रामविवाह के उल्लास में डूबी अयोध्या:12 मंदिरों से धूमधाम से निकली राम बारात, 2 लाख भक्त हुए शामिल

अयोध्या8 महीने पहले
दूल्हा स्वरूप में भगवान के विग

अयोध्या में बुधवार को 12 मंदिरों से रामबारात निकली। भव्य रथ पर विराजमान भगवान श्री राम चारों भैया के स्वरूप जहां एक और आकर्षण का केंद्र बने रहे। करीब दर्जन भर रथों पर भव्य प्रकाश के बीच धूमधाम से निकली बारात अयोध्या के सन्नाटे को तोड़ उल्लास को चटख करने वाली रही। जानकी महल से निकलकर श्रृंगार हाट हनुमानगढ़ी होते हुए नगर भ्रमण के बाद बारात जानकी पहुंची। वहां बारातियों का भव्य स्वागत किया गया देश के कोने कोने से प्रभु श्री राम माता जानकी का विवाह देखने के लिए श्रद्धालुओं आए हैं उन्होंने प्रभु श्री रामा माता जानकी के भव्य विवाह उत्सव में शामिल होकर अपने आपको धन्य मान रहे हैं।

अयोध्या में बिहुति भवन में प्रभु श्री राम का विवाह उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है वैसे तो अगहन मास के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को प्रभु राम जी का भव्य विवाह उत्सव होता है लेकिन इस मंदिर में साल के कुछ पंचमी को छोड़कर बाकी सभी प्रभु का विवाह मनाया जाता है। कौशल्या जी माता जानकी को कनक भवन मुंह दिखाई में दिया था ऐसी मान्यता है कनक भवन से प्रभु श्री राम की भव्य बारात निकाली गई जिसकी अलौकिक छटा देखते ही बनती थी ढोल नगाड़े हाथी घोड़ों के साथ यह बारात अयोध्या में नगर भ्रमण के बाद वापस कनक भवन पहुंची।

चक्रवर्ती महाराज श्री दशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान से बैंड बाजे, हाथी, घोड़े के साथ दिव्य-भव्य, अलौकिक रथ पर निकली रामबारात श्रद्धालुओं, भक्तों की श्रद्धा एवं आकर्षण का केन्द्र बनी रही। दूल्हा स्वरूप में भगवान के विग्रह जहां एक रथ पर विराजमान रहे वहीं दूसरे रथ पर श्रीराम चारों भाईयों के स्वरूप दूल्हा सरकार के रूप में विराजमान रहे। मंदिर से बारात प्रस्थान होने के पूर्व विग्रह एवं भगवान के स्वरूपों की भव्य आरती, पूजन, प्रसाद वितरण किया गया।

रामनगरी में रामविवाहोत्सव अवसर पर विभिन्न मंदिरों से निकली भव्य रामबारात श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बनी रही
रामनगरी में रामविवाहोत्सव अवसर पर विभिन्न मंदिरों से निकली भव्य रामबारात श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बनी रही

विन्दुगाद्याचार्य देवेन्द्रप्रसादाचार्य महाराज ने श्रीराम चारों भाईयों के स्वरूपों को पुष्पहार अर्पित एवं आरती कर धूमधाम से बाजे गाजे के साथ श्रीरामबारात ने प्रस्थान किया। श्रीरामबारात में हजारों की संख्या में संत-महांत भक्त झूमते, नाचते, जयश्रीराम का उद्घोष करते हुये बारात में शामिल हुये। बैंड बाजे, विद्युत सजावटों के मध्य चल रही रामबारात का मार्ग में जगह-जगह, आरती, पूजन, पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण होता रहा। बड़ास्थान से निकली रामबारात अमावां मंदिर, लवकुश मंदिर, कोशलेस सदन, अशर्फी भवन, मातगैड़ चैराहा, पोस्ट आफिस, श्रृंगारहाट, हरद्वारी बाजार, हनुमानगढ़ी होते हुये वापस मंदिर पहुंची।

रामनगरी में रामविवाहोत्सव अवसर पर विभिन्न मंदिरों से निकली भव्य रामबारात श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बनी रही। रंगमहल मंदिर से महंत रामशरण दास जी महाराज के निर्देशन में निकली दिव्य-भव्य रामबारात श्रद्धाकर्षण का केन्द्र रही। हाथी, घोड़े, बैंडबाजा के साथ मंदिर परिसर से रामबारात निकली तो भक्तों का उत्साह प्रत्यक्षदर्शित हो उठा। जगह-जगह राम बारात का श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रंगमहल के महंत रामशरण दास ने बताया की अगहन शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को प्रभु श्री राम का विवाह त्रेता युग में हुआ था।

हम अयोध्यावासी उसी तिथि पर भगवान श्री राम का भव्य विवाह का आयोजन करते हैं। हाथी घोड़ा बैंड बाजा से सजी बारात में प्रभु श्री राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न की जोड़ी देखते ही बन रही थी। लक्ष्मण किला, रामहर्षण कुंज, राम कचहरी मंदिर सहित अन्य मंदिरों से रामबारात निकाली गयी जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे।

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