SSCGD-2018 के अभ्यर्थी बोले- वर्दी दो या फिर अर्थी दो:लिखित परीक्षा पास की, दौड़ निकाली और मेडिकल क्लीयर किया; 4 साल बाद भी नौकरी नहीं

4 महीने पहलेलेखक: राजेश साहू

बड़ी मुश्किल से मिली है ये आजादी, हम इसे खोने नहीं देंगे। देश में रह रहे गद्दारों को हम छोड़ने नहीं देंगे। हमें वर्दी दो या फिर हमें अर्थी दो।

यह शायरी नागपुर के संविधान चौक पर व्हीलचेयर पर बैठे SSCGD-2018 के अभ्यर्थी ने कैमरे के सामने सुनाई। व्हीलचेयर पर क्यों? क्योंकि 4 मार्च 2022 से वह अपनी मांग को लेकर आमरण अनशन पर थे। अभ्यर्थियों की मांग है कि उन्हें सेना में नियुक्ति दी जाए। क्योंकि वह परीक्षा पास हैं। दौड़ निकाल चुके हैं और मेडिकली फिट हैं। सरकार के पास पद भी खाली है।

जब सब सही है तो फिर पेंच कहां फंस रहा है? आइए शुरू से बात करते हैं।

नागपुर के संविधान चौक में एसएससी जीडी 2018 भर्ती के अभ्यर्थियों ने 4 मार्च से आंदोलन कर रखा है।
नागपुर के संविधान चौक में एसएससी जीडी 2018 भर्ती के अभ्यर्थियों ने 4 मार्च से आंदोलन कर रखा है।

2018 में 54 हजार पदों पर भर्ती निकली जो बाद में 60 हजार हो गई
SSC यानी स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने 21 मई 2018 को कॉस्टेबल की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला। भर्ती की संख्या विज्ञापन निकालते समय 54 हजार थी। लेकिन बाद में इसे 60,210 कर दिया गया। ये भर्तियां CRPF, BSF, CISF, NIA और असम राइफल्स में होनी थी। 21 जुलाई 2018 से 20 जुलाई 2018 तक फॉर्म भरे गए।

52 लाख अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा जिसमें 30 लाख ने परीक्षा दी
फॉर्म भरने वालों की उम्र 18 से 23 के बीच तय की गई। यानी 2 अगस्त 1995 के पहले पैदा हुए और 1 अगस्त 2000 के बाद पैदा हुए अभ्यर्थी अप्लाई नहीं कर सकते थे। कुल 52,20,335 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा। फरवरी 2019 में लिखित परीक्षा हुई तो 30,41,284 अभ्यर्थी शामिल हुए। 22 लाख अभ्यर्थी परीक्षा ही नहीं देने गए। लिखित परीक्षा के बाद 5,54,903 अभ्यर्थियों को अगस्त 2019 में फिजिकल परीक्षा के लिए बुलाया गया। इस परीक्षा में सिर्फ 5 किमी की दौड़ थी। लांग या हाई जंप नहीं था।

फिजिकल परीक्षा में 3,83,860 छात्र शामिल हुए। इसमें 1,75,370 अभ्यर्थियों ने फिजिकल परीक्षा को भी पास कर लिया। जनवरी 2020 में इन सभी अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए बुलाया गया जहां 1.09 लाख अभ्यर्थी पास हो गए। यहीं मामला फंस गया। एसएससी के पास पद 60,210 थे और पास होने वाले अभ्यर्थी 49 हजार अधिक थे। भर्ती रुक गई। इसी बीच केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े जारी किए तो अभ्यर्थी उम्मीद से भर गए।

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि सेना में 1.11 लाख पद खाली हैं।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि सेना में 1.11 लाख पद खाली हैं।

केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में बताया सेना में 1.11 लाख पद खाली हैं
विपक्ष ने सरकार से सेना में खाली पदों की संख्या पूछा तो 21 मई 2020 को जवाब देने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय खड़े हुए। उन्होंने बताया कि सेना में इस वक्त 1,11,093 पद खाली हैं। उन्होंने विभाग के आधार पर बताया कि BSF में 28,926, CRPF में 26,506, CISF में 23,906, SSB में 18,643, ITBP में 5,784 और असम रायफल्स में 7,328 पद खाली हैं।

60 हजार के बजाय 55 हजार को दी जॉइनिंग तो छात्रों ने शुरू कर दिया आंदोलन
21 जुलाई 2020 को एसएससी ने कटऑफ बदला और 1.09 लाख मेडिकल फिट अभ्यर्थियों में 55,912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी। पहले से तय सीटों में भी 4,298 सीटों की कमी कर दी गई। यहां से अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले यह आंदोलन राज्य के स्तर पर था लेकिन इसके बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थी 27 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंच गए।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर करीब 4 महीने तक प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान तिरंगा यात्रा भी निकाली।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर करीब 4 महीने तक प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान तिरंगा यात्रा भी निकाली।

अभ्यर्थियों का आंदोलन जुलाई 2020 से अभी तक लगातार चल रहा है। जगहें बदल गई। इस दौरान तिरंगा यात्रा निकली। विपक्ष के नेता मंच पर आए। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से आंदोलनकारियों ने मुलाकात की लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।

नागपुर में 4 मार्च से भूख हड़ताल पर हैं, आत्मदाह की धमकी दे रहे हैं
अभ्यर्थियों का आंदोलन इस वक्त महाराष्ट्र के नागपुर में चल रहा है। 20 फरवरी से संविधान चौक पर करीब 250 अभ्यर्थियों ने आंदोलन शुरू हुआ। 4 मार्च से उन लोगों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। हर दिन एंबुलेंस आती थी, ब्लेड प्रेशर चेक करती और अस्पताल लेकर चली जाती। एक महीने के अंदर 30 आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

नितिन गडकरी ने ऊपर तक बात पहुंचाने की बात कही
अभ्यर्थी पिछले हफ्ते केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने पहुंचे। गडकरी ने उनकी बात सुनी। कहा, "मामला हमारे मंत्रालय से नहीं है लेकिन हम आपकी बात को उचित जगह तक पहुंचाएंगे।" गडकरी ने अभ्यर्थियों से अनशन खत्म करने की अपील की। अभ्यर्थियों ने बात मान ली और अनशन खत्म कर दिया है। वे हालांकि धरना स्थल पर बने हुए हैं। उनका कहना है कि 25 अप्रैल तक बात नहीं मानी गई तो गडकरी के घर के सामने आत्मदाह कर लेंगे।

संविधान चौक पर बैठे अभ्यर्थियों को जांचने आने वाली एंबुलेंस हर दिन किसी न किसी को हॉस्पिटल में भर्ती करती थी।
संविधान चौक पर बैठे अभ्यर्थियों को जांचने आने वाली एंबुलेंस हर दिन किसी न किसी को हॉस्पिटल में भर्ती करती थी।

आंदोलनकारी छात्रों की चार जरूरी मांग
हमने इसके लिए इसी भर्ती से जुड़े प्रदीप से बात की। उन्होंने बताया, “2020 में केंद्रीय मंत्री ने सेना में 1.11 लाख पद खाली होने की बात कही थी। दो साल बीत गए अब और पद खाली हो गए। ऐसे में अगर चाहें तो सभी की भर्ती कर सकते हैं।”

प्रदीप ने आगे कहा, “सरकार ने 60 हजार के बजाय 55,912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। जिन्हें नियुक्ति पत्र दिया उसमें भी करीब 5 हजार अभ्यर्थी जॉइन करने नहीं आए। सरकार ने कोई भी दूसरी लिस्ट जारी करके अभ्यर्थियों को मौका नहीं दिया।”

प्रदीप कहते हैं कि भर्ती को चार साल बीत गए हैं, जो इस भर्ती के भरोसे हैं वह सभी ओवरएज हो गए हैं। अब वह किसी भी भर्ती में शामिल नहीं हो पाएंगे। ऐसे में अगर सरकार थोड़ा लचीला रुख अपनाए तो हम सभी का भला हो सकता है।

प्रदीप ने आखिरी में कहा, “हम सरकार से सभी की भर्ती की मांग नहीं कर रहे हैं लेकिन जिन 4298 पदों पर कोई भर्ती नहीं हुई वह और जो अभ्यर्थी नियुक्ति के बाद जॉइन नहीं करने आए उन सीटों पर तो कम से कम नियुक्ति दें।”

पिछले डेढ़ साल से अभ्यर्थी दिल्ली, एमपी, लखनऊ में प्रदर्शन करते रहे हैं। अभी तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है।
पिछले डेढ़ साल से अभ्यर्थी दिल्ली, एमपी, लखनऊ में प्रदर्शन करते रहे हैं। अभी तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है।

इनके मामलों में कोर्ट ने अभी तक क्या कहा है
इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थी कई बार कोर्ट गए। 13 फरवरी 2021 को जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट गए तो वहां कहा गया कि आप दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करें। रायपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई तो कुछ दिन बार कोर्ट ने अभ्यर्थियों के ही पक्ष में फैसला दिया। फिलहाल अभी तक अभ्यर्थी सड़क पर हैं। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि एक दिन नियुक्ति मिलेगी।