राजू के गजोधर भइया बनने की कहानी:नाई के नाम ने राजू को कॉमेडी का किंग बनाया, अमिताभ और लालू की नकल से शोहरत मिली

लखनऊ7 दिन पहलेलेखक: देवांशु तिवारी / राजेश साहू

साल था 1988, सिनेमाघरों से गली-मोहल्लों तक शहंशाह, कयामत से कयामत तक और तेजाब जैसी फिल्मों की बातें हो रही थी। वो दौर टिपिकल हीरो वाली फिल्मों का था, जिसमें लीड हीरो को देखने के लिए ही लोग टॉकीज जाते थे। लेकिन इसी दरम्यान एक नॉर्मल से चेहरे ने लोगों को अपनी ओर खींचा। नाम था...राजू श्रीवास्तव।

बतौर फिल्म एक्टर राजू पहली बार 1988 में बनी फिल्म 'तेजाब' में दिखे। इस फिल्म में भले ही उन्होंने छोटा रोल निभाया, लेकिन उनकी एक्टिंग ने बड़े फिल्म मेकर्स का ध्यान खींचा। यही वजह थी कि एक साल बाद यानी 1989 में उन्हें राजश्री प्रोडक्शन ने अपने मेगा प्रोजेक्ट 'मैंने प्यार किया' में शामिल किया। राजू ने 1988 से 2017 तक 17 फिल्मों में काम किया।

फिल्मों में हिट होने के बाद राजू ने कॉमेडी की शुरुआत टीवी शो टी टाइम मनोरंजन से की। यहां वह सुरेश मैनन और ब्रजेश हारजी के साथ नजर आते थे। 3 जून 2005 को जब द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शुरू हुआ तो राजू की किस्मत एकबारगी पलट गई। यहां गजोधर बनकर उन्होंने सबका दिल जीत लिया।

आइए चलते हैं राजू के 5 मशहूर फिल्मी किरदार जानते हैं, उसके बाद कॉमेडी के 5 सबसे चर्चित डायलॉग जानते हैं...

फिल्म: आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया
रोल: बाबा चिन चिन चू
रिलीज इयर: 2001

2001 में रिलीज हुई आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया फिल्म में गोविंदा, जूही चावला, तब्बू और जॉनी लीवर थे। राजू ने फिल्म में 'बाबा चिन चिन चू' नाम के गुंडे की भूमिका निभाई थी, जो एक सेठ के घर को लूटने पहुंचता है। इस फिल्म में उनका डायलॉग 'मेरा नाम चिन चिन चू बाबा चिन चिन चू, कर डालूंगा तेरे को हाऊ डू यू डू' बहुत फेमस हुआ था।

फिल्म: भावनाओं को समझो
रोल: दया फ्रॉम गया
रिलीज इयर: 2010

साल 2010 में आई फिल्म भावनाओं को समझो में राजू ने वसूली करने वाले का रोल किया। फिल्म में उनका नाम 'दया फ्रॉम गया' था। इस फिल्म में श्मशान के एक सीन को खूब पसंद किया। इसमें दया एक मुर्दे को जिंदा कर देता है। इसके बदले वो उसके ब्याज देने के लिए कुछ इस तरह से कहता है, 'I am Daya from Gaya, दे दे ब्याज दे, ब्याज दे, ब्याज दे रे...मारो ब्याज दे।'

फिल्म: बिग ब्रदर
रोल: ऑटो रिक्शा ड्राइवर
रिलीज इयर: 2007

बिग ब्रदर वैसे तो एक्शन फिल्म थी। इसमें सनी देओल लीड रोल में थे। लेकिन राजू श्रीवास्तव का ऑटो ड्राइवर का रोल खूब पसंद किया गया। इस फिल्म के एक सीन के दौरान राजू अपने साथी ड्राइवर्स के साथ हंसी-मजाक करते हैं। वो दोस्तों को एक किस्सा सुनाते हैं। वो कहते हैं, "भइया कल हमारे ऑटो में एक बुजुर्ग बैठा। बार-बार हल्के होने के लिए ऑटो रुकवा रहा था। तंग आकर हमने पूछा भइया आपको चैन नहीं है क्या। इस पर उन्होंने कहा कि बेटा चेन तो है, लेकिन खुल नहीं रही है।" इसके बाद सभी जोर-जोर से हंसने लगते हैं।

फिल्म: बॉम्बे टू गोवा
रोल: अस्पताल का वार्ड बॉय
रिलीज इयर: 2007

साल 2007 में आई बॉम्बे टू गोवा फिल्म में राजू अस्पताल के वार्ड बॉय के रोल में दिखाई दिए। फिल्म में राजू एक मरीज को व्हील चेयर में बैठाकर इलाज के लिए ले जा रहे हैं। इस दौरान वो उसे भूतों की कहानियां सुनाकर डराने लगते हैं। कहानी सुनाते-सुनाते वो मरीज को सीढ़ियों के नीचे फेंक देते हैं।

फिल्म: जहां जाइएगा, हमें पाइएगा
रोल: नौकर
रिलीज इयर: 2007

जहां जाइएगा, हमें पाइएगा फिल्म 2007 में रिलीज हुई क्राइम-थ्रिलर मूवी थी। इस फिल्म में राजू सेठ बने कादर खान के नौकर के रोल में दिखाई दिए। एक सीन में वो अपने मालिक की जेब से 10 रुपए चुराते हैं। लेकिन मालिक उन्हें पकड़ लेता है। ये सीन आज भी यू-ट्यूब पर काफी वायरल है।

इन किरदारों के अलावा राजू श्रीवास्तव फिल्म बाजीगर में चार्ली का दोस्त, मैं प्रेम की दीवानी हूं में नौकर और मैंने प्यार किया फिल्म में ड्राइवर के रोल में दिखे थे। उनकी अमिताभ बच्चन और दूसरे फिल्म स्टारों की मिमक्री को भी खूब पसंद किया गया।

राजू की फिल्मोग्राफी से जुड़ा ये ग्राफिक देख लेते हैं...

  • राजू की कॉमेडी के 5 सबसे चर्चित डायलॉग

नाई के नाम ने राजू को कॉमेडी किंग बनाया, लोवर बर्थ और लालू की मिमिक्री से बनाई पहचान

राजू श्रीवास्तव...नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान खिल उठती है। दिमाग में गजोधर, संकठा, बैजनाथ और पुत्तन जैसे नाम घूम जाते हैं। राजू ने इन नामों का अपनी कॉमेडी में इतना प्रयोग किया कि यह नाम देशव्यापी हो गए। गजोधर तो इतना पॉपुलर हुआ, खुद राजू श्रीवास्तव का नाम पड़ गया।

आज हम राजू श्रीवास्तव के उन 5 चर्चित कॉमेडी डायलॉग को जानेंगे जिसने उन्हें शिखर पर पहुंचा दिया, लेकिन इसके पहले हम उनके उपनाम गजोधर भइया की कहानी जान लेते हैं।

सीने पर गिटार बनवाए थे गजोधर भइया
राजू श्रीवास्तव के मामा का घर उन्नाव के बीघापुर गांव में है। राजू बताते हैं, "बचपन में जब हम मामा के घर जाते थे उस वक्त वहां बाल काटने के लिए एक नई आते थे। उनका नाम गजोधर था। हमेशा मजे लेते रहते थे। सीने पर गिटार का टैटू बनवाया था। कहते थे कि जब खुजली करता हूं तब ये बजता है। वह इतने मजाकिया थे कि उनका नाम मेरी जुबान पर चढ़ गया।"

द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के पहले सीजन के फाइनल तक पहुंचे थे राजू। ये तस्वीर उसी शो के दौरान की है।
द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के पहले सीजन के फाइनल तक पहुंचे थे राजू। ये तस्वीर उसी शो के दौरान की है।

अब उनके 5 बेहतरीन डायलॉग्स पर चलते हैं...

डायलॉग 1: जब स्टेशन पर पहुंचे थे गजोधर
राजू की कॉमेडी का एक बड़ा हिस्सा रेलवे स्टेशन के आसपास का रहा है। "ऐ यादव, संकठा, गजोधर, बिरजू, ई ट्रेन अपना छूटा या बाजू वाला" इतना ज्यादा पॉपुलर हुआ कि आज भी इस पर सबसे ज्यादा मीम्स बनते हैं। राजू की आवाज के साथ शॉर्ट वीडियो बनाए जा रहे हैं।

डायलॉग 2: लोवर बर्थ के टिकट के लिए मारामारी
द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज के मंच पर राजू ने लोवर बर्थ को लेकर धाकड़ कॉमेडी की थी। एक व्यक्ति 500 रुपए ज्यादा चुकाकर लोवर बर्थ टिकट लेता है। हवा खाते हुए जा रहा, तभी एक महिला अपनी बूढ़ी सास के साथ आती है। विनती करती है कि लोवर बर्थ दे दीजिए। गजोधर लोवर बर्थ दे देते हैं। कुछ देर ऊपर लेटने के बाद नीचे लेटकर लोगों को चप्पल थमाने की भूमिका में आ जाते हैं।

द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के जज शेखर सुमन ने कहा था कि राजू जितनी मजेदार कॉमेडी करते हैं, उतने ही बेहतर उनके फेशियल एक्सप्रेशन भी रहते हैं।
द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज शो के जज शेखर सुमन ने कहा था कि राजू जितनी मजेदार कॉमेडी करते हैं, उतने ही बेहतर उनके फेशियल एक्सप्रेशन भी रहते हैं।

डायलॉग 3: जागते रहो, मेरे भरोसे न रहो
राजू श्रीवास्तव ने अपनी बिल्डिंग के गार्ड को लेकर एक कहानी सुनाई। बिल्डिंग के सारे लोग इकट्ठा हुए और तय हुआ कि गार्ड को नौकरी से निकाल दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि वह जागते रहो तो बोलता था, लेकिन आगे धीरे से बोलता, मेरे भरोसे न रहो।

डायलॉग 4: गोरा बनाने वाली क्रीम
राजू ने कभी किसी के रंग को लेकर कॉमेडी नहीं की। गोरा करने वाली क्रीम के ऐड को लेकर लगातार क्रिटिसाइज किया। लाफ इंडिया लाफ शो में उन्होंने कहा, "फेयर हैंडसम क्रीम का ऐड विराट कोहली कर रहे हैं जो पैदाइशी गोरे हैं। गोरा कर देने की इतनी ही क्षमता है तो मुझ पर लगवा कर चेक करें।"

डायलॉग 5: कैटरीना का नाम सावित्री होता तो क्या होता
राजू श्रीवास्तव कपिल शर्मा के मशहूर शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में पहुंचे थे। उन्होंने एक्ट्रेस के नाम को लेकर कॉमेडी शुरू की। अगर कैटरीना का नाम सावित्री देवी, आलिया भट्ट का नाम सत्यवती, कपिल का नाम रमाशंकर, सिद्धू का नाम अयोध्या प्रसाद होता तो कैसा होता? क्या यह इतना पॉपुलर हो पाते?

इसके बाद राजू ने कहा, कुछ जिले ऐसे होते हैं जैसे वो किसी कोने शर्मीली लड़की की तरह खड़े हैं। जैसे, बरेली, उरई, परैल, पुरी, पुणे, चुरु। कुछ जगह ऐसे हैं जो घमंड से भरे हैं, कर्नाटक, चित्तौड़गढ़, भटिंडा, हावड़ा, काटगोदाम। हावड़ा, नाला सोपारा।

कपिल शर्मा के मशहूर शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में स्टैंडअप कॉमेडी करते राजू श्रीवास्तव।
कपिल शर्मा के मशहूर शो कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में स्टैंडअप कॉमेडी करते राजू श्रीवास्तव।

राजू की कॉमेडी के टॉप-5 डायलॉग यहां खत्म होते हैं। स्टैंडअप कॉमेडी पर उन्होंने एक बार बड़ी रोचक बात कही थी। उसे भी जानना चाहिए...

राजू ने कहा था, जब मैं मुंबई आया तब लोग कॉमेडियन को बढ़िया एक्टर नहीं समझते थे। उस वक्त जोक्स जॉनी वॉकर से शुरू होकर जॉनी लीवर पर आकर खत्म हो जाते थे। उस वक्त स्टैंड अप कॉमेडी का कोई स्कोप नहीं था। इसलिए शुरू के दिनों में मुझे वह नहीं मिल सका जो मुझे चाहिए था।

ग्राफिक: निशु कुमारी

नोट: खबर में शामिल किए गए वीडियो यू-ट्यूब से लिए गए हैं।