्न मनाते भारतीयों कार्यकर्ता व व्यापारी नेताओं ने पटाखे फोड़े और खुशी हाजिर करते कहा अभी ओर इंतजार है।
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